
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने मंत्रालय से प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों के साथ वर्चुअल संवाद कर प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की और कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से गेहूं उपार्जन प्रक्रिया, परीक्षाओं के दौरान व्यवस्थाओं, सरकारी कार्यालयों में समय पर उपस्थिति और खाड़ी देशों में रह रहे प्रदेश के लोगों के संबंध में समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में प्रारंभ होने वाली गेहूं उपार्जन प्रक्रिया किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों के पंजीयन और सत्यापन की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए। इसके साथ ही उपार्जन केंद्रों पर बारदानों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को समय पर भुगतान मिलना भी उतना ही जरूरी है। इसलिए सभी जिला कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि गेहूं खरीदी के बाद किसानों के खातों में निर्धारित समय के भीतर भुगतान कर दिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपार्जन केंद्रों की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
वर्चुअल बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में चल रही शाला और महाविद्यालयीन स्तर की परीक्षाओं को लेकर भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं के दौरान छात्रों को शांतिपूर्ण और अनुकूल वातावरण मिलना चाहिए। इसके लिए शैक्षणिक संस्थानों, छात्रावासों और विश्वविद्यालय परिसरों का आकस्मिक निरीक्षण किया जाए, ताकि व्यवस्थाएं सुचारू बनी रहें।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अनुचित गतिविधि को रोकने के लिए प्रशासन सतर्क रहे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का भविष्य इन परीक्षाओं से जुड़ा होता है, इसलिए प्रशासनिक स्तर पर पूरी जिम्मेदारी के साथ निगरानी की जानी चाहिए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी अधिकारी और कर्मचारी समय पर कार्यालय में उपस्थित रहें और अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी के साथ करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन की कार्यक्षमता और जनता के विश्वास के लिए कार्यालयों में अनुशासन और समयबद्धता अत्यंत आवश्यक है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने खाड़ी देशों में रह रहे मध्यप्रदेश के नागरिकों और उनके परिवारों के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए खाड़ी देशों में निवास कर रहे लोगों और उनके परिवारों के साथ निरंतर संपर्क और समन्वय बनाए रखा जाए। यदि किसी भी प्रकार की समस्या या भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है तो जिला स्तर पर उसका तत्काल समाधान किया जाए।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से यह भी निर्देश दिया कि किसी प्रकार की मिथ्या या भ्रामक जानकारी फैलने पर जिला प्रशासन तत्काल उसका खंडन करे। उन्होंने कहा कि अफवाहें या गलत जानकारी समाज में अनावश्यक भ्रम और चिंता पैदा कर सकती हैं, इसलिए प्रशासन को सतर्क रहकर सही जानकारी लोगों तक पहुंचानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित, विद्यार्थियों के भविष्य और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सभी अधिकारी इन निर्देशों का पालन करते हुए अपने-अपने जिलों में व्यवस्थाओं को मजबूत बनाएं और जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान करें।








