
शिक्षा, साहित्य, समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण तथा कला- संस्कृति से जुड़े विद्वानों को सम्मान
ग्वालियर। साहित्य, संस्कृति और सामाजिक योगदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले विशेषज्ञ, शिक्षक, चिकित्सक, शोधार्थी, कलाकार तथा सामाजिक चिंतक 14 मार्च 2026 को जैसलमेर (राजस्थान) में आयोजित एक भव्य साहित्य महोत्सव एवं सम्मान समारोह में सम्मिलित होंगे। यह कार्यक्रम GKSSS एवं SAADI के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
समारोह का उद्देश्य समाज में शिक्षा, सामाजिक सेवा, महिला सशक्तिकरण और कला-संस्कृति जैसे क्षेत्रों में निरंतर योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मान प्रदान करना है। मुख्य आकर्षण के रूप में “ग्लोबल डायमंड डिग्निटी प्राइड अवॉर्ड” से चयनित प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा।
साहित्य महोत्सव 2026 की रूपरेखा
यह महोत्सव जैसलमेर की सनातनगर की सांस्कृतिक विरासत में आयोजित होने वाला एक प्रतिष्ठित आयोजन है जिसमें देशभर से विद्वान, साहित्यकार, शिक्षक, विचारक तथा सामाजिक कार्यकर्ता भाग लेंगे।
कार्यक्रम के मुख्य अंश इस प्रकार हैं—
📌 तिथि: 14 मार्च 2026
📌 स्थान: जैसलमेर, राजस्थान
📌 आयोजक: GKSSS एवं SAADI
📌 सम्मान: ग्लोबल डायमंड डिग्निटी प्राइड अवॉर्ड
📌 श्रेणियाँ: शिक्षा, साहित्य, समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण, कला एवं संस्कृति
सम्मान समारोह का महत्व
इस समारोह को साहित्य, शिक्षण, समाज सेवा तथा संस्कृति को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों का प्रतीक माना जाता है। यह आयोजन उन व्यक्तियों को सार्वजनिक सम्मान प्रदान करता है जिनका योगदान समाज के विविध क्षेत्रों में प्रेरणादायी रहा है।
सम्मान सूची में चयनित प्रतिभाओं को अवॉर्ड देकर उनकी उपलब्धियों को मान्यता दी जाएगी, जिससे समाज में सकारात्मक ऊर्जा और समाजिक दायित्व की भावना को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा।
कॉन्क्लेव और विचार विमर्श सत्र
सम्मान समारोह के साथ ही महोत्सव में एक कॉन्क्लेव का आयोजन भी किया जाएगा जिसमें शिक्षा, साहित्य, कला तथा संस्कृति से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञ विचार-विमर्श करेंगे। यह सत्र प्रतिभागियों को अनुभव साझा करने, नई सोच को प्रस्तुत करने और भविष्य के आंदोलनों के लिए दिशा-निर्देश प्रदान करने में सहायक होगा।
कॉन्क्लेव का उद्देश्य एक ऐसा मंच उपलब्ध कराना है जहाँ विद्वान अपने अनुभवों एवं शोध को साझा करते हुए समाज की प्रगति में सहयोग कर सकें।
भागीदारी के लिए पंजीकरण आवश्यक
कार्यक्रम में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागियों से पंजीकरण अनिवार्य रूप से कराने का अनुरोध किया गया है। आयोजन में ऑफलाइन तथा ऑनलाइन दोनों तरह से भागीदारी के अवसर उपलब्ध हैं।
शिक्षक, प्राध्यापक, शोधार्थी, चिकित्सक, साहित्यकार, कला- संस्कृति से जुड़े विद्वान, रंगकर्मी, सामाजिक कार्यकर्ता तथा समाज सेवा से जुड़े सभी व्यक्ति इस सम्मान समारोह में सम्मिलित हो सकते हैं।
📌 पंजीकरण संपर्क सूत्र:
📞 9425118370 | 9319206571 | 9179671309
📧 Email: gksss85_org@rediffmail.com
आयोजन व्यवस्थाएँ
आयोजन समिति द्वारा पंजीकृत प्रतिभागियों के लिये एक दिवस पूर्व कार्यक्रम स्थल पर पहुँचने तथा रुकने की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। इसके साथ ही महोत्सव दिन पर ब्रेकफास्ट एवं लंच सहित आवश्यक व्यवस्थाओं का पूर्ण ध्यान रखा जाएगा।
यह आयोजन सामाजिक, सांस्कृतिक तथा बौद्धिक सहभागिता का एक संगम स्थल प्रदान करेगा जहाँ देश का हर भाग लेते व्यक्तित्व ज्ञान, अनुभव तथा सांस्कृतिक धरोहर को साझा करेगा।
समिति एवं संयोजक
प्रमुख संयोजक:
👉 GKSSS एवं SAADI आयोजन समिति
समिति के सदस्यों में शामिल हैं—
अशोक गर्ग (मीडिया संयोजक)
अनूप अग्रवाल
गिर्राज बंसल
रवि गर्ग
जितेंद्र गर्ग
विवेक अग्रवाल
मयंक अग्रवाल
रामनाथ अग्रवाल
राजकुमार गर्ग
राकेश अग्रवाल
ओमप्रकाश अग्रवाल
इन सभी सम्मानित सदस्यों ने मिलकर इस विशाल आयोजन को सफल बनाने हेतु महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है तथा कार्यक्रम की भव्यता और श्रेष्ठता पर जोर दिया है।
आयोजन का उद्देश्य
महोत्सव का मुख्य उद्देश्य शिक्षा, साहित्य, कला, संस्कृति, महिला सशक्तिकरण तथा सामाजिक दायित्व को बढ़ावा देना है। यह समारोह प्रतिभाशाली व्यक्तियों को मंच प्रदान करता है ताकि उनके विचारों और कार्यों को सम्मान मिलता रहे।
आयोजन समारोह के माध्यम से सामाजिक कार्यों को मान्यता मिलने के साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर विद्वानों एवं हस्तियों को प्रोत्साहन मिलता है।
इस साहित्य महोत्सव एवं अवॉर्ड समारोह को देश के प्रमुख साहित्यिक आयोजनों में शामिल किया जा रहा है। यह आयोजन न केवल सम्मान प्रदान करता है बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक उन्नति को भी बढ़ावा देता है।
14 मार्च 2026 को जैसलमेर में सम्पन्न होने वाला यह कार्यक्रम एक ऐतिहासिक आयोजन के रूप में याद किया जाएगा, जिसमें प्रतिभाओं का सम्मान, अनुभव का आदान-प्रदान और सांस्कृतिक समृद्धि का संगम देखने को मिलेगा।
सभी विद्वानों, समाजसेवियों, कला एवं संस्कृति के साथ जुड़े सदस्यों तथा आम नागरिकों को इस आयोजन में सादर आमंत्रित किया जाता है।








