
रीवा में सिनेमा, रंगमंच और संस्कृति का महासंगम
पांच दिनों तक विश्वस्तरीय फ़िल्में, नाटक, मास्टर क्लास और संगीत की प्रस्तुति
रीवा। संस्कृति, इतिहास और पर्यटन की दृष्टि से विंध्य क्षेत्र की पहचान रहे रीवा नगर में एक बार फिर कला, सिनेमा और रंगमंच का भव्य उत्सव साकार होने जा रहा है। 28 जनवरी से 01 फरवरी 2025 तक रीवा में ‘चित्रांगन अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म एवं नाट्य महोत्सव’ का आयोजन किया जाएगा। यह पांच दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव स्थानीय कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम में आयोजित होगा।
इस महोत्सव का आयोजन रंग उत्सव नाट्य समिति द्वारा किया जा रहा है, जो विंध्य क्षेत्र में लंबे समय से रंगमंच और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय है। आयोजन को लेकर रीवा सहित पूरे संभाग के कला प्रेमियों, रंगकर्मियों और युवाओं में उत्साह का माहौल है।
विंध्य क्षेत्र में विश्वस्तरीय कला मंच तैयार करने का प्रयास
महोत्सव के फेस्टिवल डायरेक्टर अंकित मिश्रा एवं शुभम पाण्डेय ने बताया कि ‘चित्रांगन अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म एवं नाट्य महोत्सव’ का मुख्य उद्देश्य विंध्य क्षेत्र में विश्वस्तरीय सिनेमा, रंगमंच और सांस्कृतिक पर्यटन को प्रोत्साहित करना है।
उन्होंने कहा कि अक्सर बड़े सांस्कृतिक आयोजन महानगरों तक सीमित रह जाते हैं, जबकि विंध्य जैसे सांस्कृतिक रूप से समृद्ध अंचल में भी कला की अपार संभावनाएं हैं। इसी सोच के साथ रीवा को एक सांस्कृतिक केंद्र (Cultural Hub) के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।
उप-मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल का मार्गदर्शन
इस अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव के आयोजन के मार्गदर्शक मध्यप्रदेश के उप-मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल हैं। आयोजकों के अनुसार उप-मुख्यमंत्री का निरंतर मार्गदर्शन और समर्थन मिलने से इस आयोजन को एक सशक्त स्वरूप मिला है।
रीवा और विंध्य क्षेत्र के विकास में संस्कृति और पर्यटन को महत्वपूर्ण आधार मानते हुए यह महोत्सव न केवल कला जगत, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन के लिए भी लाभकारी सिद्ध होगा।
पांच दिनों तक सिनेमा और रंगमंच का उत्सव
महोत्सव के दौरान प्रतिदिन दर्शकों के लिए विविध और समृद्ध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें—
अंतर्राष्ट्रीय और भारतीय फिल्मों का प्रदर्शन
बॉलीवुड एवं रंगमंच के प्रतिष्ठित कलाकारों की मास्टर क्लास
युवाओं के लिए अभिनय, निर्देशन और लेखन पर संवाद सत्र
शाम के समय नाट्य प्रस्तुतियां एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम
शामिल हैं। यह आयोजन कला प्रेमियों के लिए एक समग्र अनुभव प्रदान करेगा, जहां सीखने, देखने और संवाद करने के अवसर एक साथ उपलब्ध होंगे।
उद्घाटन दिवस पर ‘चक्रव्यूह’ का मंचन
महोत्सव का शुभारंभ 28 जनवरी को प्रसिद्ध अभिनेता डॉ. नितीश भारद्वाज द्वारा अभिनीत नाटक ‘चक्रव्यूह’ के मंचन के साथ होगा। यह नाटक महाभारत की पृष्ठभूमि पर आधारित है और समकालीन समाज से गहरे सवालों को जोड़ता है।
डॉ. नितीश भारद्वाज की सशक्त अभिनय शैली और नाटक की विषयवस्तु उद्घाटन दिवस को विशेष बनाएगी। आयोजकों के अनुसार इस नाटक को लेकर दर्शकों में विशेष उत्साह है।
मास्टर क्लास: युवाओं के लिए सुनहरा अवसर
महोत्सव के दौरान आयोजित मास्टर क्लास युवाओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। बॉलीवुड और रंगमंच से जुड़े अनुभवी कलाकार अपने अनुभव साझा करेंगे और—
अभिनय की बारीकियां
फ़िल्म निर्माण की प्रक्रिया
रंगमंच में करियर की संभावनाएं
लेखन और निर्देशन के तकनीकी पक्ष
पर विस्तार से चर्चा करेंगे। यह सत्र विंध्य क्षेत्र के उभरते कलाकारों के लिए मार्गदर्शक भूमिका निभाएंगे।
अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्मों का प्रदर्शन
‘चित्रांगन’ महोत्सव की एक बड़ी विशेषता अंतर्राष्ट्रीय स्तर की फिल्मों का चयन है। आयोजकों के अनुसार विभिन्न देशों की ऐसी फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा, जो—
सामाजिक सरोकारों से जुड़ी हों
नवाचार और प्रयोगधर्मिता को दर्शाती हों
मानवीय संवेदनाओं को केंद्र में रखती हों
इससे दर्शकों को वैश्विक सिनेमा को समझने और देखने का अवसर मिलेगा।
नाट्य एवं सांस्कृतिक संध्याएं
हर शाम महोत्सव में नाट्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। इनमें पारंपरिक और समकालीन नाटकों के साथ-साथ संगीत और लोक कलाओं की झलक भी देखने को मिलेगी।
आयोजकों का कहना है कि इन प्रस्तुतियों के माध्यम से स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को भी मंच प्रदान किया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय कलाकारों को पहचान मिलेगी।
समापन दिवस पर इंडियन ओशन की प्रस्तुति
महोत्सव का समापन 01 फरवरी को देश के प्रसिद्ध बैंड इंडियन ओशन की म्यूजिकल प्रस्तुति के साथ होगा। इंडियन ओशन की संगीत शैली युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय है और उनके गीत सामाजिक सरोकारों से जुड़े होते हैं।
इस समापन कार्यक्रम को लेकर रीवा और आसपास के जिलों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क
आयोजकों ने बताया कि ‘चित्रांगन अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म एवं नाट्य महोत्सव’ में प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक कारणों से कोई भी कला प्रेमी इस आयोजन से वंचित न रहे।
यह निर्णय आयोजन की समावेशी सोच को दर्शाता है।
रीवा को सांस्कृतिक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की पहल
यह महोत्सव केवल एक कला आयोजन नहीं, बल्कि रीवा को सांस्कृतिक पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ऐसे आयोजनों से—
पर्यटकों की संख्या में वृद्धि
स्थानीय कलाकारों को मंच
होटल, परिवहन और स्थानीय व्यवसाय को लाभ
जैसे सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलते हैं।
कला प्रेमियों से अपील
रंग उत्सव नाट्य समिति ने रीवा एवं विंध्य क्षेत्र के समस्त कला प्रेमियों, विद्यार्थियों, युवाओं और नागरिकों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में उपस्थित होकर इस महोत्सव को सफल बनाएं।
आयोजकों का कहना है कि दर्शकों की सहभागिता ही इस आयोजन की सबसे बड़ी ताकत है।
‘चित्रांगन अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म एवं नाट्य महोत्सव’ रीवा के सांस्कृतिक जीवन में एक ऐतिहासिक अध्याय जोड़ने जा रहा है। पांच दिनों तक सिनेमा, रंगमंच, संगीत और संवाद का यह संगम न केवल मनोरंजन प्रदान करेगा, बल्कि विचार, संवेदना और रचनात्मकता को भी नई दिशा देगा।
रीवा एक बार फिर साबित करने जा रहा है कि वह केवल ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहरों का नगर ही नहीं, बल्कि आधुनिक सांस्कृतिक चेतना का सशक्त केंद्र भी है।








