
दिल्ली: दो अक्टूबर देशभर में बृहस्पतिवार को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। इसके साथ ही नौ दिवसीय नवरात्र उत्सव का समापन हो गया और लोग रावण के पुतलों का दहन देखने के लिए रामलीला मैदानों में उमड़ पड़े। हालांकि, शाम को दिल्ली समेत कुछ स्थानों पर बारिश ने खलल डाल दिया। बारिश से रावण के पुतले भीग गए और इस वजह से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रमों को रद्द करना पड़ा। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी को इंद्रप्रस्थ रामलीला कमेटी द्वारा आयोजित ‘रावण दहन’ कार्यक्रम में शामिल होना था, जिसे अचानक भारी बारिश के कारण रद्द कर दिया गया, जबकि अमित शाह बारिश के कारण पीतमपुरा में एक कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।रावण के अलावा, उसके भाई कुंभकर्ण और पुत्र मेघनाद के पुतले भी खुले मैदान में दहन किये गए। मैसुरु में 11 दिवसीय दशहरा उत्सव और पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा का भी समापन हो गया।
मध्य प्रदेश में दो दुर्गा प्रतिमा विसर्जन शोभायात्राओं के दौरान हादसा हुआ जिसमें दो बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो गई। खंडवा जिले के पंधाना इलाके में एक ट्रैक्टर-ट्रॉली के झील में गिर जाने से कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई। ट्रॉली पर दुर्गा प्रतिमाएं रखी हुई थीं। उज्जैन जिले के नरसिंह गांव के पास 12 लोगों और दुर्गा प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जा रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली के चंबल नदी में गिर जाने से 8 और 16 वर्षीय दो लड़कों की मौत हो गई जबकि एक लड़का लापता हो गया। राष्ट्रीय राजधानी में बारिश के बीच, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लाल किले पर दशहरा समारोह में शामिल हुईं और माधवदास पार्क में “रावण दहन” के दौरान प्रतीकात्मक रूप से तीर चलाया। बारिश के बीच कई लोगों ने छाते लेकर यह कार्यक्रम देखा।
मुर्मू ने कहा कि यह त्योहार हमेशा से बुराई पर अच्छाई, अहंकार पर विनम्रता और घृणा पर प्रेम की विजय का प्रतीक रहा है। उन्होंने भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर की भी सराहना की और कहा कि यह आतंकवाद के रावण पर एक विजय है। उन्होंने मानवता की रक्षा के लिए सशस्त्र बलों को सलामी दी। मोदी पूर्वी दिल्ली के पटपड़गंज में दशहरा समारोह में शामिल होने वाले थे, लेकिन बारिश के कारण वे इसमें शामिल नहीं हो सके। इंद्रप्रस्थ रामलीला कमेटी के अध्यक्ष सुरेश बिंदल ने बताया कि बारिश के कारण पुतले क्षतिग्रस्त हो गए, लेकिन बाद में केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, विधायक अरविंदर सिंह लवली और अन्य की उपस्थिति में उनका दहन किया गया। इससे पहले, मोदी ने लोगों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। मोदी ने ‘एक्स’ पर लिखा, “विजयादशमी बुराई और असत्य पर अच्छाई और सत्य की विजय का प्रतीक है। मेरी कामना है कि इस पावन अवसर पर हर किसी को साहस, बुद्धि और भक्ति के मार्ग पर निरंतर अग्रसर रहने की प्रेरणा मिले। देशभर के मेरे परिवारजनों को विजयादशमी की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।” रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुजरात के सीमावर्ती शहर भुज के पास एक सैन्य अड्डे पर सैनिकों के साथ दशहरा मनाया और इस अवसर पर शस्त्र पूजा की। इस अवसर पर सिंह ने कहा कि सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई जारी रहेगी।
उन्होंने सर क्रीक क्षेत्र के प्रति किसी भी आक्रामकता के खिलाफ पाकिस्तान को चेतावनी भी दी और कहा कि इस तरह के किसी भी कदम का “कड़ा जवाब” दिया जाएगा जो “इतिहास और भूगोल” बदल सकता है। पिछले कुछ दिन में, शहरों, कस्बों और गांवों में रामलीला का मंचन किया गया, जिसमें कलाकारों ने रामायण के पात्रों की वेशभूषा धारण की और हिंदू महाकाव्य के दृश्यों का अभिनय किया। पश्चिम बंगाल में, दुर्गा पूजा उत्सव के समापन के प्रतीक विजयादशमी को बारिश के बीच ‘घोट विसर्जन’ (प्रतीकात्मक विसर्जन) और ‘सिंदूर खेला’ जैसे पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ मनाया गया। कोलकाता में, लाल किनारी वाली साड़ियों में महिलाओं ने बागबाजार और कुमारटुली सर्बोजोनिन समेत कई सामुदायिक पूजाओं में ‘सिंदूर खेला’ में भाग लिया, जहां राज्य के मंत्री शशि पांजा भी समारोह में शामिल हुईं। दशमी पूजा के बाद प्रतीकात्मक विसर्जन प्रमुख समारोहों में किया गया, जिनमें ब्रह्मपुर के शोभाबाजार राजबाड़ी और कासिमबाजार राजबाड़ी शामिल थे। बेलूर मठ में भी पारंपरिक अनुष्ठान किए गए। बंगाल की खाड़ी के ऊपर निम्न वायु दाब का क्षेत्र बनने के कारण रुक-रुक कर हो रही बारिश ने दक्षिण बंगाल के कुछ हिस्सों में उत्सव के माहौल को फीका कर दिया, जिससे सिंदूर खेला की रस्मों में थोड़ी देर के लिए व्यवधान उत्पन्न हुआ और मूर्ति विसर्जन से पहले अंतिम क्षणों में पंडालों में आने वाले लोगों को असुविधा हुई। जम्मू और कश्मीर में, शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम के अभ्यास मैदान में रावण, कुंभकरण और मेघनाद के विशाल पुतलों को एकत्रित लोगों के जयकारों के बीच आग के हवाले कर दिया गया। कार्यक्रम स्थल पर उत्सव का माहौल था, पटाखे फोड़े गए और वहां मौजूद लोगों के बीच मिठाइयां बांटी गईं। अधिकारियों ने बताया कि पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ़्ती समेत बड़ी संख्या में मुसलमान भी इस समारोह में आए। इससे पहले, श्रीनगर के इंदिरा नगर स्थित में एक मंदिर से दशहरा स्थल तक एक शोभा यात्रा निकाली गई। यह यात्रा 33 वर्षों के अंतराल के बाद 2023 में फिर से शुरू हुई थी। कर्नाटक के मैसुरु शहर में 11 दिनों तक चलने वाले विश्व प्रसिद्ध दशहरा उत्सव का विजयादशमी के भव्य शोभायात्रा के साथ समापन हो गया। ‘नाडा हब्बा’ (राज्य उत्सव) के रूप में मनाया जाने वाला मैसुरु दशहरा या ‘शरणा नवरात्रि’ उत्सव इस साल कर्नाटक की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को शाही धूमधाम और गौरव के साथ प्रदर्शित करने का मंच बना।
हजारों लोग ‘जंबू सवारी’ देखने के लिए जुटे। ‘अभिमन्यु’ नाम के हाथी के नेतृत्व में एक दर्जन सजे-धजे हाथियों की शोभायात्रा निकली। अभिमन्यु की पीठ पर मैसुरु और यहां के राजपरिवार की अधिष्ठात्री देवी चामुंडेश्वरी का विग्रह 750 किलोग्राम के स्वर्णिम हौदा या ‘अंबरी’ में स्थापित किया गया। भव्य शोभायात्रा मुख्यमंत्री सिद्धरमैया द्वारा अपराह्न एक बजे से 1.18 बजे के बीच शुभ ‘धनुर लग्न’ के दौरान राजसी अम्बा विलास पैलेस के बलराम द्वार पर नंदी ध्वज की पूजा के साथ शुरू हुई। नंदी ध्वज की पूजा करने के बाद सिद्धरमैया ने राज्य के लोगों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विजयादशमी के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में गोरक्षपीठाधीश्वर के साथ महायोगी गुरु गोरखनाथ की विशेष पूजा की। देवी आदिशक्ति की पूजा-अर्चना के बाद, वह मुख्य मंदिर के गर्भगृह में गए, जहां उनके साथ संत, संस्कृत विद्यापीठ के आचार्य और वैदिक छात्र मंत्रोच्चार कर रहे थे। मंदिर सूत्रों ने बताया कि वहां उन्होंने पूजा-अर्चना की, आरती की और सभी के कल्याण की कामना की। नागपुर में, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने वार्षिक विजयादशमी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक परस्पर निर्भरता एक बाध्यता नहीं बननी चाहिए और ‘स्वावलंबन’ का कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू समाज की अंतर्निहित शक्ति और चरित्र राष्ट्रीय एकता व विकास की गारंटी देते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह “हम और वे” की विभाजनकारी मानसिकता से मुक्त एक समावेशी शक्ति है। हिमाचल प्रदेश में, कुल्लू शहर के रथ मैदान में सप्ताह भर चलने वाला कुल्लू दशहरा उत्सव शुरू हो गया है। यह दशहरा अनोखा है क्योंकि यह तब शुरू होता है जब शेष भारत में दशहरा समाप्त होता है और इसमें आसपास के गांवों से देवी-देवताओं की भव्य शोभायात्रा और समागम होता है।









