
कटनी। जिले में विद्यार्थियों की बुनियादी शैक्षिक दक्षताओं का मूल्यांकन करने के उद्देश्य से फाउंडेशनल लर्निंग स्टडी (एफएलएस) का मुख्य आकलन कार्य सफलतापूर्वक सम्पन्न किया गया। यह सर्वे कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। सर्वे के अंतर्गत राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) द्वारा चयनित जिले के 9 विद्यालयों में कक्षा 3 के विद्यार्थियों का आकलन किया गया। कुल दर्ज 160 विद्यार्थियों में से 86 विद्यार्थियों की शैक्षिक गुणवत्ता की जांच फील्ड इन्वेस्टिगेटर्स द्वारा की गई। इस अध्ययन में विद्यार्थियों की हिंदी एवं अंग्रेजी भाषा की समझ, पठन कौशल तथा गणित की बुनियादी क्षमताओं का मूल्यांकन किया गया। इसके साथ ही शिक्षक एवं छात्र प्रश्नावली के माध्यम से विद्यालयों के शैक्षिक वातावरण और गुणवत्ता का भी विश्लेषण किया गया, जिससे समग्र शिक्षा प्रणाली की स्थिति का आंकलन किया जा सके। आकलन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) द्वारा विद्यार्थियों के प्रदर्शन का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा। इसके आधार पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में और अधिक सुधार किया जा सके। यह सर्वे डाइट कटनी के संयोजन में सम्पन्न हुआ, जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी राजेश अग्रहरी, जिला परियोजना समन्वयक पी.एन. तिवारी, डाइट प्राचार्य एम.पी. डुंगडुंग, वरिष्ठ व्याख्याता राजेंद्र असाटी तथा एपीसी सुबरन राजपूत सहित अन्य अधिकारियों ने चयनित विद्यालयों का भ्रमण कर सर्वे प्रक्रिया का निरीक्षण किया। सभी विद्यालयों में व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं।
संपूर्ण सर्वे प्रक्रिया के दौरान जिला प्रोग्रामर सुमंत ताम्रकार द्वारा तकनीकी सहयोग प्रदान किया गया, जिससे आकलन कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सका। इसके अतिरिक्त डाइट फैकल्टी द्वारा केंद्रीय विद्यालय एन के जे एवं वेलवेदर इंटरनेशनल स्कूल में संचालित नवाचारी शैक्षणिक गतिविधियों का भी अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने इन नवाचारों को शासकीय विद्यालयों में भी लागू करने की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए शिक्षकों के लिए अध्ययन भ्रमण आयोजित करने की योजना पर विचार किया। इससे सरकारी स्कूलों में भी गुणवत्ता आधारित शिक्षण को बढ़ावा मिल सकेगा। जिला स्तरीय समन्वयक पी.एन. तिवारी एवं डाइट प्राचार्य एम.पी. डुंगडुंग ने एफएलएस सर्वे के सफल संचालन हेतु सभी चयनित विद्यालयों के प्राचार्यों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं मॉनिटरिंग टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। यह सर्वे शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ है, जिससे विद्यार्थियों की बुनियादी क्षमताओं का सही आकलन कर भविष्य की शिक्षा नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।









