
परसवाड़ा। महिला एवं बाल सुरक्षा के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाने तथा महिलाओं और बच्चों को उनके अधिकारों से अवगत कराने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन शक्ति एवं सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत विकासखंड परसवाड़ा के ग्राम चीनी में जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन ग्राम चीनी के स्वसहायता समूह की महिलाओं तथा शासकीय माध्यमिक शाला चीनी के विद्यार्थियों के बीच किया गया। इस दौरान महिलाओं और बच्चों को सुरक्षा संबंधी कानूनी प्रावधानों, शासन की कल्याणकारी योजनाओं तथा आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध सहायता सेवाओं के उपयोग की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम कलेक्टर श्री सत्यम कुमार एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री देवेंद्र कुमार सुंदरियाल के मार्गदर्शन तथा वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक श्रीमती रचना चौधरी के नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना, उन्हें सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी देना तथा किसी भी प्रकार की परेशानी अथवा हिंसा की स्थिति में उचित सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करना रहा। अधिकारियों ने बताया कि जागरूकता के माध्यम से महिलाओं और बच्चों को अपने अधिकारों की समझ विकसित करने तथा जरूरत पड़ने पर संबंधित सहायता सेवाओं तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े कानूनों की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं एवं विद्यार्थियों को महिला और बाल सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। इसमें चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, महिला हेल्पलाइन नंबर 181 तथा वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली के बारे में बताया गया। साथ ही घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) तथा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को समझाया गया कि महिलाओं और बच्चों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार, हिंसा, शोषण अथवा अन्य समस्याओं की स्थिति में उपलब्ध कानूनी सहायता एवं संबंधित सेवाओं का सहारा लिया जा सकता है।
महिला हेल्पलाइन 181 के माध्यम से महिलाओं को सहायता प्राप्त करने तथा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के जरिए संकटग्रस्त बच्चों के लिए उपलब्ध सहायता व्यवस्था के संबंध में जानकारी दी गई। वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं के बारे में बताते हुए महिलाओं को जरूरत के समय उचित सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार की ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए जागरूकता, सहयोग और कानूनों की जानकारी आवश्यक है।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए किया प्रेरित
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को शासन द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा उनसे योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया गया। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने, स्वसहायता समूहों के माध्यम से अपनी भागीदारी बढ़ाने तथा उपलब्ध अवसरों का उपयोग कर अपनी सामाजिक और आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं की जागरूकता और आत्मनिर्भरता परिवार एवं समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने तथा किसी भी समस्या की स्थिति में चुप रहने के बजाय उपलब्ध सहायता सेवाओं का उपयोग करने की समझाइश दी गई। वहीं विद्यार्थियों को भी बाल सुरक्षा, व्यक्तिगत सुरक्षा और बाल अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं और बच्चों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि सही जानकारी और समय पर सहायता प्राप्त करना सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में वन स्टॉप सेंटर बैहर की केस वर्कर श्रीमती प्रीति हरिनखेड़े एवं स्वसहायता समूह से श्री जीतेन्द्र पटले उपस्थित रहे। उपस्थित प्रतिनिधियों ने महिलाओं और विद्यार्थियों को सुरक्षा, अधिकारों तथा कानूनी सहायता के संबंध में जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा से जुड़े विषयों पर जागरूकता बढ़ाने और शासन की सहायता सेवाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।

ग्राम चीनी में आयोजित इस जन-जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं और विद्यार्थियों को महिला एवं बाल सुरक्षा के प्रति सजग बनाने का प्रयास किया गया। मिशन शक्ति एवं सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस पहल का उद्देश्य समाज में सुरक्षित वातावरण के निर्माण, महिलाओं के सशक्तीकरण और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना रहा।









