
सामान्य प्रशासन विभाग की संशोधित अधिसूचना जारी, 3 और 4 मार्च 2026 को शासकीय कार्यालय रहेंगे बंद
भोपाल, 01 मार्च 2026।
मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा होली पर्व के अवसर पर दो दिन का सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश घोषित किए जाने संबंधी संशोधित अधिसूचना जारी की गई है। जारी आदेश के अनुसार 3 मार्च 2026 (मंगलवार) को होली के पावन पर्व पर पूर्व निर्धारित अवकाश के साथ-साथ 4 मार्च 2026 (बुधवार) को भी संपूर्ण प्रदेश में सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश रहेगा। यह निर्णय राज्य शासन द्वारा त्योहार के व्यापक सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व को दृष्टिगत रखते हुए लिया गया है।
मंत्रालय वल्लभ भवन, भोपाल से जारी अधिसूचना में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2026 के लिए घोषित अवकाशों की सूची में आंशिक संशोधन किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा पूर्व में 29 दिसंबर 2025 को जारी अधिसूचना क्रमांक एफ 03-01/2025/1/4 के संदर्भ में यह संशोधन किया गया है। संशोधित आदेश के तहत 4 मार्च 2026 को भी ‘निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881’ की धारा 25 के अंतर्गत सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है।
अधिसूचना का विधिक आधार
राज्य शासन द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अवकाश की घोषणा ‘Negotiable Instruments Act, 1881’ के प्रावधानों के अनुरूप की गई है। इस अधिनियम के अंतर्गत घोषित अवकाश के दौरान बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थानों सहित शासकीय कार्यालयों में कार्य नहीं होगा। हालांकि अत्यावश्यक सेवाएं पूर्ववत संचालित रहेंगी।
सामान्य प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अवकाश संपूर्ण मध्यप्रदेश में लागू होगा। राज्य के सभी शासकीय कार्यालय, निगम, मंडल, स्वायत्तशासी संस्थाएं एवं शैक्षणिक संस्थान इन दोनों दिनों में बंद रहेंगे।
होली का सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व
होली भारतीय संस्कृति का एक प्रमुख पर्व है, जिसे रंगों, उल्लास और सामाजिक सौहार्द के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। मध्यप्रदेश जैसे सांस्कृतिक रूप से विविध राज्य में यह त्योहार विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है। ग्रामीण अंचलों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक होली का उत्सव कई दिनों तक चलता है।
धुलेंडी, रंगपंचमी और पारंपरिक फाग उत्सवों के कारण कई स्थानों पर होली का उत्सव एक दिन से अधिक समय तक मनाया जाता है। ऐसे में दो दिवसीय अवकाश से कर्मचारियों एवं आम नागरिकों को पर्व मनाने के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध होगा।
प्रशासनिक दृष्टिकोण
राज्य शासन के इस निर्णय को प्रशासनिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। होली के दौरान यात्रा, पारिवारिक कार्यक्रमों और सामाजिक आयोजनों की अधिकता को देखते हुए अतिरिक्त अवकाश से कर्मचारियों को सुविधा मिलेगी।
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि त्योहारों के अवसर पर घोषित अवकाश से कर्मचारियों में सकारात्मक ऊर्जा और कार्य के प्रति उत्साह बना रहता है। पर्व के उपरांत कर्मचारी नई ऊर्जा के साथ कार्य में संलग्न होते हैं, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली में भी गति आती है।
आर्थिक एवं व्यावसायिक प्रभाव
होली के अवसर पर बाजारों में विशेष चहल-पहल रहती है। रंग, गुलाल, मिठाई, परिधान और सजावटी सामग्री की खरीदारी में वृद्धि होती है। दो दिन के अवकाश से व्यापारिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलने की संभावना है। हालांकि शासकीय कार्यालय बंद रहेंगे, परंतु निजी क्षेत्र और व्यापारिक प्रतिष्ठान स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार संचालित हो सकते हैं।
सुरक्षा एवं व्यवस्था
त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस एवं प्रशासन द्वारा आवश्यक तैयारियां की जाती हैं। दो दिवसीय अवकाश के दौरान भी आवश्यक सेवाओं—जैसे स्वास्थ्य, पुलिस, विद्युत, जलापूर्ति आदि—का संचालन सुचारू रूप से जारी रहेगा।
अधिसूचना का प्रभाव
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी यह संशोधित अधिसूचना 1 मार्च 2026 से प्रभावी मानी गई है। आदेश मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से जारी किया गया है तथा संबंधित विभागों को इसकी सूचना प्रेषित की गई है।
राज्य शासन के इस निर्णय से प्रदेश के शासकीय सेवकों एवं आम नागरिकों में संतोष की भावना देखी जा रही है। दो दिवसीय अवकाश से परिवारों को एक साथ समय बिताने, सामाजिक समरसता को बढ़ाने और पारंपरिक उत्सवों में सहभागिता का अवसर मिलेगा।
समग्र रूप से देखा जाए तो मध्यप्रदेश शासन द्वारा होली के अवसर पर 3 एवं 4 मार्च 2026 को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाना सांस्कृतिक परंपराओं के सम्मान और प्रशासनिक संवेदनशीलता का परिचायक है। यह निर्णय न केवल त्योहार की गरिमा को बढ़ाता है, बल्कि कर्मचारियों और नागरिकों को उत्सव को शांतिपूर्वक एवं उल्लासपूर्वक मनाने का अवसर भी प्रदान करता है।









