
एक संघर्ष, एक सफलता की कहानी
ग्वालियर की धरती पर पहली बार महिला अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी के रूप में कुमारी करिश्मा यादव और कुमारी नेहा सिंह ने अपनी पहचान बनाई। नेहा सिंह वर्तमान में उड़ीसा में हॉकी कोच के रूप में कार्यरत हैं। इन दोनों प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मैदान तक लाने और प्रारंभिक प्रशिक्षण देने का कार्य समाज की कड़ी आलोचना और विरोध के बावजूद मैंने स्वयं किया।
समाज की परंपरागत सोच के विरुद्ध जाकर इन बालिकाओं को खेल के मैदान तक लाना आसान नहीं था। लेकिन उनके अंदर छिपी प्रतिभा और संकल्प को देखकर यह विश्वास था कि एक दिन ये बेटियां देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगी – और उन्होंने कर दिखाया। आज जब ये खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ग्वालियर और मध्य प्रदेश का गौरव बढ़ा रही हैं, तो यह प्रमाण है कि यदि सही दिशा और मार्गदर्शन मिले, तो कोई भी बाधा सफलता के मार्ग में नहीं आ सकती।








