
उज्जैन। देश की आगामी जनगणना 2027 को अधिक सरल, सटीक और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से स्व-गणना (Self Enumeration) की डिजिटल पहल प्रारंभ की गई है। 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक चल रहे इस विशेष अभियान के अंतर्गत नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने की सुविधा प्रदान की गई है, जिससे जनगणना प्रक्रिया में नागरिकों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, स्व-गणना के लिए निर्धारित आधिकारिक पोर्टल https://se.census.gov.in/ को इस प्रकार तैयार किया गया है कि इसे मोबाइल और कंप्यूटर दोनों माध्यमों पर आसानी से उपयोग किया जा सकता है। यह प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ता के अनुकूल है, जिससे आम नागरिक बिना किसी तकनीकी जटिलता के अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
इस डिजिटल पहल के माध्यम से नागरिक अब घर बैठे ही अपनी पारिवारिक एवं व्यक्तिगत जानकारी भर सकते हैं। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि डेटा संग्रहण की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और त्रुटिरहित भी बनेगी। प्रशासन का मानना है कि इस प्रणाली के लागू होने से जनगणना कार्य में पारदर्शिता बढ़ेगी और आंकड़ों की विश्वसनीयता में सुधार होगा। स्व-गणना प्रणाली का सबसे बड़ा लाभ यह है कि नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इससे प्रगणकों पर निर्भरता कम होगी और डेटा संग्रहण की प्रक्रिया तेज होगी। साथ ही, नागरिकों को भी यह विश्वास मिलेगा कि उनकी जानकारी सीधे और सुरक्षित तरीके से दर्ज की जा रही है।
उज्जैन जिले के नागरिकों से अपील करते हुए प्रशासन ने कहा है कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लें और निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपनी जानकारी अवश्य दर्ज करें। यह केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि देश के भविष्य की योजनाओं के निर्माण का आधार है। जनगणना के माध्यम से प्राप्त आंकड़े शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए प्रत्येक नागरिक की भागीदारी इस प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए अत्यंत आवश्यक है। डिजिटल स्व-गणना प्रणाली भारत के प्रशासनिक ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल डेटा संग्रहण में सुधार होगा, बल्कि नीति निर्माण की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी और सटीक होगी।
प्रशासन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि जिन नागरिकों को ऑनलाइन प्रक्रिया में कठिनाई हो रही है, उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान की जाए। इसके लिए विभिन्न स्तरों पर सहायता केंद्र और हेल्पडेस्क स्थापित किए जा रहे हैं, जहां नागरिकों को मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। उज्जैन जिले में इस अभियान को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। लोग धीरे-धीरे इस नई व्यवस्था को अपनाते हुए अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा निरंतर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को इसके प्रति प्रेरित किया जा रहा है। अंततः, यह पहल न केवल जनगणना को आधुनिक और सरल बनाएगी, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से विकास की एक मजबूत नींव भी तैयार करेगी। उज्जैन के नागरिकों से पुनः अपील की गई है कि वे 30 अप्रैल 2026 की अंतिम तिथि से पहले स्व-गणना प्रक्रिया में भाग लें और देश के इस महत्वपूर्ण कार्य को सफल बनाने में अपना योगदान दें।









