
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 6 अक्टूबर 2026 को ‘सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026’ का आयोजन लाल परेड ग्राउंड में किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेशभर से पहुंचे हजारों युवाओं से सीधे संवाद करेंगे। कॉन्क्लेव का प्रमुख उद्देश्य युवाओं के सपनों, विचारों, प्रतिभा और आकांक्षाओं को शिक्षा, कौशल, रोजगार, उद्यमिता, नवाचार और नई तकनीकों से जुड़े अवसरों के साथ जोड़ना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार कार्यक्रम में 20 हजार से अधिक युवाओं की भागीदारी प्रस्तावित है। ‘युवा सोच, नई तकनीक और नए अवसरों का संगम’ की अवधारणा के साथ आयोजित यह कार्यक्रम युवाओं को बदलते समय की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने और उनके सामने उपलब्ध विभिन्न करियर विकल्पों की जानकारी देने के लिए एक साझा मंच उपलब्ध कराएगा। मुख्यमंत्री के साथ होने वाला सीधा संवाद इस आयोजन का महत्वपूर्ण पक्ष रहेगा, जिसमें युवा अपने विचार, अनुभव, आकांक्षाएं और भविष्य से जुड़ी अपेक्षाएं साझा कर सकेंगे। आज के दौर में तकनीकी बदलाव, रोजगार के बदलते स्वरूप और नए क्षेत्रों के तेजी से उभरने के बीच युवाओं के लिए सही जानकारी और कौशल का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में कॉन्क्लेव में शिक्षा के पारंपरिक विकल्पों के साथ-साथ नए जमाने के रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसरों पर चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम को युवाओं की प्रतिभा को अवसरों से जोड़ने तथा उन्हें अपने करियर और भविष्य को लेकर बेहतर विकल्प समझने का अवसर देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ प्रत्यक्ष संवाद से युवाओं को शासन स्तर पर अपनी बात रखने का अवसर भी मिलेगा। इस प्रकार कॉन्क्लेव केवल संवाद का कार्यक्रम न होकर युवा शक्ति, शिक्षा, कौशल और रोजगार के बीच समन्वय स्थापित करने का मंच बनने जा रहा है।
कॉन्क्लेव में रोजगार और कौशल विकास से जुड़े विषयों को विशेष महत्व दिया जा रहा है। बदलती अर्थव्यवस्था और तकनीकी वातावरण के कारण रोजगार के स्वरूप में तेजी से बदलाव आ रहा है और विभिन्न क्षेत्रों में नई प्रकार की दक्षताओं की मांग बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए युवाओं को कौशल विकास, प्रशिक्षण, रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता से संबंधित अवसरों की जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम में विशेषज्ञों, शैक्षणिक संस्थानों, उद्योगों और स्टार्टअप क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों की सहभागिता भी प्रस्तावित है, जिससे युवाओं को शिक्षा और रोजगार के बीच संबंध को समझने का अवसर मिलेगा। युवाओं को यह जानकारी मिल सकेगी कि किसी क्षेत्र में करियर बनाने के लिए किस प्रकार के कौशल की आवश्यकता है, प्रशिक्षण के कौन-कौन से विकल्प उपलब्ध हैं और अपने विचारों को उद्यम में बदलने के लिए किन स्तरों पर प्रयास किए जा सकते हैं। स्टार्टअप और उद्यमिता को लेकर भी युवाओं के बीच लगातार रुचि बढ़ रही है। ऐसे में कॉन्क्लेव में नए व्यावसायिक विचारों, नवाचार और स्वरोजगार की संभावनाओं को समझने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम से जुड़े विभिन्न विभाग और संस्थाएं युवाओं को अपनी योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और उपलब्ध अवसरों की जानकारी प्रदान करेंगी। रिपोर्टों के अनुसार कॉन्क्लेव में 17 सरकारी विभागों और विभिन्न संस्थानों की भागीदारी रहेगी। इनमें उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, उद्योग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, श्रम, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, परिवहन, आयुष, पुलिस और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इससे युवाओं को एक ही स्थान पर अलग-अलग क्षेत्रों से संबंधित जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इस व्यवस्था का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि कई बार युवाओं को रोजगार या प्रशिक्षण के अवसरों की जानकारी अलग-अलग स्रोतों से जुटानी पड़ती है। एक साझा मंच पर विभिन्न विभागों और संस्थाओं की मौजूदगी उन्हें अपने लिए उपयोगी विकल्प पहचानने में सहायता कर सकती है।
सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026 में भविष्य की तकनीकों को भी प्रमुख स्थान दिया गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI, रोबोटिक्स, ड्रोन, सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहन जैसे क्षेत्रों में तेजी से नए अवसर विकसित हो रहे हैं। कॉन्क्लेव में युवाओं को इन उभरते क्षेत्रों में शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान और रोजगार की संभावनाओं से परिचित कराने पर जोर रहेगा। तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ आने वाले समय में ऐसे युवाओं की मांग बढ़ सकती है, जो पारंपरिक ज्ञान के साथ नई तकनीकों को समझने और उनका उपयोग करने की क्षमता रखते हों। इसी दृष्टि से युवाओं को भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर चर्चा महत्वपूर्ण होगी। AI का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि, प्रशासन और विभिन्न सेवा क्षेत्रों में बढ़ रहा है, जबकि ड्रोन तकनीक का उपयोग कृषि, सर्वेक्षण, सुरक्षा और अन्य क्षेत्रों में किया जा रहा है। रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिक वाहन जैसे क्षेत्र भी तकनीकी कौशल और अनुसंधान से जुड़े नए अवसरों का आधार बन रहे हैं। कॉन्क्लेव में इन क्षेत्रों को केवल तकनीकी विषय के रूप में नहीं, बल्कि भविष्य के करियर और उद्यमिता के संभावित क्षेत्रों के रूप में प्रस्तुत किए जाने की बात सामने आई है। युवाओं को विशेषज्ञों और संस्थानों से जानकारी मिलने पर वे यह समझ सकेंगे कि अपनी शिक्षा और कौशल को किस दिशा में विकसित किया जा सकता है। साथ ही नवाचार और रिसर्च के माध्यम से नए विचारों को व्यावहारिक रूप देने की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। कार्यक्रम में स्टार्टअप से जुड़े उत्पादों और नवाचारों के प्रदर्शन की भी व्यवस्था बताई गई है। इससे युवाओं को यह देखने का अवसर मिलेगा कि किसी नए विचार को उत्पाद या सेवा में किस प्रकार बदला जा सकता है। इस तरह कॉन्क्लेव में युवा शक्ति और फ्यूचर टेक्नोलॉजी के बीच एक व्यावहारिक संवाद स्थापित करने का प्रयास दिखाई देता है।
कार्यक्रम में युवाओं के लिए 80 से अधिक प्रदर्शनी कक्ष और स्टॉल लगाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इन स्टॉलों पर विभिन्न सरकारी विभागों, विश्वविद्यालयों, संस्थानों और स्टार्टअप से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। युवा यहां रोजगार, प्रशिक्षण, करियर, सरकारी योजनाओं, उद्यमिता, अनुसंधान और नई तकनीकों से जुड़े विकल्पों को प्रत्यक्ष रूप से समझ सकेंगे। स्टार्टअप और नवाचार से संबंधित प्रदर्शन युवाओं को अपने विचारों को व्यावसायिक रूप देने की प्रक्रिया को समझने में मदद कर सकते हैं। वहीं सरकारी विभागों के स्टॉल पात्रता, पंजीयन, प्रशिक्षण और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देने का माध्यम बनेंगे। इस प्रकार कॉन्क्लेव को केवल मंचीय कार्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय युवाओं को प्रत्यक्ष जानकारी और संवाद का अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी तैयार किया गया है। इसके अतिरिक्त साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा और अन्य सामाजिक विषयों से संबंधित जागरूकता गतिविधियां भी कार्यक्रम का हिस्सा होने की जानकारी सामने आई है। वर्तमान डिजिटल दौर में युवाओं के लिए साइबर सुरक्षा का महत्व तेजी से बढ़ा है। इंटरनेट, डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन सेवाओं के बढ़ते उपयोग के बीच साइबर जागरूकता आवश्यक हो गई है। इसी प्रकार महिला सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े विषयों पर जागरूकता युवाओं को जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करने में सहायक हो सकती है। कॉन्क्लेव में शिक्षा और रोजगार के साथ ऐसे विषयों को स्थान मिलने से कार्यक्रम का दायरा व्यापक हो जाता है। युवाओं के लिए करियर निर्माण के साथ सुरक्षित और जिम्मेदार डिजिटल एवं सामाजिक व्यवहार की जानकारी भी महत्वपूर्ण है। इस प्रकार अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों और विभागों की सहभागिता युवाओं को एक बहुआयामी अनुभव प्रदान कर सकती है।
सीएम यूथ कॉन्क्लेव का एक महत्वपूर्ण पक्ष मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और युवाओं के बीच सीधा संवाद है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के संबंध में कहा है कि 6 अक्टूबर को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले यूथ कॉन्क्लेव में हजारों युवाओं से संवाद किया जाएगा। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार संवाद के दौरान युवाओं की आकांक्षाओं, विचारों और अपेक्षाओं को समझने पर जोर रहेगा। युवाओं के साथ प्रत्यक्ष संवाद से उन्हें अपने प्रश्न और विचार साझा करने का अवसर मिल सकता है, वहीं शासन को भी युवा वर्ग की प्राथमिकताओं और बदलते करियर परिदृश्य से जुड़े विषयों को समझने का मंच मिलेगा। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले युवा अपनी अलग-अलग पृष्ठभूमि और अनुभवों के साथ इस आयोजन में शामिल होंगे। इससे शिक्षा, रोजगार, तकनीकी कौशल, स्टार्टअप और भविष्य के अवसरों को लेकर विविध विचार सामने आने की संभावना है। युवा वर्ग आज शिक्षा और रोजगार के साथ नवाचार, उद्यमिता तथा तकनीकी क्षेत्रों में भी नए विकल्प तलाश रहा है। ऐसे में संवाद का स्वरूप केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी तक सीमित न रहकर युवाओं के भविष्य की व्यापक संभावनाओं पर केंद्रित हो सकता है। कॉन्क्लेव में करियर मार्गदर्शन और रोजगार से जुड़े सत्रों के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों को भी शामिल किया गया है। रिपोर्टों में प्रसिद्ध गायक जुबिन नौटियाल और मुंबई के कबीर कैफे की प्रस्तुतियों को कार्यक्रम के सांस्कृतिक आकर्षणों में शामिल बताया गया है। इससे कार्यक्रम में संवाद, मार्गदर्शन और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के विभिन्न पक्ष एक साथ देखने को मिलेंगे। युवाओं के लिए यह आयोजन अपनी रुचि के क्षेत्रों को समझने, विशेषज्ञों से जानकारी लेने, नए विचारों से परिचित होने और अन्य युवाओं के साथ संवाद करने का अवसर भी बन सकता है।
‘युवा सोच, नई तकनीक और नए अवसरों का संगम’ की भावना के साथ आयोजित CM Youth Conclave-2026 को मध्यप्रदेश में युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल, रोजगार, उद्यमिता और तकनीकी अवसरों को एक मंच पर लाने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है। लाल परेड ग्राउंड, भोपाल में 6 अक्टूबर को होने वाला यह आयोजन युवाओं को अपने भविष्य की दिशा को लेकर जानकारी और मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर देगा। एक ओर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव युवाओं से सीधे संवाद करेंगे, वहीं दूसरी ओर विभिन्न विभाग, संस्थान, विशेषज्ञ और स्टार्टअप क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि रोजगार तथा कौशल से लेकर AI और भविष्य की तकनीकों तक के विषयों पर जानकारी उपलब्ध कराएंगे। 80 से अधिक प्रदर्शनी कक्षों और विभिन्न विभागों की सहभागिता के कारण युवाओं को अलग-अलग अवसरों को एक ही स्थान पर समझने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम का महत्व इस बात में भी है कि यह युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाले प्रतिभागी के रूप में नहीं, बल्कि कौशल विकसित करने, नए विचारों पर काम करने, उद्यम शुरू करने और नवाचार करने की संभावनाओं से परिचित कराता है। आज की युवा पीढ़ी के सामने पारंपरिक करियर विकल्पों के साथ अनेक नए क्षेत्र खुल रहे हैं। ऐसे में सही जानकारी, आवश्यक कौशल और अवसरों तक पहुंच उनके भविष्य के निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। CM Youth Conclave-2026 इसी संवाद और अवसर की प्रक्रिया को एक साझा मंच प्रदान कर रहा है। कार्यक्रम में होने वाली चर्चाएं और प्रस्तुतियां युवाओं को अपने सपनों और आकांक्षाओं को व्यावहारिक अवसरों से जोड़ने के लिए प्रेरित कर सकती हैं। इस आयोजन के माध्यम से युवा शक्ति, शिक्षा, तकनीक, रोजगार और उद्यमिता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में संवाद को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में होने वाला यह युवा-केंद्रित आयोजन प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा, सोच और भविष्य की संभावनाओं को एक मंच पर सामने लाने का अवसर प्रदान करेगा।









