
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच Iran ने भारत के लिए एक अहम कूटनीतिक राहत भरा फैसला लिया है। ईरान ने भारतीय ध्वज वाले तेल टैंकरों और व्यापारिक जहाजों को Strait of Hormuz से बिना किसी बाधा के गुजरने की अनुमति दे दी है। यह निर्णय भारत की ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह फैसला भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar और ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi के बीच हुई उच्चस्तरीय वार्ता के बाद सामने आया। दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय हालात, समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बातचीत के बाद ईरान ने भारतीय जहाजों के लिए हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से निर्बाध आवाजाही की अनुमति देने का निर्णय लिया।
दिलचस्प बात यह है कि जहां भारत को यह विशेष छूट दी गई है, वहीं United States और कई Europe के देशों के जहाजों पर ईरान ने पहले की तरह कड़े प्रतिबंध जारी रखे हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में ईरान भारत के साथ अपने आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को प्राथमिकता दे रहा है।
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की दृष्टि से बेहद अहम माना जाता है। दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है। भारत के लिए भी यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश का लगभग 60 प्रतिशत कच्चा तेल इसी रास्ते से आयात किया जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के इस फैसले से भारत को कच्चे तेल और एलएनजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में बड़ी राहत मिलेगी। इससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति बाधित होने का जोखिम भी कम होगा।
राजनयिक विश्लेषकों के अनुसार यह फैसला भारत और ईरान के बीच मजबूत होते संबंधों का संकेत भी है। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार और क्षेत्रीय सहयोग को लेकर पहले से ही गहरे रिश्ते हैं। ऐसे में हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर लिया गया यह निर्णय दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।









