
बिहार, बिहार में इस बार सर्दी की मार पहले से भी अधिक गंभीर रूप ले रही है और भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 14 जनवरी 2026 तक तक का विस्तृत पूर्वानुमान जारी कर दिया है। राज्य के कई जिलों में कोल्ड-डे, कोल्ड वेव और घने कोहरे के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है और विशेषज्ञों का कहना है कि यह ठंड भविष्य के कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है।
हालिया ठंड की स्थिति — कैसे बढ़ी है ठिठुरन
बिहार में पिछले कई दिनों से उत्तरी-पश्चिमी हवाओं के कारण तापमान में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। इन हवाओं की तीव्रता और शुष्क मौसम ने रात और सुबह के समय तापमान को सामान्य से काफी नीचे धकेल दिया है, जिससे तन के अंदर तक ठंड का असर बढ़ गया है और लोगों को खून जमा देने वाली ठंड का एहसास हो रहा है।
राज्य के कई हिस्सों में सक्रिय घने कोहरे ने दृश्यता को कम किया है और ट्रैफिक तथा रोजमर्रा की गतिविधियों को प्रभावित किया है। IMD के अनुसार अगले कुछ दिनों तक कोहरा बना रह सकता है, खासकर सुबह के समय।
मौसम विभाग का 14 जनवरी तक का पूर्वानुमान
प्रदेश में 14 जनवरी तक तापमान और मौसम की स्थिति कैसी रहने वाली है, इसका विस्तृत पूर्वानुमान इस प्रकार है:
कोल्ड वेव और कोल्ड-डे कंडीशंस
IMD ने चेतावनी दी है कि लोगों को ठंड की क्रूर मार से सावधान रहने की जरूरत है। अभी से 14 जनवरी तक कई हिस्सों में कोल्ड-डे और कोल्ड वेव जैसी स्थिति बन सकती है, जिससे खासकर सुबह और रात के तापमान में गिरावट बनी रहेगी।
घना कोहरा बढ़ेगा
अगले कुछ दिनों तक सुबह के समय घना से बहुत घना कोहरा होने की संभावना है, विशेषकर पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, दरभंगा और अन्य मैदानी जिलों में। इससे दृश्यता बेहद कम रहेगी और सड़क, रेल या हवाई यात्रा प्रभावित हो सकती है।
तापमान का रुझान
भले ही दिन के समय धूप थोड़ी नजर आए, लेकिन रात और सुबह के तापमान में गिरावट अधिक रहेगी। कई जिलों में न्यूनतम तापमान 6°C से नीचे तक जाने का अनुमान है, जिससे ठंड का असर और गंभीर हो जाएगा।
कहां रहेगी ठंड सबसे ज्यादा?
IMD के पूर्वानुमान और स्थानीय रिपोर्टों के आधार पर कुछ ऐसे इलाकों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जा रही है:
- पटना जिले में सुबह-शाम बेहद ठंड
- दरभंगा और मिथिला क्षेत्र में ठिठुरन और कोहरा
- भागलपुर, मुजफ्फरपुर और समानांतर मैदानी इलाके में रात का तापमान लगातार कम
ये इलाके गर्मी की अपेक्षा कम तापमान और कोहरे की जकड़ में रहेंगे, खासकर सुबह से दोपहर तक धूप का असर कम रहेगा।
स्कूल और प्रशासनिक निर्णय
हाल में मौसम की गंभीरता को देखते हुए कई जिलों ने स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद रखने की घोषणा भी की है। शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं क्योंकि घने कोहरे और ठंडी हवाएं विशेष रूप से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ा सकती हैं।
यात्रियों और आम लोगों के लिए सलाह
मौसम विभाग और विशेषज्ञों ने कुछ महत्वपूर्ण सलाह दी हैं ताकि लोग सुरक्षित रहें:
सुबह और रात के समय गर्म कपड़े पहनें और शरीर को पूरी तरह ढकें
बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को घर में रहने या बहुत जरूरी काम के लिए ही बाहर ले जाने की सलाह
कोहरे के समय यात्रा करते वक्त सतर्क रहें, धीमी रफ्तार से यात्रा करें
घने कोहरे वाले इलाकों में दृश्यता कम होने के कारण ड्राइविंग में अतिरिक्त सावधानी बरतें
अगर वृद्धि हो तो ट्रांसपोर्ट सेवा के लिए संबंधित अधिकारियों की सलाह में रहें
समय रहते सावधान होने से छोटे-बड़े हादसों से बचा जा सकता है।
स्वास्थ्य पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि की ठंड और कोहरे से कुछ स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जैसे:
सर्दी-खांसी
नाक बंद होना
सांस लेने में दिक्कत
बुजुर्गों में हायपनिया या निमोनिया जैसे जोखिम
बच्चों में ठंड संबंधी संक्रमण बढ़ सकते हैं
इसलिए खासकर बच्चों और वृद्धों में स्वास्थ्य पर नजर रखना जरूरी है।
बिहार का मौसम स्कैन
बिहार की सर्दी इस बार न केवल हड्डियों तक पहुंच रही है, बल्कि 14 जनवरी तक मौसम विभाग के अलर्ट के अनुसार ठंड और कोहरे की तीव्रता बनी रहने की संभावना है। इस दौरान दिन के तापमान में थोड़ी गर्मी लग सकती है, लेकिन रात और सुबह के समय रात की ठंड, हवाओं की ठंड और घने कोहरे का असर ज्यादा रहेगा।
इसके परिणामस्वरूप आम लोगों के दैनिक जीवन, स्कूलों, यात्रा और स्वास्थ्य पर प्रभाव साफ दिखाई देगा। इसलिए मौसम विभाग की सलाह के अनुसार सावधानी और तैयारी करना जरूरी है।
बिहार में 14 जनवरी तक सर्दी की मार जारी रहेगी। ठंड, कोल्ड-डे और कोल्ड वेव की स्थिति के साथ घना कोहरा भी बना रहेगा, जिससे आम जीवन प्रभावित हो सकता है। तैयारी और चेतावनी के साथ आगे के दिनों में भी मौसम अपडेट पर नजर रखना आवश्यक है।








