
स्कूलों में पाठ्यपुस्तक एवं सामग्री विक्रय की शिकायतों पर निरीक्षण दल गठित
भोपाल। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, भोपाल द्वारा जिले के अशासकीय स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों, यूनिफॉर्म एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री की निर्धारित स्थान से अनिवार्य खरीद संबंधी प्राप्त शिकायतों के मद्देनज़र निरीक्षण दलों का गठन किया गया है।
यह आदेश मध्यप्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग के पत्र के परिपालन में जारी किया गया है। मीडिया एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर यह सामने आया था कि कुछ विद्यालय प्रबंधन एवं प्राचार्य अभिभावकों को निर्धारित दुकानों से ही पाठ्यपुस्तकें एवं सामग्री खरीदने के लिए बाध्य कर रहे हैं।
पांच निरीक्षण दल बनाए गए

जिला प्रशासन द्वारा भोपाल के विभिन्न राजस्व वृतों के लिए पांच निरीक्षण दल गठित किए गए हैं। प्रत्येक दल में एक अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को प्रभारी बनाया गया है, जिनके साथ तहसीलदार एवं शासकीय विद्यालयों के प्राचार्य सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं।
निरीक्षण दलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संबंधित स्कूलों में जाकर तथ्यात्मक जांच करें तथा यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें।
अभिभावकों को राहत देने की पहल
प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अभिभावकों पर किसी विशेष दुकान या स्थान से सामग्री खरीदने का दबाव न बनाया जाए। शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार विद्यालय किसी भी अभिभावक को किसी विशेष विक्रेता से सामग्री लेने के लिए बाध्य नहीं कर सकते।
कलेक्टर कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि यदि निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित संस्थान के विरुद्ध आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को अभिभावकों के हित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।









