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ई-श्रम से जुड़ना हुआ आसान, वेबसाइट से लेकर CSC और डाकघर तक उपलब्ध पंजीकरण की सुविधा

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नई दिल्ली। असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया अब पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक बनाई गई है। श्रमिक अपनी सुविधा और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार ई-श्रम की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से स्वयं पंजीकरण कर सकते हैं। इसके अलावा UMANG मोबाइल प्लेटफॉर्म, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) तथा राज्य सेवा केंद्र (SSK) जैसी सुविधाओं के माध्यम से भी पंजीकरण और आवश्यक अपडेट की सुविधा उपलब्ध है। ई-श्रम पोर्टल का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों का केंद्रीकृत डेटाबेस तैयार करना और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच को अधिक प्रभावी बनाना है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार ई-श्रम डेटाबेस में निर्माण श्रमिकों, प्रवासी श्रमिकों, घरेलू कामगारों, स्ट्रीट वेंडरों, कृषि श्रमिकों तथा गिग और प्लेटफॉर्म वर्करों सहित विभिन्न श्रेणियों के असंगठित कामगारों को शामिल किया जाता है।
ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण के लिए पात्र असंगठित कामगारों की आयु सामान्यतः 16 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए और उन्हें निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना होता है। आधिकारिक पोर्टल के अनुसार पंजीकरण के लिए आधार नंबर और आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर आवश्यक है। जिन श्रमिकों का मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है, वे निकटतम CSC या SSK पर जाकर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य उन श्रमिकों को भी डिजिटल सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ना है, जिन्हें ऑनलाइन प्रक्रिया में स्वयं पंजीकरण करने में कठिनाई हो सकती है। ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता और आधिकारिक FAQ के अनुसार ई-श्रम कार्ड की कोई समाप्ति अवधि नहीं है, हालांकि श्रमिकों को अपनी जानकारी को समय-समय पर अपडेट रखने की सलाह दी जाती है।
ई-श्रम व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य असंगठित श्रमिकों की पहचान और उनके रोजगार से संबंधित जानकारी को एक केंद्रीकृत डेटाबेस में उपलब्ध कराना है। इसमें श्रमिक का व्यवसाय, पता, कौशल, शैक्षणिक योग्यता तथा कार्य से संबंधित अन्य विवरण शामिल किए जा सकते हैं। इस डेटाबेस का उपयोग केंद्र और राज्य सरकारों की सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं की डिलीवरी को बेहतर बनाने के लिए किया जाना है। विशेष रूप से प्रवासी और निर्माण श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा लाभों की पोर्टेबिलिटी को भी ई-श्रम व्यवस्था के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल किया गया है, ताकि काम के सिलसिले में एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने वाले श्रमिकों तक योजनाओं की पहुंच बनी रहे।
ई-श्रम से जुड़ने के लिए श्रमिक आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर “Register on eShram” विकल्प का उपयोग कर सकते हैं। जिन लोगों का पहले से पंजीकरण हो चुका है, वे पोर्टल के माध्यम से लॉगिन कर अपनी जानकारी को अपडेट कर सकते हैं। आधिकारिक पोर्टल पर वर्तमान में प्रोफाइल और व्यवसाय संबंधी जानकारी को अपडेट रखने की सलाह भी दी जा रही है, ताकि पात्र योजनाओं और सेवाओं से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराते समय श्रमिकों का रिकॉर्ड अद्यतन रहे। पोर्टल पर UMANG के माध्यम से ई-श्रम सेवाओं की उपलब्धता और नया ई-श्रम मोबाइल ऐप भी प्रदर्शित किया गया है। इसके अतिरिक्त पोर्टल पर रोजगार और प्रशिक्षण से संबंधित अन्य सरकारी डिजिटल सेवाओं तक पहुंच के विकल्प भी उपलब्ध हैं।
श्रमिकों के लिए यह भी महत्वपूर्ण है कि ई-श्रम में पंजीकरण को किसी एक आर्थिक सहायता या नकद भुगतान की गारंटी के रूप में न देखा जाए। आधिकारिक FAQ के अनुसार वर्तमान में ई-श्रम मुख्य रूप से असंगठित श्रमिकों के पंजीकरण और डेटाबेस निर्माण की व्यवस्था है, जबकि विभिन्न सामाजिक सुरक्षा लाभ संबंधित योजनाओं की अपनी पात्रता और नियमों के आधार पर निर्धारित होते हैं। इसलिए किसी भी योजना का लाभ लेने से पहले संबंधित योजना की पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और शर्तों की जानकारी आधिकारिक माध्यम से प्राप्त करना जरूरी है। पंजीकृत श्रमिक अपनी व्यक्तिगत जानकारी, मोबाइल नंबर, वर्तमान पता, व्यवसाय, शैक्षणिक योग्यता और कौशल संबंधी विवरणों को भी आवश्यकतानुसार अपडेट कर सकते हैं।
ई-श्रम पोर्टल पर सहायता के लिए राष्ट्रीय हेल्पडेस्क की सुविधा भी उपलब्ध है। आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार 14434 और 18008896811 हेल्पडेस्क नंबर पर सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक, रविवार सहित, सहायता प्राप्त की जा सकती है। पंजीकरण, अपडेट या अन्य समस्या होने पर श्रमिक निकटतम CSC केंद्र की सहायता ले सकते हैं। ई-श्रम की आधिकारिक वेबसाइट पर CSC लोकेटर की सुविधा भी उपलब्ध है, जिसके माध्यम से नजदीकी केंद्र की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। सरकार की इस डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को एक व्यापक सामाजिक सुरक्षा तंत्र से जोड़ना और जरूरत के समय विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं तक उनकी पहुंच को सुगम बनाना है। श्रमिक स्वयं या सहायता केंद्र के माध्यम से अपना पंजीकरण कराकर इस व्यवस्था में शामिल हो सकते हैं।
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