
10 महीनो में हुए साढ़े तीन हजार से अधिक सायबर फ्रॉड – टास्क, ट्रेडिंग, गेमिंग, केवायसी अपडेट, रिवॉर्ड प्वाइंट रिडीम की शिकायतें सबसे अधिक भोपाल/इंदौर
इंदौर क्राइम ब्रांच द्वारा साल 2025 में ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायतों पर सराहनीय कार्यवाही करते हुए इंदौर पुलिस की फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन टीमों ने पीड़ित लोगो को 11 करोड़ 30 लाख 23 हजार 919 रुपये से अधिक राशि वापस कराई है। इस साल क्राइम ब्रांच को लगभग साढ़े तीन हजार सायबर ठगी की शिकायतें मिलीं, जिनमें से कई मामलो में प्रभावी कार्यवाही करते हुए आरोपियो को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही क्राइम ब्रांच इंदौर ने हजारों फर्जी बैंक खातों को फ्रीज किया है, और 100 से अधिक हैक किये गए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसै, फेसबुक, इंसटाग्राम अकाउंट को रिकवर कराया है। वहीं 200 से अधिक फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट जिन्हें आवेदकों के नाम और फोटो से बनाया गया था, उन्हें ब्लॉक भी कराया गया। विभाग द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक साल 2025 में जनवरी से माह सितंबर तक के आंकड़ो पर नजर डाली जाये तो पुलिस टीमो ने जनवरी महीने में टीम ने 70 लाख से अधिक, फरवरी में करीब 82 लाख, मार्च में 60 लाख से अधिक, अप्रैल में 61 लाख , 54 हजार 890 रुपये, मई माह में 1 करोड़ 73 लाख 4 हजार 552, जून में 1 करोड़ 86 लाख 62 हजार 205 रुपये, जुलाई में 1 करोड़ 78 लाख 82 हजार 194 रुपये, अगस्त में 1 करोड़ 49 लाख 71 हजार 122 रुपये और सितंबर में 1 करोड़ 68 लाख 10 हजार की रकम पीड़ितो को वापस लौटाई गई। * टास्क, ट्रेडिंग, गेमिंग की शिकायतें सबसे अधिक क्राइम ब्रांच इंदौर को मिली सायबर फ्रॉड शिकायतों में सबसे अधिक इन्वेस्टमेंट ऑनलाइन फ्रॉड (जैसे टास्क, ट्रेडिंग, गेमिंग आदि) की शिकायतें रही। इसके साथ ही बैंक अधिकारी बनकर केवायसी अपडेट, रिवॉर्ड प्वाइंट रिडीम, क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने के नाम पर भी धोखाधड़ी की शिकायते मिली। वहीं सायबर ठगोरो द्वारा परिचित या रिश्तेदार बनकर भी कई लोगो से ऑनलाइन ठगी की गई। पुलिस ने आमजन को सायबर ठगोरो के जाल से बचाने के लिये जागरूकता कार्यक्रमों के तहत लाखों लोगों को साइबर अपराध से बचाव के तरीके बताकर जागरूक किया है। विभाग ने आमजन से अपील की है कि ऑनलाइन से किसी भी तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए इंदौर पुलिस कमिश्नरेट के सेफ क्लिक वेबसाइट को देखने का भी आग्रह किया है।









