
मैहर जिले में प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती बिदिशा मुखर्जी ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक के दौरान जिले में लंबित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सीमांकन, बटवारा, नामांतरण, सीएम किसान प्रगति एवं ई-केवाईसी से संबंधित सभी लंबित मामलों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और शासन की योजनाओं का लाभ समय पर हितग्राहियों तक पहुंचे।
कलेक्टर ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्व से जुड़े कार्य सीधे तौर पर आम जनता के जीवन से जुड़े होते हैं, इसलिए इनमें किसी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और प्रत्येक प्रकरण को तय समय सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। साथ ही यह भी कहा कि कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
बैठक में विशेष रूप से सीमांकन और बटवारा जैसे मामलों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिनमें अक्सर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि इन मामलों में राजस्व अधिकारी मौके पर जाकर जांच करें और निष्पक्ष निर्णय लेते हुए विवादों का शीघ्र समाधान करें। नामांतरण के मामलों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए, ताकि भूमि स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज समय पर अपडेट हो सकें और किसानों एवं आम नागरिकों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
सीएम किसान प्रगति योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को समय पर लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया को भी तेज किया जाए, ताकि योजना के लाभार्थियों की पहचान सही तरीके से हो सके और कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित न रहे। इसके लिए गांव स्तर तक विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों से यह भी अपेक्षा की कि वे अपने-अपने क्षेत्र में नियमित भ्रमण करें और आम जनता से सीधे संवाद स्थापित करें। इससे न केवल समस्याओं की वास्तविक स्थिति का पता चलेगा, बल्कि उनका समाधान भी तेजी से किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि फील्ड विजिट के दौरान प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए और इसकी रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत की जाए।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि राजस्व कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी स्तर पर कार्य में देरी या अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने अच्छे कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित करने की बात भी कही, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा बनी रहे।
बैठक में अपर कलेक्टर सुश्री संजना जैन, एसडीएम मैहर दिव्या पटेल, एसडीएम अमरपाटन डॉ. आरती सिंह, एसडीएम रामनगर शिव प्रकाश मिश्रा, डिप्टी कलेक्टर आशिमा पटेल सहित जिले के तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया।
इस बैठक को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे न केवल राजस्व कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि आम जनता को भी राहत मिलेगी। कलेक्टर के स्पष्ट निर्देशों के बाद अब जिले में राजस्व मामलों के निपटारे में गति आने की उम्मीद जताई जा रही है।

