
लखनऊ। ‘एकात्म मानववाद’ के प्रणेता, भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य एवं पूर्व अध्यक्ष श्रद्धेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्यतिथि के अवसर पर आज राजधानी लखनऊ में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया और उनके विचारों को राष्ट्र निर्माण की प्रेरक धरोहर बताया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का जीवन भारतीय संस्कृति, राष्ट्रवाद और अंत्योदय की भावना का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने ‘एकात्म मानववाद’ का सिद्धांत प्रस्तुत कर भारतीय चिंतन को नई दिशा दी, जिसमें व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के समन्वित विकास की परिकल्पना निहित है। उनका विचार था कि विकास का अंतिम लक्ष्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुँचना होना चाहिए।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज प्रदेश सरकार एवं केंद्र सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं—गरीबों के लिए आवास, निःशुल्क राशन, उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन, आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सुरक्षा, किसान सम्मान निधि, स्वरोजगार एवं कौशल विकास कार्यक्रम—सभी अंत्योदय की उसी भावना से प्रेरित हैं, जिसका मार्गदर्शन पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने किया था।
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी श्रद्धेय उपाध्याय जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें स्मरण किया। वक्ताओं ने उनके सादगीपूर्ण जीवन, राष्ट्रनिष्ठ चिंतन और संगठनात्मक क्षमता को आदर्श बताते हुए कहा कि उनका विचार आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना उनके समय में था।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में युवाओं से आह्वान किया कि वे पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के विचारों को आत्मसात कर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को ‘राम राज्य’ की परिकल्पना के अनुरूप विकसित करने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है, जिसमें सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास का भाव निहित है।

पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित रहे। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के माध्यम से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के आदर्शों को पुनः स्मरण करते हुए उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया।









