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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आज हरसूद-खंडवा प्रवास

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रानी दुर्गावती जन्मोत्सव, लोकार्पण-भूमिपूजन और सेवा से जुड़े कार्यक्रमों में होंगे शामिल

भोपाल/खंडवा। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को खंडवा जिले के हरसूद क्षेत्र के प्रवास पर रहेंगे। मुख्यमंत्री के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उनका यह दौरा विभिन्न प्रशासनिक, सामाजिक एवं विकासात्मक गतिविधियों से जुड़ा रहेगा। कार्यक्रम में रानी दुर्गावती जन्मोत्सव, विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन, सेवा मेरा योगदान कार्यक्रम, सेवा सेतु अभियान कार्यक्रम तथा स्थानीय कार्यक्रमों में सहभागिता शामिल है। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर संबंधित स्तर पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री की दिनचर्या की शुरुआत सुबह भोपाल में होने वाली ब्रीफिंग से होगी। इसके बाद वे रविन्द्र भवन पहुंचेंगे, जहां अभिनंदन कार्यक्रम प्रस्तावित है। कार्यक्रमों में सहभागिता के पश्चात मुख्यमंत्री स्टेट हैंगर भोपाल पहुंचेंगे और वहां से हेलीकॉप्टर के माध्यम से हरसूद, जिला खंडवा के लिए रवाना होंगे। हरसूद पहुंचने के बाद विभिन्न निर्धारित कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे।

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सुबह भोपाल में ब्रीफिंग से होगी कार्यक्रम की शुरुआत

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को सुबह 10.15 बजे ब्रीफिंग में शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम में इस ब्रीफिंग के लिए एडीजी इंटेलिजेंस एवं आयुक्त जनसंपर्क का उल्लेख किया गया है। इसके बाद मुख्यमंत्री सुबह 11 बजे रविन्द्र भवन भोपाल पहुंचेंगे। यहां उनके लिए अभिनंदन कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।

अभिनंदन कार्यक्रम का समय सुबह 11 बजे से 11.40 बजे तक निर्धारित है। इसके बाद मुख्यमंत्री का अगला कार्यक्रम स्टेट हैंगर भोपाल से जुड़ा है। वे लगभग 11.40 से 11.55 बजे के बीच स्टेट हैंगर भोपाल पहुंचेंगे। कार्यक्रम विवरण के अनुसार इस दौरान आवागमन कार से होगा।

इसके बाद मुख्यमंत्री दोपहर करीब 12 बजे स्टेट हैंगर भोपाल से हेलीकॉप्टर द्वारा हरसूद, जिला खंडवा के लिए प्रस्थान करेंगे। हरसूद में उनके पहुंचने के बाद विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।

हरसूद में रानी दुर्गावती जन्मोत्सव कार्यक्रम

मुख्यमंत्री के हरसूद प्रवास का प्रमुख कार्यक्रम रानी दुर्गावती जन्मोत्सव है। निर्धारित कार्यक्रम में इसे प्रमुखता से शामिल किया गया है। रानी दुर्गावती भारतीय इतिहास में अपने साहस, नेतृत्व और संघर्ष के लिए जानी जाती हैं। उनके जीवन और योगदान को स्मरण करने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की सहभागिता निर्धारित है।

हरसूद में मुख्यमंत्री के आगमन के बाद स्थानीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में उनकी सहभागिता रहेगी। कार्यक्रम के दौरान रानी दुर्गावती के जीवन, उनके योगदान और उनके ऐतिहासिक महत्व को स्मरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री का यह प्रवास क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि निर्धारित कार्यक्रम में ऐतिहासिक स्मरण के साथ-साथ विकास एवं सेवा से जुड़े कई अन्य कार्यक्रमों को भी शामिल किया गया है।

रानी दुर्गावती जन्मोत्सव के साथ मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी निर्धारित है। इससे क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर कार्यक्रम की महत्ता और बढ़ जाती है। हालांकि जारी कार्यक्रम विवरण में लोकार्पण एवं भूमिपूजन के अंतर्गत आने वाले कार्यों की विस्तृत सूची उपलब्ध नहीं है, लेकिन कार्यक्रम का हिस्सा होने के कारण विकास कार्यों से संबंधित गतिविधियां मुख्यमंत्री के दौरे में शामिल रहेंगी।

लोकार्पण और भूमिपूजन से विकास कार्यों को गति देने का संदेश

मुख्यमंत्री के हरसूद दौरे के दौरान लोकार्पण एवं भूमिपूजन का कार्यक्रम भी निर्धारित किया गया है। किसी भी क्षेत्र में विकास कार्यों के लोकार्पण और नए कार्यों के भूमिपूजन को स्थानीय विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में आयोजित होने वाले ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से विकास कार्यों को सार्वजनिक रूप से सामने रखा जाता है।

हरसूद में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विभिन्न निर्धारित गतिविधियों में शामिल होंगे। प्रशासनिक कार्यक्रम के अनुसार यह आयोजन स्थानीय स्तर पर विकास से जुड़े विषयों के साथ जुड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान क्षेत्र से संबंधित विकास गतिविधियों को प्रमुखता मिलने की संभावना है।

लोकार्पण और भूमिपूजन कार्यक्रमों के माध्यम से शासन की विकास योजनाओं को स्थानीय स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है। इससे संबंधित क्षेत्रों में चल रहे अथवा प्रस्तावित कार्यों की जानकारी भी आमजन तक पहुंचती है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में इस गतिविधि को शामिल किया जाना हरसूद प्रवास के महत्वपूर्ण हिस्सों में से एक है।

सेवा मेरा योगदान कार्यक्रम में सहभागिता

हरसूद में मुख्यमंत्री ‘सेवा मेरा योगदान कार्यक्रम’ में भी शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम सूची में इसे प्रमुखता से शामिल किया गया है। सेवा आधारित कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज और शासन के बीच सहयोग तथा जनभागीदारी की भावना को आगे बढ़ाना माना जाता है।

‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम के माध्यम से सेवा की भावना और सामाजिक भागीदारी को रेखांकित किया जाएगा। मुख्यमंत्री की सहभागिता के दौरान कार्यक्रम से जुड़े विषयों पर चर्चा और निर्धारित गतिविधियों का आयोजन होगा। कार्यक्रम का उद्देश्य सेवा कार्यों को प्रोत्साहित करने और समाज में सकारात्मक भागीदारी की भावना को मजबूत करने से जुड़ा है।

हरसूद प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता के कारण स्थानीय लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच भी संवाद का अवसर बनेगा। निर्धारित कार्यक्रम में सेवा से जुड़े विषयों को स्थान दिया गया है, जिससे मुख्यमंत्री के दौरे का एक महत्वपूर्ण पक्ष सामाजिक सहभागिता भी रहेगा।

सेवा सेतु अभियान कार्यक्रम भी रहेगा महत्वपूर्ण

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में ‘सेवा सेतु अभियान कार्यक्रम’ भी शामिल है। सेवा सेतु की अवधारणा शासन की सेवाओं और आम नागरिकों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करने से जुड़ी मानी जाती है। हरसूद में मुख्यमंत्री की मौजूदगी में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के माध्यम से सेवा और जनसरोकार से जुड़े विषयों को सामने रखा जाएगा।

सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से प्रशासनिक व्यवस्था और नागरिकों के बीच संपर्क को मजबूत करने पर जोर दिया जाता है। मुख्यमंत्री के दौरे में सेवा सेतु अभियान को शामिल किए जाने से इस पहल को विशेष महत्व मिल रहा है।

कार्यक्रम में स्थानीय स्तर पर विभिन्न गतिविधियों के साथ मुख्यमंत्री की सहभागिता निर्धारित है। निर्धारित कार्यक्रम में स्थानीय कार्यक्रम भी शामिल हैं। इस कारण हरसूद प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री क्षेत्रीय स्तर पर आयोजित गतिविधियों में भी हिस्सा लेंगे।

स्थानीय कार्यक्रमों में भी मुख्यमंत्री की सहभागिता

हरसूद पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में पांच प्रमुख गतिविधियों का उल्लेख किया गया है। इनमें रानी दुर्गावती जन्मोत्सव, लोकार्पण/भूमिपूजन, सेवा मेरा योगदान कार्यक्रम, सेवा सेतु अभियान कार्यक्रम और स्थानीय कार्यक्रम शामिल हैं।

स्थानीय कार्यक्रमों के माध्यम से क्षेत्र से जुड़े विषयों को भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखने का अवसर मिल सकता है। मुख्यमंत्री के किसी क्षेत्रीय दौरे में स्थानीय स्तर के कार्यक्रमों की अपनी अलग भूमिका होती है। ऐसे अवसरों पर स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की सहभागिता रहती है।

हरसूद में निर्धारित कार्यक्रमों के कारण मुख्यमंत्री का प्रवास केवल एक औपचारिक दौरे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें ऐतिहासिक, विकासात्मक और सेवा आधारित गतिविधियों का समावेश किया गया है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर स्थानीय स्तर पर तैयारियों को महत्व दिया जा रहा है।

दोपहर में वीसी के माध्यम से बलराम कृषि महोत्सव से जुड़ेंगे

हरसूद में निर्धारित कार्यक्रमों के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दोपहर 2.10 बजे से 2.25 बजे तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बलराम कृषि महोत्सव, नीमच से जुड़ेंगे। कार्यक्रम में इस गतिविधि के लिए वीसी का उल्लेख किया गया है।

कृषि क्षेत्र मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। किसानों तथा कृषि से जुड़े विषयों को लेकर आयोजित कार्यक्रमों का अपना महत्व है। मुख्यमंत्री का नीमच के बलराम कृषि महोत्सव से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ना उनके निर्धारित दौरे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा।

हरसूद प्रवास के बीच मुख्यमंत्री द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दूसरे जिले के कार्यक्रम में सहभागिता करना यह दर्शाता है कि निर्धारित कार्यक्रम में एक ही दिन में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े कार्यक्रमों को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री हरसूद में मौजूद रहते हुए निर्धारित समय में नीमच के कार्यक्रम से जुड़ेंगे।

2.35 बजे हरसूद से भोपाल वापसी

बलराम कृषि महोत्सव, नीमच से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ने के बाद मुख्यमंत्री के वापसी कार्यक्रम का समय निर्धारित है। कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 2.35 बजे से 3.15 बजे तक मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से हरसूद, जिला खंडवा से स्टेट हैंगर भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे।

इस प्रकार हरसूद में दोपहर के समय निर्धारित कार्यक्रमों को पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री भोपाल लौटेंगे। उनका हरसूद प्रवास लगभग दोपहर के शुरुआती समय में केंद्रित रहेगा, जिसमें विभिन्न कार्यक्रमों में उनकी सहभागिता प्रस्तावित है।

भोपाल लौटने के बाद मुख्यमंत्री का 3.30 बजे निवास आगमन निर्धारित किया गया है। इसके बाद शाम 4.30 बजे मुलाकात का कार्यक्रम निर्धारित है। इस प्रकार मुख्यमंत्री की सोमवार की निर्धारित दिनचर्या में सुबह से लेकर शाम तक विभिन्न प्रशासनिक, सामाजिक और क्षेत्रीय कार्यक्रम शामिल हैं।

प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों को महत्व

मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर कार्यक्रम से जुड़ी व्यवस्थाओं को महत्व दिया गया है। मुख्यमंत्री के किसी भी जिला प्रवास में सुरक्षा, आवागमन, कार्यक्रम स्थल, मंच व्यवस्था, अधिकारियों की मौजूदगी तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार की जाती हैं।

हरसूद में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के लिए भी संबंधित स्तर पर आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। मुख्यमंत्री के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उनके आगमन और प्रस्थान का समय तय है। हेलीकॉप्टर से यात्रा के कारण हेलीपैड तथा उससे संबंधित व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दिया जाना स्वाभाविक है।

कार्यक्रम में रानी दुर्गावती जन्मोत्सव से लेकर विकास कार्यों के लोकार्पण-भूमिपूजन और सेवा से जुड़े कार्यक्रम शामिल होने के कारण आयोजन स्थल पर अलग-अलग गतिविधियों के लिए समन्वय आवश्यक रहेगा। प्रशासनिक अधिकारी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।

विकास, सेवा और स्थानीय सहभागिता पर रहेगा जोर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के हरसूद दौरे के कार्यक्रम को देखा जाए तो इसमें तीन प्रमुख आयाम दिखाई देते हैं—ऐतिहासिक स्मरण, विकास कार्य और सेवा आधारित गतिविधियां। रानी दुर्गावती जन्मोत्सव ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पक्ष से जुड़ा है, जबकि लोकार्पण एवं भूमिपूजन विकास से संबंधित है। वहीं सेवा मेरा योगदान और सेवा सेतु अभियान सामाजिक एवं जनसेवा से जुड़े कार्यक्रम हैं।

इन सभी गतिविधियों को एक ही दौरे में शामिल किए जाने से मुख्यमंत्री का हरसूद प्रवास बहुआयामी रहेगा। स्थानीय कार्यक्रमों के माध्यम से क्षेत्रीय स्तर पर भी सहभागिता का अवसर रहेगा।

मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान क्षेत्र के विकास और जनहित से जुड़े विषयों को लेकर भी लोगों की अपेक्षाएं रहती हैं। निर्धारित कार्यक्रम में लोकार्पण एवं भूमिपूजन के साथ सेवा से जुड़े कार्यक्रम शामिल होने के कारण दौरे का फोकस विकास और जनसेवा पर रहने की संभावना है।

रानी दुर्गावती की स्मृति को नमन

रानी दुर्गावती का नाम भारतीय इतिहास में वीरता और नेतृत्व के लिए विशेष रूप से लिया जाता है। उनके जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम उनके ऐतिहासिक योगदान को स्मरण करने का अवसर प्रदान करता है। हरसूद में मुख्यमंत्री की मौजूदगी में आयोजित होने वाला जन्मोत्सव कार्यक्रम इसी दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

ऐसे अवसर नई पीढ़ी को इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में भी भूमिका निभाते हैं। रानी दुर्गावती के जीवन और संघर्ष से जुड़े प्रसंगों को कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जाता है। मुख्यमंत्री की सहभागिता के कारण आयोजन को प्रशासनिक एवं सार्वजनिक स्तर पर भी महत्व मिलेगा।

एक दिन में कई कार्यक्रमों का समन्वय

मुख्यमंत्री का सोमवार का कार्यक्रम काफी व्यवस्थित और समयबद्ध है। सुबह 10.15 बजे ब्रीफिंग, 11 बजे रविन्द्र भवन में अभिनंदन, 11.40 बजे स्टेट हैंगर और 12 बजे हरसूद के लिए हेलीकॉप्टर से प्रस्थान निर्धारित है। हरसूद में कई कार्यक्रमों में सहभागिता के बाद दोपहर 2.10 बजे नीमच के बलराम कृषि महोत्सव से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ने का कार्यक्रम है।

इसके बाद 2.35 बजे हरसूद से भोपाल वापसी और 3.30 बजे निवास आगमन निर्धारित है। शाम 4.30 बजे मुलाकात का कार्यक्रम रखा गया है। इससे स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री के सोमवार के कार्यक्रम में समय प्रबंधन को विशेष महत्व दिया गया है।

हरसूद में निर्धारित गतिविधियों के कारण जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के लिए भी कार्यक्रम के सफल संचालन की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण रहेगी। सभी कार्यक्रम निर्धारित समय के अनुसार संचालित किए जाने की योजना है।

हरसूद प्रवास को लेकर स्थानीय स्तर पर उत्साह

मुख्यमंत्री के हरसूद आगमन को लेकर स्थानीय स्तर पर भी उत्सुकता है। रानी दुर्गावती जन्मोत्सव और विकास कार्यों से जुड़े कार्यक्रमों के कारण स्थानीय लोगों के लिए यह दौरा महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में होने वाले कार्यक्रमों में क्षेत्रीय प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों की सहभागिता भी रहेगी।

लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम के माध्यम से विकास कार्यों को सार्वजनिक मंच मिलेगा। वहीं सेवा आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से जनभागीदारी और सामाजिक सेवा के विषयों को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।

हरसूद के साथ-साथ खंडवा जिले के लिए भी मुख्यमंत्री का यह प्रवास महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यक्रम के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम में जिले से जुड़े विभिन्न विषयों की मौजूदगी रहेगी और मुख्यमंत्री निर्धारित गतिविधियों में सहभागिता करेंगे।

किसानों से जुड़े कार्यक्रम को भी मिला स्थान

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में हरसूद के साथ नीमच के बलराम कृषि महोत्सव को भी स्थान दिया गया है। मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। कृषि क्षेत्र से संबंधित आयोजन होने के कारण इसका अपना महत्व है।

मुख्यमंत्री का दौरा एक जिले तक सीमित न रहकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दूसरे जिले के कार्यक्रम से भी जुड़ रहा है। निर्धारित समय के अनुसार 2.10 से 2.25 बजे तक यह गतिविधि पूरी की जाएगी।

इसके बाद मुख्यमंत्री का हरसूद से भोपाल वापसी का कार्यक्रम है। इस तरह दिनभर की गतिविधियों में प्रशासनिक ब्रीफिंग, अभिनंदन, जिला प्रवास, ऐतिहासिक कार्यक्रम, विकास कार्य, सेवा कार्यक्रम और कृषि कार्यक्रम शामिल हैं।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेगा दौरा

मुख्यमंत्री का हरसूद दौरा निर्धारित समय-सारणी के अनुसार आगे बढ़ेगा। सुबह भोपाल से शुरू होने वाली गतिविधियां दोपहर तक हरसूद में केंद्रित रहेंगी। मुख्यमंत्री के आगमन के बाद स्थानीय कार्यक्रमों की श्रृंखला होगी। इसके बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नीमच के कार्यक्रम में सहभागिता और फिर भोपाल वापसी होगी।

दौरे के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित विभागों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण रहेगा। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री की सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं के साथ-साथ आमंत्रित लोगों और स्थानीय सहभागिता के लिए भी आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे।

शाम को भोपाल में मुलाकात का कार्यक्रम

हरसूद से वापसी के बाद मुख्यमंत्री दोपहर करीब 3.30 बजे अपने निवास पहुंचेंगे। इसके बाद शाम 4.30 बजे मुलाकात का कार्यक्रम निर्धारित है। मुख्यमंत्री की दिनभर की व्यस्तता के बाद शाम का यह कार्यक्रम भोपाल में ही रहेगा।

इस प्रकार सोमवार का मुख्यमंत्री का कार्यक्रम सुबह से लेकर शाम तक विभिन्न गतिविधियों से जुड़ा रहेगा। हरसूद प्रवास इस कार्यक्रम का मुख्य हिस्सा होगा, जिसमें रानी दुर्गावती जन्मोत्सव, विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन तथा सेवा से जुड़े कार्यक्रम शामिल हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का 5 अक्टूबर 2026 का हरसूद-खंडवा प्रवास ऐतिहासिक स्मरण, विकास और सेवा गतिविधियों का महत्वपूर्ण संयोजन है। मुख्यमंत्री रानी दुर्गावती जन्मोत्सव में शामिल होने के साथ ही लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे। इसके अलावा सेवा मेरा योगदान और सेवा सेतु अभियान कार्यक्रम में भी उनकी मौजूदगी रहेगी।

हरसूद प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री स्थानीय कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे। दोपहर में वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नीमच के बलराम कृषि महोत्सव से जुड़ेंगे और इसके बाद हेलीकॉप्टर से भोपाल लौटेंगे। शाम को निवास आगमन के बाद मुलाकात का कार्यक्रम निर्धारित है।

मुख्यमंत्री के इस दौरे को लेकर प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक तैयारियां की गई हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सभी गतिविधियों को समयबद्ध ढंग से संपन्न कराया जाएगा। हरसूद में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के माध्यम से क्षेत्रीय विकास, सेवा और ऐतिहासिक विरासत से जुड़े विषयों को प्रमुखता मिलेगी।

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