
अनूपपुर। जिला स्तरीय जनसुनवाई मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित नर्मदा सभागार में आयोजित की गई, जिसमें कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने 38 आवेदकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को उनके शीघ्र और प्रभावी निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे और उन्होंने भी आवेदकों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना।
जनसुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिनमें राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, योजना लाभ, सीमांकन, नामांतरण तथा आर्थिक सहायता से जुड़े मामले प्रमुख रहे। कलेक्टर ने सभी प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
जनसुनवाई के दौरान तहसील पुष्पराजगढ़ के ग्राम श्यामदुवारी निवासी श्रीमती वंशी कुमारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण के बाद मुआवजा राशि दिलाए जाने की मांग की। इसी प्रकार तहसील अनूपपुर के ग्राम पोंड़ी खुर्द निवासी श्री केशव प्रसाद पटेल ने प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना का लाभ दिलाए जाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। ग्राम छोहरी निवासी श्री श्यामलाल ने फौती नामांतरण की प्रक्रिया पूर्ण कराने का अनुरोध किया, जबकि ग्राम कांसा निवासी श्री सूर्यबली विश्वकर्मा ने अपनी भूमि के सीमांकन की मांग की।
तहसील पुष्पराजगढ़ के ग्राम लखौरा निवासी बुजुर्ग श्रीमती कुंवारिया पनिका ने भरण-पोषण अधिनियम के तहत आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने के लिए आवेदन दिया। वहीं तहसील अनूपपुर के ग्राम धिरौल (डोंगराटोला) निवासी श्रीमती दुर्गा सिंह ने स्वरोजगार हेतु आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग रखी। कलेक्टर ने इन सभी प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने के निर्देश दिए और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा।
कलेक्टर श्री पंचोली ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों का समाधान केवल औपचारिकता न होकर वास्तविक रूप से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आवेदक को उसकी समस्या के समाधान की स्पष्ट जानकारी दी जाए और यदि किसी प्रकरण में समय लगना आवश्यक हो तो उसकी स्थिति से भी अवगत कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि संवेदनशील मामलों में विशेष ध्यान दिया जाए ताकि जरूरतमंद लोगों को शीघ्र राहत मिल सके।
जनसुनवाई में उपस्थित अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें और समयसीमा के भीतर उनका निराकरण सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
इस अवसर पर कई आवेदकों ने मौके पर ही अपनी समस्याओं के समाधान होने पर संतोष व्यक्त किया और प्रशासन की इस पहल की सराहना की। नागरिकों ने कहा कि जनसुनवाई के माध्यम से उन्हें सीधे अपनी बात रखने का अवसर मिलता है, जिससे उनकी समस्याओं का समाधान आसान हो जाता है।
जनसुनवाई के सफल आयोजन में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के बीच समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिससे कई मामलों में तत्काल निर्णय लिया जा सका। प्रशासन द्वारा बुजुर्गों, महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता दिए जाने से यह स्पष्ट हुआ कि शासन आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है।
कलेक्टर ने कहा कि आगे भी जनसुनवाई को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे और आवश्यकता अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को भी इसका लाभ मिल सके। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं को उचित माध्यम से प्रस्तुत करें और शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं।
कलेक्ट्रेट के नर्मदा सभागार में आयोजित यह जनसुनवाई प्रशासन और जनता के बीच बेहतर संवाद का माध्यम बनी और इससे यह संदेश गया कि शासन आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।









