
उज्जैन। आगामी सिंहस्थ महापर्व 2028 के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर उज्जैन पुलिस द्वारा तैयारियां लगातार तेज की जा रही हैं। इसी क्रम में बुधवार को “ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स” (टीओटी) कार्यक्रम के अंतर्गत होमगार्ड, एसडीआरएफ और फायर सर्विस के अधिकारियों एवं जवानों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य आपदा प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के लिए सुरक्षा बलों को दक्ष बनाना रहा। उज्जैन पुलिस द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों और जवानों को सिंहस्थ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन के दौरान आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान भीड़ प्रबंधन, आपदा नियंत्रण, आगजनी की घटनाओं से निपटने, जल दुर्घटनाओं में बचाव कार्य तथा आपातकालीन परिस्थितियों में समन्वित कार्रवाई जैसे विषयों पर विशेष रूप से प्रशिक्षण प्रदान किया गया। अधिकारियों ने बताया कि सिंहस्थ महापर्व में देश और विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं के आने की संभावना रहती है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, आपदा प्रबंधन और त्वरित राहत कार्यों की पूर्व तैयारी अत्यंत आवश्यक होती है। इसी उद्देश्य से विभिन्न विभागों के अधिकारियों और जवानों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षित किया जा रहा है।
प्रशिक्षण सत्र में जवानों को आधुनिक उपकरणों के उपयोग, राहत एवं बचाव तकनीकों और समन्वित कार्यप्रणाली के बारे में भी जानकारी दी गई। इसके साथ ही संभावित आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया और जनसुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यावहारिक अभ्यास भी कराए गए। उज्जैन पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सिंहस्थ महापर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि विशाल स्तर पर आयोजित होने वाला अंतरराष्ट्रीय महत्व का आयोजन है। ऐसे आयोजन में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना बड़ी जिम्मेदारी होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए अभी से सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया गया। जवानों को बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में शांत रहकर त्वरित और व्यवस्थित कार्रवाई करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसके लिए टीमवर्क, संचार व्यवस्था और तकनीकी दक्षता को मजबूत किया जा रहा है। कार्यक्रम में फायर सर्विस के अधिकारियों को आग लगने की संभावित घटनाओं से निपटने के लिए आधुनिक अग्निशमन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। वहीं एसडीआरएफ और होमगार्ड जवानों को जल बचाव, भीड़ नियंत्रण और राहत कार्यों से संबंधित विशेष अभ्यास कराए गए।
उज्जैन पुलिस द्वारा सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर लगातार विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। इसके लिए तकनीकी संसाधनों, मानवबल और आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल अधिकारियों और जवानों ने भी इसे उपयोगी और महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना था कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर ढंग से कार्य करने की क्षमता विकसित होती है और टीम समन्वय भी मजबूत होता है। उज्जैन में आयोजित होने वाला सिंहस्थ महापर्व देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल है। इस दौरान करोड़ों श्रद्धालु पवित्र क्षिप्रा नदी में स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन द्वारा सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात और आपदा प्रबंधन को लेकर विशेष तैयारियां की जाती हैं। उज्जैन पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सिंहस्थ 2028 को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। आने वाले समय में भी विभिन्न चरणों में प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल आयोजित किए जाएंगे, ताकि सभी सुरक्षा एजेंसियां किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें।






