
नई दिल्ली, ठंड के मौसम में घर को गरम रखने के लिए अक्सर महंगा हीटर या इलेक्ट्रिक गैजेट खरीदना पड़ता है, लेकिन अब एक कम लागत वाला देसी जुगाड़ सोशल मीडिया और यूट्यूब पर चर्चा में है। इसके लिए केवल 4 ईंटें, एक मिट्टी का गमला और कुछ मोमबत्तियाँ ही काफी हैं — और यह तरीका कमरे को गरम रखने में मदद कर सकता है, बिना हीटर के इस्तेमाल के।
यह देसी “हीटर” कैसे काम करता है
इस सरल उपाय के पीछे गर्मी संचयन (Heat Retention) की वैज्ञानिक प्रक्रिया काम करती है:
ईंटों का थर्मल मास – ईंटें हीट को स्टोर करती हैं क्योंकि मिट्टी और ईंट में थर्मल कंडक्टिविटी कम होती है, जिससे वे गर्माहट को देर तक बरक़रार रखती हैं.
मिट्टी का गमला रेडिएटर की तरह – मिट्टी के गमले की छिद्रों वाली सतह गर्मी को धीरे‑धीरे कमरे में फैलाती है, जैसे रेडिएटर करता है।
मोमबत्तियाँ हीट स्रोत के रूप में – गमले के अंदर जल रही मोमबत्तियाँ ताप उत्पन्न करती हैं; गमला और ईंटें उस गर्मी को सोखकर बाद में कमरे में छोड़ती हैं।
यह संयोजन ही छोटे‑से उपकरण को हीटिंग सिस्टम जैसा बनाता है, जो हीटर के बिना तापमान को महसूस करने योग्य तरीके से बढ़ा सकता है।
सामग्री और तैयारी
इस देसी जुगाड़ वाली व्यवस्था को बनाने के लिए आपको आवश्यक है:
4 ईंटें – मजबूत प्लेटफॉर्म और गर्माहट को स्टोर करने के लिए।
एक मिट्टी का गमला (क्ले पॉट) – यह हीट को फैलाने में मदद करेगा।
मोमबत्तियाँ (2‑3) – ताप स्रोत।
फॉइल पेपर/एल्युमिनियम पन्नी – गर्मी को अंदर काबू में रखने के लिए मददगार (वैकल्पिक)।
Step‑by‑Step: घर पर ऐसे बनाएं
- ईंटों को चारों तरफ रखें ताकि एक छोटा प्लेटफॉर्म तैयार हो।
- मोमबत्तियाँ बीच में रखें और जलाएँ (यह आपका हीट स्रोत है).
- गमला upside‑down (मुंह नीचे) मोमबत्तियों के ऊपर रखें — यह ढक्कन जैसा कार्य करेगा.
- यदि उपलब्ध हो तो फॉइल पेपर से ऊपर को कवर करें ताकि गर्मी अंदर लम्बे समय तक बनी रहे.
- कमरे के दरवाज़े/खिड़कियों के छिद्र बंद करें और रूम इंसुलेशन (कालीन/डोर सील) करें — इससे गर्म हवा बाहर नहीं जाएगी.
यह तैयार व्यवस्था एक‑दो घंटे तक हल्की‑सी गर्माहट देती है, जो छोटे कमरे या कोनों में ठंड को कम महसूस करवाती है*।
सुरक्षा सुझाव
भोजन पकाने जैसा खुला आग नहीं: मोमबत्तियाँ जल रही हों तो आसपास सूखे कपड़े, कागज़ या प्लास्टिक न रखें।
अच्छा वेंटिलेशन: कमरे में थोड़ा वेंटिलेशन होना जरूरी है ताकि CO₂ buildup न हो।
नज़र रखकर उपयोग: यह स्थायी हीटर की तरह नहीं है — इसे लगातार unattended न छोड़ें।
फायदे — हीटर की ठंड में सस्ता विकल्प
कम खर्च — महंगे हीटर या गैजेट्स की तुलना में यह उपाय किफायती है।
सरल सामग्री — घर में आमतौर पर उपलब्ध सामग्री से बन जाता है।
ऊर्जा बचत — बिजली या गैस खर्च को कम करता है।
पर्यावरण ख़र्च कम — कम ऊर्जा का इस्तेमाल और घरेलू तरीका अधिक पारंपरिक।
विशेषज्ञ टिप
घरेलू इंसुलेशन — जैसे दरवाज़े/खिड़कियों के नीचे थोड़ा कपड़ा या सील टेप लगाना, कालीन बिछाना और मोटी पर्दे रखना — कमरे की गर्माहट को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद करता है। यह तकनीक थर्मल मास के सिद्धांत पर आधारित है जिसे कई वास्तु और ऊर्जा‑प्रबंधन शोध में अपनाया जाता है कह सकते हैं।
4 ईंटों और मिट्टी के गमले के साथ यह देसी जुगाड़ हीटर कड़कड़ाती ठंड में कमरे को कुछ हद तक गर्म रखने का एक किफायती तरीका है। हालांकि यह हीटर की तरह पूरी हीट प्रदान नहीं करेगा, लेकिन छोटे कमरे या स्थानों में हीटर की भारी लागत और बिजली बिल से बचाते हुए कुछ गरमाहट महसूस कर सकता है — बशर्ते सुरक्षा नियमों का पालन करें।









