
टीकमगढ़। देशव्यापी जनगणना 2027 की तैयारियों के तहत जिले में स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। शासन के निर्देशानुसार आमजन को सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक नागरिक स्वयं निर्धारित पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं। इस महत्वपूर्ण पहल को जन-जन तक पहुंचाने और लोगों को प्रेरित करने के लिए जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं आगे आकर स्व-गणना फॉर्म भरकर एक सकारात्मक संदेश दिया है। इसी क्रम में अपर कलेक्टर शिवप्रसाद मंडराह, डिप्टी कलेक्टर एस.के. तोमर, डिप्टी कलेक्टर अंजली शर्मा तथा जिला शिक्षा अधिकारी हनुमंत सिंह चौहान ने जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना का फॉर्म ऑनलाइन भरकर नागरिकों को इस प्रक्रिया में सहभागी बनने का आह्वान किया।
अधिकारियों द्वारा स्वयं स्व-गणना फॉर्म भरने का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि यह प्रक्रिया सरल, सुरक्षित और समय की बचत करने वाली है। इसके माध्यम से नागरिक अपने घर बैठे ही अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं, जिससे न केवल समय की बचत होती है, बल्कि डेटा की सटीकता भी सुनिश्चित होती है। प्रशासन द्वारा बताया गया है कि स्व-गणना के लिए नागरिकों को आधिकारिक पोर्टल https://se.census.gov.in/ पर जाकर आवश्यक विवरण भरना होगा। इसमें परिवार के सदस्यों की जानकारी, शैक्षणिक स्थिति, रोजगार, आवासीय स्थिति सहित अन्य महत्वपूर्ण आंकड़े शामिल किए जाते हैं। यह जानकारी भविष्य की नीतियों और योजनाओं के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

जनगणना किसी भी देश के विकास का आधार होती है, क्योंकि इसके माध्यम से प्राप्त आंकड़े शासन को यह समझने में मदद करते हैं कि किन क्षेत्रों में विकास की आवश्यकता है और किस प्रकार की योजनाएं बनाई जानी चाहिए। इसी कारण जनगणना प्रक्रिया को अत्यंत गंभीरता और सटीकता के साथ संपन्न करना आवश्यक होता है। स्व-गणना की सुविधा शुरू होने से नागरिकों को अब प्रगणकों के आने की प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी। वे अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय ऑनलाइन जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इससे जनगणना प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।
अपर कलेक्टर शिवप्रसाद मंडराह ने इस अवसर पर कहा कि स्व-गणना प्रणाली आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए नागरिकों को अधिक सुविधा प्रदान करने का प्रयास है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे इस सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करें और समय सीमा के भीतर अपनी जानकारी अवश्य दर्ज करें। डिप्टी कलेक्टर एस.के. तोमर ने बताया कि स्व-गणना के माध्यम से डेटा संग्रहण की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और तेज होगी। इससे प्रशासन को सटीक आंकड़े प्राप्त होंगे, जो भविष्य की योजनाओं के लिए उपयोगी सिद्ध होंगे।

डिप्टी कलेक्टर अंजली शर्मा ने कहा कि यह पहल डिजिटल इंडिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि वे अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी इस प्रक्रिया के बारे में जानकारी दें और उन्हें स्व-गणना के लिए प्रेरित करें।जिला शिक्षा अधिकारी हनुमंत सिंह चौहान ने भी इस अवसर पर कहा कि शिक्षित समाज का दायित्व है कि वह इस प्रकार की सरकारी योजनाओं में सक्रिय भागीदारी निभाए। उन्होंने विद्यालयों के माध्यम से भी इस जानकारी को व्यापक स्तर पर प्रसारित करने की बात कही।
प्रशासन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि जिन लोगों को ऑनलाइन प्रक्रिया में कठिनाई हो रही है, उन्हें सहायता प्रदान की जाए। इसके लिए विभिन्न स्तरों पर हेल्पडेस्क और सहायता केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जहां नागरिकों को मार्गदर्शन दिया जाएगा। स्व-गणना प्रणाली से जनगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता दोनों में वृद्धि होगी। इससे डेटा संग्रहण में त्रुटियों की संभावना कम होगी और योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंच सकेगा।

जिले में इस पहल को लेकर सकारात्मक माहौल देखा जा रहा है। लोग धीरे-धीरे इस प्रक्रिया को समझ रहे हैं और इसमें भागीदारी कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, जिससे अधिक से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें। जनगणना 2027 के तहत यह स्व-गणना प्रक्रिया न केवल एक प्रशासनिक कार्य है, बल्कि यह नागरिकों की भागीदारी का भी प्रतीक है। इससे यह संदेश जाता है कि विकास की प्रक्रिया में हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। अंततः, जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे 30 अप्रैल की अंतिम तिथि से पहले अपनी जानकारी ऑनलाइन अवश्य दर्ज करें और इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। यह पहल न केवल जनगणना प्रक्रिया को आसान बनाएगी, बल्कि देश के विकास के लिए एक मजबूत आधार भी तैयार करेगी।









