
मुंबई। टाटा समूह के स्वामित्व वाली किफायती विमानन कंपनी Air India Express के मैनेजिंग डायरेक्टर आलोक सिंह 19 मार्च को अपना कार्यकाल पूरा होने के बाद पद छोड़ देंगे। उन्होंने सोमवार को कर्मचारियों को भेजे संदेश में अपने इस्तीफे की जानकारी दी। उनके प्रस्थान के साथ एयरलाइन के शीर्ष नेतृत्व में बदलाव तय माना जा रहा है।
आलोक सिंह नवंबर 2020 में उस समय कंपनी से जुड़े थे, जब एयरलाइन सरकारी स्वामित्व में थी। जनवरी 2022 में Tata Group द्वारा Air India के अधिग्रहण के बाद भी उन्हें जिम्मेदारी सौंपी गई। 19 मार्च 2023 को उन्हें तीन वर्ष के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया गया था। अब उनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
“असाधारण सफर” बताया पांच साल का कार्यकाल
कर्मचारियों को भेजे संदेश में सिंह ने अपने पांच वर्षों के कार्यकाल को “असाधारण सफर” बताया और पूरी टीम के योगदान की सराहना की। उन्होंने सूफी कवि रूमी की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए टीम वर्क, साझा दृष्टिकोण और संगठनात्मक विकास पर जोर दिया।
विलय रहा बड़ी उपलब्धि
उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि एयरएशिया इंडिया (अब AIX कनेक्ट) का एयर इंडिया एक्सप्रेस में सफल विलय माना जा रहा है। 1 अक्टूबर 2024 को यह एकीकरण प्रक्रिया पूरी हुई, जिसके बाद कंपनी एक मजबूत और एकीकृत लो-कॉस्ट कैरियर के रूप में उभरी।
इस रणनीतिक कदम से एयरलाइन के नेटवर्क, बेड़े और परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय विस्तार हुआ। कंपनी के अनुसार, एयरलाइन का बेड़ा अब 100 से अधिक विमानों का हो चुका है और यह भारत की तीसरी सबसे बड़ी नैरो-बॉडी ऑपरेटर बन गई है।
14 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक पहुंच
वर्तमान में एयरलाइन देश के विभिन्न शहरों को जोड़ने के साथ 14 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक सेवाएं दे रही है। कंपनी में लगभग 8,300 कर्मचारी कार्यरत हैं, जो इसके विस्तृत परिचालन ढांचे को संचालित कर रहे हैं।
नई जिम्मेदारी कैप्टन हैमिश मैक्सवेल को
आलोक सिंह फिलहाल मैनेजिंग डायरेक्टर के साथ ‘अकाउंटेबल मैनेजर’ की भूमिका भी निभा रहे हैं। उनके पद छोड़ने के बाद एयरलाइन के चीफ ऑपरेशंस ऑफिसर कैप्टन हैमिश मैक्सवेल को यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
अकाउंटेबल मैनेजर वह अधिकारी होता है जो Directorate General of Civil Aviation (DGCA) के प्रति सुरक्षा और परिचालन मानकों के लिए अंतिम रूप से जवाबदेह होता है।
नेतृत्व परिवर्तन को रणनीतिक चरण के रूप में देखा जा रहा
विमानन उद्योग के विश्लेषकों का मानना है कि विलय के बाद एकीकृत ब्रांडिंग और परिचालन दक्षता कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति का अहम हिस्सा रही है। ऐसे समय में नेतृत्व परिवर्तन को संगठनात्मक पुनर्संरचना के अगले चरण के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि, कंपनी की ओर से नए मैनेजिंग डायरेक्टर की औपचारिक घोषणा अभी नहीं की गई है। आने वाले दिनों में इस संबंध में स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।








