
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की परिकल्पना से शुरू की गई पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान पहल के पांच वर्ष पूरे हो गए हैं। इस पहल का उद्देश्य देश में बुनियादी ढांचे के विकास को अधिक समन्वित, तकनीक आधारित और प्रभावी बनाना है। इसके माध्यम से विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, राज्यों, जिलों तथा सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों को एक साझा दृष्टिकोण के तहत आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान ने बुनियादी ढांचे के विकास में अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने और आंकड़ों पर आधारित निर्णय प्रक्रिया को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक ढांचा उपलब्ध कराया है। इसका उद्देश्य सड़क, रेल, बंदरगाह, हवाई अड्डे, जलमार्ग और अन्य परिवहन साधनों के बीच बेहतर संपर्क विकसित करना है, ताकि माल और यात्रियों की आवाजाही अधिक सुविधाजनक हो सके। विभिन्न परियोजनाओं की योजना बनाते समय संबंधित विभागों के बीच जानकारी साझा करने से विकास कार्यों की जरूरतों और संभावित चुनौतियों को बेहतर तरीके से समझने में सहायता मिलती है।

इस पहल के अंतर्गत मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी अर्थात परिवहन के विभिन्न साधनों को आपस में जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके साथ ही तकनीक और डिजिटल मानचित्रों के माध्यम से बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की योजना बनाने तथा उनके क्रियान्वयन में समन्वय बढ़ाने का प्रयास किया गया है। इससे परियोजनाओं की योजना बनाते समय उपलब्ध संसाधनों, परिवहन संपर्क और क्षेत्रीय आवश्यकताओं से संबंधित जानकारी को एक साथ देखने की सुविधा मिलती है।
पीएम गति शक्ति का दायरा राष्ट्रीय स्तर की प्रमुख परियोजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्यों, जिलों और सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों के लिए भी समन्वित नियोजन को प्रोत्साहित करता है। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होने से परियोजनाओं की योजना तैयार करने, संभावित बाधाओं की पहचान करने और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने में सहायता मिल सकती है।
पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर इस पहल के माध्यम से भारत के आगामी बुनियादी ढांचा विकास और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित किया जा रहा है। बेहतर परिवहन संपर्क, परियोजनाओं के क्रियान्वयन में समन्वय, लॉजिस्टिक्स दक्षता और क्षेत्रीय विकास को इसके प्रमुख उद्देश्यों में शामिल किया गया है।
पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का व्यापक लक्ष्य देश में बुनियादी ढांचे की योजना और विकास को एक-दूसरे से जोड़ना है, ताकि विभिन्न परियोजनाएं अलग-अलग काम करने के बजाय समग्र आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर आगे बढ़ सकें। आने वाले समय में इस ढांचे की उपयोगिता परियोजनाओं के वास्तविक क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय, परिवहन संपर्क में सुधार और विभिन्न क्षेत्रों तक विकास के लाभ पहुंचने जैसे परिणामों से भी आंकी जाएगी।

पीएम गति शक्ति के पांच वर्ष पूरे होने के साथ भारत में आधुनिक बुनियादी ढांचे, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और तकनीक आधारित नियोजन को आगे बढ़ाने की दिशा में जारी प्रयासों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।









