
शहरभर में परंपरा, आस्था और उल्लास के बीच संपन्न हुआ पर्व
रायगढ़/विशेष संवाददाता। रायगढ़ सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में फाल्गुन पूर्णिमा की रात्रि पर पारंपरिक उत्साह और धार्मिक श्रद्धा के साथ होलिका दहन संपन्न हुआ। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, मोहल्लों और मंदिर प्रांगणों में विधि-विधान से पूजन कर अग्नि प्रज्ज्वलित की गई। श्रद्धालुओं ने परिक्रमा कर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की तथा बुराई पर अच्छाई की विजय का संकल्प लिया।
पारंपरिक विधि-विधान से हुआ पूजन
संध्या होते ही निर्धारित स्थलों पर होलिका दहन की तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। सूखी लकड़ियों, उपलों और पूजन सामग्री से सजी होलिका के समक्ष महिलाओं ने मंगलगीत गाए और पूजा-अर्चना की। पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अग्नि प्रज्ज्वलित की गई। श्रद्धालुओं ने गेहूं की बालियां, नारियल और नई फसल अर्पित कर परिवार की उन्नति और स्वास्थ्य की प्रार्थना की।
होलिका दहन स्थल पर बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई स्थानों पर समाजसेवी संस्थाओं और मोहल्ला समितियों ने सामूहिक आयोजन कर प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी की।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
होलिका दहन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन और पुलिस द्वारा सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। अग्निशमन दल को भी अलर्ट रखा गया। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात रहा। नगर निगम द्वारा साफ-सफाई और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया।
सामाजिक समरसता का प्रतीक
होलिका दहन केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है। विभिन्न समाजों और वर्गों के लोग एक साथ एकत्र होकर पर्व मनाते हैं। इस अवसर पर आपसी मतभेद भुलाकर गले मिलने और प्रेम-सौहार्द बढ़ाने का संदेश दिया जाता है।
शहर के कई स्थानों पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। कुछ समितियों ने कम लकड़ी और कचरा-मुक्त होलिका दहन कर हरित होली मनाने की अपील की।
पौराणिक महत्व
हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, होलिका दहन का संबंध भक्त प्रह्लाद और हिरण्यकश्यप की कथा से है, जिसमें ईश्वरभक्ति की शक्ति के आगे अहंकार और अत्याचार का अंत होता है। यही कारण है कि यह पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है।
रंगोत्सव की तैयारी
होलिका दहन के बाद अब लोगों में धुलेंडी (रंग वाली होली) को लेकर उत्साह है। बाजारों में रंग-गुलाल, पिचकारी और मिठाइयों की दुकानों पर भीड़ देखी जा रही है। व्यापारी वर्ग को भी इस पर्व से अच्छी बिक्री की उम्मीद है।
सामाजिक संदेश
समाजसेवियों ने अपील की है कि होली प्राकृतिक रंगों से खेलें, जल की बचत करें और किसी की भावनाओं को ठेस न पहुंचाएं। साथ ही यातायात नियमों का पालन और नशामुक्त होली मनाने की भी सलाह दी गई है।
रायगढ़ सहित प्रदेशभर में होलिका दहन श्रद्धा, उल्लास और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ। यह पर्व समाज को एकता, भाईचारे और सकारात्मक सोच का संदेश देता है। अब सभी को रंगों के त्योहार की प्रतीक्षा है, जहां प्रेम और उमंग के रंग हर चेहरे पर खिलेंगे।
अशोक के गोयल आईपीएस-आर
चेयरपर्सन सीजी इलेक्ट्रिसिटी
उपभोक्ता मंच रायगढ़ (छत्तीसगढ़)
7067513944








