Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

आईएएस-आईपीएस का कैडर सिस्टम: कैसे तय होता है किस अधिकारी को कहां मिलेगी पोस्टिंग?

Author Image
Written by
HQ Report

संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा से लेकर कैडर आवंटन और राज्य-केन्द्र प्रतिनियुक्ति तक की संपूर्ण प्रक्रिया पर विशेष रिपोर्ट

नई दिल्ली। भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय पुलिस सेवा देश की अखिल भारतीय सेवाओं में प्रमुख स्थान रखती हैं। इन सेवाओं के अधिकारी न केवल राज्यों में प्रशासनिक और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालते हैं, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर केंद्र सरकार में भी महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हैं। आमजन में अक्सर यह जिज्ञासा रहती है कि आईएएस और आईपीएस अधिकारियों का कैडर कैसे तय होता है, किस आधार पर उन्हें किसी राज्य या संयुक्त कैडर में नियुक्ति मिलती है और आगे चलकर उनकी पोस्टिंग किन मानकों पर निर्भर करती है। प्रस्तुत है कैडर प्रणाली की विस्तृत जानकारी।

Advertisement Box

आईएएस और आईपीएस अधिकारियों का चयन संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से होता है। यह परीक्षा तीन चरणों में संपन्न होती है—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार। अंतिम चयन मेरिट सूची के आधार पर होता है। अभ्यर्थियों की रैंक, उनकी वरीयता सूची और उपलब्ध रिक्तियों को ध्यान में रखते हुए सेवा का आवंटन किया जाता है। जो अभ्यर्थी उच्च रैंक प्राप्त करते हैं, उन्हें उनकी प्राथमिकता के अनुरूप सेवा मिलने की संभावना अधिक होती है।

सेवा आवंटन के पश्चात अगला चरण कैडर आवंटन का होता है। भारत में प्रत्येक राज्य या कुछ राज्यों का समूह एक कैडर के रूप में निर्धारित है। उदाहरणस्वरूप, कुछ छोटे राज्यों के लिए संयुक्त कैडर की व्यवस्था है। कैडर प्रणाली का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिकारी अपने सेवा काल का अधिकांश समय एक निर्धारित राज्य या क्षेत्र में बिताएं, जिससे प्रशासनिक निरंतरता और स्थानीय परिस्थितियों की समझ विकसित हो सके।

कैडर आवंटन की वर्तमान नीति के अंतर्गत अभ्यर्थियों को विभिन्न जोनों में वर्गीकृत राज्यों की सूची दी जाती है। अभ्यर्थी अपनी प्राथमिकता के अनुसार जोन और राज्यों का चयन करते हैं। अंतिम कैडर आवंटन में उनकी रैंक, आरक्षण श्रेणी, वरीयता और उपलब्ध रिक्तियों को सम्मिलित रूप से ध्यान में रखा जाता है। यह प्रक्रिया पारदर्शिता और संतुलन सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार संपन्न होती है।

कैडर आवंटन के बाद अधिकारी अपने निर्धारित राज्य में प्रशिक्षण अवधि पूरी करते हैं। आईएएस अधिकारी मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में प्रारंभिक प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं, जबकि आईपीएस अधिकारी हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण लेते हैं। प्रशिक्षण के उपरांत उन्हें अपने कैडर राज्य में सहायक पदों पर नियुक्त किया जाता है।

राज्य में प्रारंभिक पोस्टिंग आमतौर पर जिला स्तर पर होती है। आईएएस अधिकारियों को उप जिलाधिकारी, अतिरिक्त जिलाधिकारी अथवा जिला मजिस्ट्रेट जैसे पदों पर नियुक्त किया जा सकता है, जबकि आईपीएस अधिकारियों को सहायक पुलिस अधीक्षक या पुलिस अधीक्षक के रूप में जिम्मेदारी दी जाती है। समय के साथ पदोन्नति के आधार पर वे उच्च प्रशासनिक और पुलिस पदों तक पहुंचते हैं।

कैडर प्रणाली की एक महत्वपूर्ण विशेषता केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति का प्रावधान है। निर्धारित सेवा अवधि के पश्चात अधिकारी केंद्र सरकार के मंत्रालयों, विभागों या स्वायत्त संस्थानों में प्रतिनियुक्ति पर जा सकते हैं। यह व्यवस्था प्रशासनिक अनुभव के आदान-प्रदान और नीति निर्माण में विविध दृष्टिकोण सुनिश्चित करती है। केंद्र में प्रतिनियुक्ति के लिए निर्धारित प्रक्रियाएं और पात्रता मानदंड होते हैं, जिनका पालन आवश्यक है।

कैडर परिवर्तन सामान्यतः अत्यंत सीमित परिस्थितियों में ही संभव होता है। विवाह, स्वास्थ्य या विशेष प्रशासनिक कारणों के आधार पर कैडर परिवर्तन के अनुरोध पर विचार किया जा सकता है, किंतु यह अपवादस्वरूप ही स्वीकृत होता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कैडर प्रणाली की स्थिरता बनी रहे।

विशेषज्ञों का मत है कि कैडर प्रणाली प्रशासनिक संतुलन और संघीय ढांचे को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इससे एक ओर अधिकारी स्थानीय प्रशासन से जुड़े रहते हैं, वहीं दूसरी ओर उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर कार्य करने का अवसर भी मिलता है। यह व्यवस्था केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय को मजबूत करती है।

हाल के वर्षों में कैडर प्रबंधन और प्रतिनियुक्ति से संबंधित नियमों में समय-समय पर संशोधन किए गए हैं, ताकि प्रशासनिक दक्षता और पारदर्शिता को बढ़ाया जा सके। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिकारी अपनी सेवाएं निष्पक्षता और प्रतिबद्धता के साथ दें तथा शासन प्रणाली प्रभावी ढंग से संचालित हो।

समापन में कहा जा सकता है कि आईएएस और आईपीएस का कैडर सिस्टम एक सुव्यवस्थित और नियमबद्ध प्रक्रिया है, जिसमें मेरिट, वरीयता, आरक्षण और प्रशासनिक आवश्यकता सभी का संतुलित समावेश होता है। कैडर आवंटन से लेकर राज्य और केंद्र में पोस्टिंग तक प्रत्येक चरण निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुरूप संचालित होता है। यह प्रणाली न केवल प्रशासनिक निरंतरता सुनिश्चित करती है, बल्कि संघीय ढांचे की मजबूती और सुशासन की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है।

Employees’ Provident Fund Organisation ने 8.25% ब्याज दर बरकरार रखी
आज फोकस में

Employees’ Provident Fund Organisation ने 8.25% ब्याज दर बरकरार रखी

₹28 प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान: CRISIL ने निवेशकों को दिया बड़ा तोहफा, 16 फरवरी को स्टॉक में दिख सकती है जोरदार हलचल
आज फोकस में

₹28 प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान: CRISIL ने निवेशकों को दिया बड़ा तोहफा, 16 फरवरी को स्टॉक में दिख सकती है जोरदार हलचल

एसटीटी हाइक पर एफआईआई का बड़ा रिस्पॉन्स, एक दिन में भारी बिकवाली से पूरा महीना हुआ नेगेटिव
आज फोकस में

एसटीटी हाइक पर एफआईआई का बड़ा रिस्पॉन्स, एक दिन में भारी बिकवाली से पूरा महीना हुआ नेगेटिव

आईटी सेक्टर में गिरावट के बीच HCL Tech और Tech Mahindra सहित चार स्टॉक खरीदें, ब्रोकरेज ने दिये बड़े टारगेट
आज फोकस में

आईटी सेक्टर में गिरावट के बीच HCL Tech और Tech Mahindra सहित चार स्टॉक खरीदें, ब्रोकरेज ने दिये बड़े टारगेट

शेयर बाजार के इक्विटी और इक्विटी डेरिवेटिव्स में एंट्री की तैयारी में NCDEX, ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के लिए TCS के साथ की पार्टनरशिप
आज फोकस में

शेयर बाजार के इक्विटी और इक्विटी डेरिवेटिव्स में एंट्री की तैयारी में NCDEX, ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के लिए TCS के साथ की पार्टनरशिप

दूरदर्शन केंद्र भोपाल में संविदा भर्ती: पोस्ट प्रोडक्शन असिस्टेंट के लिए आवेदन आमंत्रित
आज फोकस में

दूरदर्शन केंद्र भोपाल में संविदा भर्ती: पोस्ट प्रोडक्शन असिस्टेंट के लिए आवेदन आमंत्रित

आज का राशिफल

वोट करें

आमिर की अगली फिल्म 'सितारे जमीन पर' का ट्रेलर हाल ही में रिलीज हुआ। क्या यह फिल्म आमिर को बॉक्स ऑफिस पर सफलता दिला पाएगी?

Advertisement Box
Advertisement Box