
रीवा। जिले में अट्रायला ग्राम स्थापना जल निगम द्वारा निर्मित जा रहे जल अनुसंधान संयंत्र (डब्ल्यूटीपी) का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा के निरीक्षण की स्थिति का विस्तृत ब्यौरा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह परियोजना आम नागरिकों के जीवन से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है, इसलिए इसके निर्माण में किसी भी प्रकार की योग्यता या योग्यता से सहमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्य को पूर्ण गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को शीघ्र ही स्वच्छ एवं सुरक्षित सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
कलेक्टर ने इस दौरान जावा जिले के विभिन्न ग्रामों में जल निगम द्वारा संचालित घर-घर जल योजना की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से योजना के वास्तुशिल्प, पाइपलाइन स्टूडियो, जल संसाधनों के दृश्य और वितरण व्यवस्था के संबंध में जानकारी प्राप्त की। समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना ग्रामीण क्षेत्रों के जीवन स्तर में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, इसलिए इसे पूरी तरह से नामांकित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और किसी भी प्रकार की तकनीकी या बाधा उत्पन्न होने पर उनके तत्काल समाधान सुनिश्चित किए जाएं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्य में स्थानीय स्तर पर निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाए, ताकि कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।

कलेक्टर ने एसोसिएटेड टेक्निकल ऑफिसर्स से डब्ल्यूटीपी की टॉयलेट, जल शोधन की प्रक्रिया और क्षमता के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि प्लांट के पूर्ण रूप से कार्यशील होने के बाद जल के निर्धारित मानकों के मानक हो, जिससे नागरिकों को सुरक्षित रूप से प्राप्त किया जा सके। निरीक्षण के दौरान उन्होंने राष्ट्रपति से भी बातचीत की और प्रिंसेस की वर्तमान स्थिति और पेंशन से जुड़ी जानकारी के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस योजना के प्रति संतोष ने इस योजना में भाग लेने के लिए आशा मंच की पेशकश की, जिसके पूर्ण होने के बाद उन्हें नियमित रूप से स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक नागरिक का अधिकार सुरक्षित है और इस दिशा में शासन लगातार जारी है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए और जीव-जंतुओं के लिए जरूरी सामान उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है, ताकि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सके। इसके लिए जनजागरूकता अभियान चलाने और स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के स्तर के निर्देश दिए गए हैं।

इस निरीक्षण के दौरान संबंधित संबद्धता के अधिकारी कर्मचारी भी उपस्थित रहे,छात्रों को परियोजना की प्रगति से लेकर प्रयोगशाला तक। जिले में चल रही इस योजना के माध्यम से न केवल जल की दृष्टि से सुरक्षा होगी, बल्कि जल जनित क्षेत्र में भी कमी आएगी और ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य स्तर में सुधार होगा। इस परियोजना में ग्रामीण विकास एवं जन कल्याण की दिशा पर एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक विचार किया जा रहा है। रजिस्ट्रार नरेंद्र सूर्य कुमार राजवंशी का यह निरीक्षण प्रशासन की विशिष्टता और विशिष्टता के प्रति विवरण को शामिल किया गया है। उनके द्वारा दी गई अधिसूचना से यह उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही योजना का कार्य पूरा हो जाएगा और लोगों को आसानी से प्रीलीज की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।









