
बैठक में संगठन से जुड़े लंबित मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई, जिनमें विशेष रूप से सामाजिक न्याय, पिछड़े वर्गों के अधिकार, तथा मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों की समीक्षा शामिल रही।
डॉ. रीना सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि संगठन का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक न्याय और अधिकारों की पहुँच सुनिश्चित करना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज भी समाज के कई ऐसे वर्ग हैं जो शिक्षा, स्वास्थ्य और न्याय से वंचित हैं — विशेषकर गरीब, पिछड़े और अनपढ़ लोग, जो अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं हैं।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि मानवाधिकार संरक्षण के कार्य को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने हेतु स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान, कानूनी सहायता शिविर और समाजिक एकीकरण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
सभी सदस्यों ने यह संकल्प लिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पीड़ितों की आवाज़ बनकर कार्य करेंगे और किसी भी प्रकार के अधिकार हनन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित कराएंगे।
बैठक का समापन संगठन के उद्देश्यों को दोहराते हुए और आगामी कार्ययोजनाओं पर चर्चा के साथ किया गया।









