
भारत और पाकिस्तान के बीच इंटरनेशनल क्रिकेट में 13वीं बार किसी टूर्नामेंट या ट्राई सीरीज का फाइनल होगा। इससे पहले हुए 12 मुकाबलों में 8 बार पाकिस्तान और महज 4 बार भारत को जीत मिली। 2017 के ICC चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में दोनों टीमें आखिरी बार खिताब के लिए भिड़ी थीं, तब भी पाकिस्तान ने ही बाजी मारी थी। भारत को आखिरी जीत 2007 के टी-20 वर्ल्ड कप में मिली थी।
भारत और पाकिस्तान के बीच हुए 12 फाइनल की कहानी…
वनडे में 11 फाइनल हुए, 8 पाकिस्तान जीता भारत और पाकिस्तान के बीच पहली बार किसी भी टूर्नामेंट का फाइनल 1985 में हुआ था। यह खिताबी मुकाबला वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ क्रिकेट का था। इसे भारत ने 8 विकेट से जीता था। इसे मिलाकर दोनों टीमों ने वनडे फॉर्मेट के अलग-अलग टूर्नामेंट में 11 फाइनल खेले, 8 में पाकिस्तान और महज 3 में भारत को जीत मिली।
टी-20 फॉर्मेट में दूसरी बार फाइनल में भिड़ेंगे मौजूदा एशिया कप टी-20 फॉर्मेट में खेला जा रहा है। इस फॉर्मेट में दोनों टीमें दूसरी बार ही एक-दूसरे के खिलाफ खिताबी मुकाबला खेलेंगी। इकलौती बार दोनों टीमें 2007 के टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में भिड़ीं थीं। तब एमएस धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने 5 रन से खिताबी मुकाबला जीतकर पहले वर्ल्ड कप की ट्रॉफी अपने नाम की थी।
IND-PAK 12 फाइनल में क्या-क्या हुआ?
फाइनल-1: भारत ने वर्ल्ड चैंपियनशिप जीती 10 मार्च 1985 को पहली बार भारत और पाकिस्तान के बीच किसी टूर्नामेंट का फाइनल हुआ। वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ क्रिकेट का यह फाइनल मेलबर्न के MCG स्टेडियम में खेला गया। पहले बैटिंग करते हुए पाकिस्तान 176 रन ही बना सका। जवाब में भारत से कृष्णमचारी श्रीकांत और रवि शास्त्री ने फिफ्टी लगाकर टीम को 47.1 ओवर में 8 विकेट से जीत दिला दी।
टूर्नामेंट में 7 टीमों ने हिस्सा लिया था। भारत ने पाकिस्तान को ग्रुप स्टेज में भी 6 विकेट के अंतर से हराया था। भारत ने अजेय रहते हुए खिताब पर कब्जा किया। ग्रुप स्टेज में टीम ने ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड को हराया। वहीं सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड को मात दी। रवि शास्त्री प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे।
फाइनल-2: मियांदाद का आखिरी गेंद पर विनिंग सिक्स 18 अप्रैल 1986 को शारजाह में भारत और पाकिस्तान के बीच ऑस्ट्रल-एशिया कप का फाइनल खेला गया। भारत ने पहले बैटिंग करते हुए 7 विकेट खोकर 245 रन बनाए। श्रीकांत, गावस्कर और वेंगसरकर ने फिफ्टी लगाई। पाकिस्तान ने 49.5 ओवर तक 9 विकेट खोकर 242 रन बना लिए।
आखिरी गेंद पर 4 रन चाहिए थे। मियांदाद ने चेतन शर्मा की गेंद पर छक्का लगाया और पाकिस्तान को फाइनल जिता दिया। उन्होंने 116 रन बनाए, इसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड भी मिला। न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका ने भी टूर्नामेंट में हिस्सा लिया। भारत ने श्रीलंका और पाकिस्तान ने न्यूजीलैंड को सेमीफाइनल हराया था। गावस्कर प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे।
फाइनल-3: विल्स ट्रॉफी में आकिब जावेद को 7 विकेट 25 अक्टूबर 1991 को विल्स ट्रॉफी के फाइनल में दोनों टीमें भिड़ीं। पाकिस्तान ने पहले बैटिंग करते हुए 6 विकेट के नुकसान पर 262 रन बना दिए। जाहिद फजल ने 98 और सलीम मलिक ने 87 रन बनाए। जवाब में टीम इंडिया 190 रन बनाकर सिमट गई। पाकिस्तान से तेज गेंदबाज आकिब जावेद ने महज 37 रन देकर 7 विकेट लिए।
विल्स ट्रॉफी ट्राई सीरीज थी। जिसमें वेस्टइंडीज ने भी हिस्सा लिया था। ग्रुप स्टेज में भारत-पाकिस्तान के बीच 2 मैच हुए। पहला मैच भारत ने 60 रन से जीता, वहीं दूसरे मुकाबले में पाकिस्तान ने 4 रन से जीत दर्ज की। टूर्नामेंट में 272 रन बनाने वाले भारत के संजय मांजरेकर प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने गए थे।
फाइनल-4: ऑस्ट्रल-एशिया कप में चमके आमिर सोहेल 22 अप्रैल 1994 को शारजाह में भारत-पाकिस्तान के बीच ऑस्ट्रल-एशिया कप का फाइनल हुआ। पाकिस्तान ने आमिर सोहेल और बासित अली की फिफ्टी की दम पर 250 रन बना दिए। जवाब में टीम इंडिया 211 रन बनाकर सिमट गई। सोहेल ने बॉलिंग से 2 विकेट भी लिए।
टूर्नामेंट में 6 टीमों ने हिस्सा लिया। भारत और पाकिस्तान के ग्रुप में UAE थी। वहीं दूसरे ग्रुप में ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और श्रीलंका थीं। भारत ने ग्रुप स्टेज में पाकिस्तान को 6 विकेट से हराया था। वहीं सेमीफाइनल में टीम ने ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान ने न्यूजीलैंड को मात दी। आमिर सोहेल को ही प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी चुना गया था।









