Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

एसटीटी हाइक पर एफआईआई का बड़ा रिस्पॉन्स, एक दिन में भारी बिकवाली से पूरा महीना हुआ नेगेटिव

Author Image
Written by
HQ Report

विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार में बढ़ा दबाव

भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की भारी बिकवाली ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में बढ़ोतरी के बाद अब विदेशी निवेशकों ने अपना स्पष्ट रुख दिखाना शुरू कर दिया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, एफआईआई ने एक ही दिन में हजारों करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए, जिससे बाजार पर भारी दबाव बन गया और पूरा महीना विदेशी निवेश के लिहाज से नेगेटिव हो गया।

इस बिकवाली का सीधा असर देश के प्रमुख सूचकांकों नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर देखने को मिला। बाजार में कमजोरी का माहौल बन गया और निवेशकों का भरोसा भी प्रभावित हुआ।

Advertisement Box


एसटीटी हाइक बना बिकवाली का मुख्य कारण

हाल ही में सरकार द्वारा सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में बढ़ोतरी की गई थी, जिसका उद्देश्य बाजार से अतिरिक्त राजस्व जुटाना था। लेकिन इस फैसले का विदेशी निवेशकों पर नकारात्मक असर पड़ा है।

एफआईआई का मानना है कि STT में बढ़ोतरी से ट्रेडिंग की लागत बढ़ जाती है, जिससे निवेश का आकर्षण कम हो जाता है। खासतौर पर इक्विटी डेरिवेटिव्स और हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग में सक्रिय विदेशी निवेशकों के लिए यह लागत महत्वपूर्ण होती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी निवेशक हमेशा कम लागत और अधिक लाभ वाले बाजारों की तलाश में रहते हैं। ऐसे में जब भारत में टैक्स का बोझ बढ़ता है, तो वे अन्य उभरते बाजारों की ओर रुख कर सकते हैं।


एक दिन में हजारों करोड़ की बिकवाली

ताजा डेटा के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने एक ही कारोबारी सत्र में भारी मात्रा में शेयर बेच दिए। इस बिकवाली का असर प्रमुख सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी 50 पर साफ दिखाई दिया।

बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव देखने को मिला और दिनभर बाजार में कमजोरी बनी रही। आईटी, बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।

इस बिकवाली के कारण बाजार में अस्थिरता बढ़ गई और निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।


पूरा महीना एफआईआई के लिए रहा नेगेटिव

फरवरी महीने में अब तक विदेशी निवेशकों का रुख लगातार नकारात्मक रहा है। पूरे महीने के दौरान एफआईआई ने खरीदारी से ज्यादा बिकवाली की है।

इसका मतलब है कि विदेशी निवेशकों का भरोसा फिलहाल भारतीय बाजार पर कमजोर हुआ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रेंड तब तक जारी रह सकता है जब तक टैक्स और वैश्विक आर्थिक स्थिति में स्थिरता नहीं आती।


घरेलू निवेशकों ने संभाला बाजार

हालांकि विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बावजूद घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार को संभालने की कोशिश की है। भारतीय म्यूचुअल फंड और बीमा कंपनियों ने कई शेयरों में खरीदारी की, जिससे बाजार में गिरावट सीमित रही।

घरेलू निवेशकों का बढ़ता प्रभाव भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय निवेशकों की भागीदारी बढ़ी है, जिससे बाजार की स्थिरता में सुधार हुआ है।


आईटी और बैंकिंग सेक्टर पर पड़ा सबसे ज्यादा असर

एफआईआई की बिकवाली का सबसे ज्यादा असर आईटी और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों पर पड़ा है। विदेशी निवेशक इन सेक्टरों में सबसे ज्यादा निवेश करते हैं, इसलिए जब वे बिकवाली करते हैं तो इन सेक्टरों में बड़ी गिरावट देखने को मिलती है।

आईटी कंपनियों के शेयर पहले से ही वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण दबाव में थे। अब एफआईआई की बिकवाली ने स्थिति को और खराब कर दिया है।

बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में भी गिरावट देखी गई है।


वैश्विक कारकों का भी पड़ा असर

एफआईआई की बिकवाली के पीछे सिर्फ STT हाइक ही नहीं बल्कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां भी जिम्मेदार हैं।

अमेरिका में ब्याज दरों का ऊंचा स्तर, डॉलर की मजबूती और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता जैसे कारकों ने विदेशी निवेशकों को सतर्क बना दिया है।

जब वैश्विक स्तर पर जोखिम बढ़ता है, तो विदेशी निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं।


निवेशकों के लिए क्या है संकेत

एफआईआई की बिकवाली निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकती है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति अस्थायी हो सकती है।

भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत बुनियाद, जीडीपी ग्रोथ और घरेलू निवेशकों की भागीदारी बाजार को समर्थन दे सकती है।

लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट निवेश का अवसर भी हो सकती है।


सरकार और नियामक संस्थाओं की नजर

सरकार और बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) इस स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। नियामक संस्थाएं बाजार की स्थिरता बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठा सकती हैं।

सरकार का लक्ष्य विदेशी निवेश को आकर्षित करना और बाजार को मजबूत बनाना है।


भविष्य की संभावनाएं

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक आर्थिक स्थिति स्थिर होती है और टैक्स से जुड़ी चिंताएं कम होती हैं, तो विदेशी निवेशक फिर से भारतीय बाजार में निवेश शुरू कर सकते हैं।

भारत की मजबूत आर्थिक ग्रोथ और बड़े उपभोक्ता बाजार के कारण विदेशी निवेशकों के लिए भारत एक आकर्षक गंतव्य बना रहेगा।


सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स में बढ़ोतरी के बाद विदेशी संस्थागत निवेशकों की भारी बिकवाली ने शेयर बाजार पर दबाव बना दिया है। एक दिन की भारी बिकवाली के कारण पूरा महीना एफआईआई के लिए नेगेटिव हो गया है।

हालांकि घरेलू निवेशकों के समर्थन और मजबूत आर्थिक बुनियाद के कारण बाजार में दीर्घकालिक संभावनाएं बनी हुई हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विदेशी निवेशक भारतीय बाजार में दोबारा कितना भरोसा दिखाते हैं।

Employees’ Provident Fund Organisation ने 8.25% ब्याज दर बरकरार रखी
आज फोकस में

Employees’ Provident Fund Organisation ने 8.25% ब्याज दर बरकरार रखी

₹28 प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान: CRISIL ने निवेशकों को दिया बड़ा तोहफा, 16 फरवरी को स्टॉक में दिख सकती है जोरदार हलचल
आज फोकस में

₹28 प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान: CRISIL ने निवेशकों को दिया बड़ा तोहफा, 16 फरवरी को स्टॉक में दिख सकती है जोरदार हलचल

<span style=एसटीटी हाइक पर एफआईआई का बड़ा रिस्पॉन्स, एक दिन में भारी बिकवाली से पूरा महीना हुआ नेगेटिव">
आज फोकस में

एसटीटी हाइक पर एफआईआई का बड़ा रिस्पॉन्स, एक दिन में भारी बिकवाली से पूरा महीना हुआ नेगेटिव

आईटी सेक्टर में गिरावट के बीच HCL Tech और Tech Mahindra सहित चार स्टॉक खरीदें, ब्रोकरेज ने दिये बड़े टारगेट
आज फोकस में

आईटी सेक्टर में गिरावट के बीच HCL Tech और Tech Mahindra सहित चार स्टॉक खरीदें, ब्रोकरेज ने दिये बड़े टारगेट

शेयर बाजार के इक्विटी और इक्विटी डेरिवेटिव्स में एंट्री की तैयारी में NCDEX, ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के लिए TCS के साथ की पार्टनरशिप
आज फोकस में

शेयर बाजार के इक्विटी और इक्विटी डेरिवेटिव्स में एंट्री की तैयारी में NCDEX, ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के लिए TCS के साथ की पार्टनरशिप

दूरदर्शन केंद्र भोपाल में संविदा भर्ती: पोस्ट प्रोडक्शन असिस्टेंट के लिए आवेदन आमंत्रित
आज फोकस में

दूरदर्शन केंद्र भोपाल में संविदा भर्ती: पोस्ट प्रोडक्शन असिस्टेंट के लिए आवेदन आमंत्रित

आज का राशिफल

वोट करें

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने अपने राहत कार्यक्रम की अगली किस्त जारी करने के लिए पाकिस्तान पर 11 नई शर्तें लगाई हैं। वैश्विक मंच पर क्या यह भारत की बड़ी जीत है?

Advertisement Box
Advertisement Box