
करवा चौथ
बिना अन्न जल रहती पत्नी ,
पति का दिन खास है ।।
दुआ दया श्री शिव से मांगे ,
दो दिल इक तन जीवन सांसें ,
जीने का आधार बना ।।
करवा चौथ आज भारत का ,
स्नेही त्योहार बना ।।
आजीवन खुश हंसते रहना ,
दुआ दया विश्वास सहारा ।।
सौगंधों का मधुर दौर यह ,
गहरा दरिया पार किनारा ।।
साजन के सुंदर हाथों से ,
सजनी का उपहार बना ।।
करवा चौथ आज भारत का ,
स्नेही त्योहार बना ।।
नारी नर की पूजा करती ,
यह नारी के भगवान है ।।
एक हमारा भारत ऐसा ,
जहां नारी का सम्मान है ।।
अखिल विश्व की मर्यादा का ,
भारत नव परिवार बना ।।
करवा चौथ आज भारत का ,
स्नेही त्योहार बना ।।
दीनों के तुम मदद गार हो ,
प्रीत अधर पर लाए रखना ।।
जैसा प्रेम आज आज दोनों में ,
ऐसा सदा बनाए रखना ।।
कंचन कहती सच ही लिखते ,
यह सुंदर सुख प्यार बना ।।
करवा चौथ आज भारत का ,
स्नेही त्योहार बना ।।
डॉ0 सुनीताश्रीवास्तव सुलतानपुर









