
नई दिल्ली। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) के माननीय अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य ने आज नई दिल्ली स्थित जीपीओए-3 में भारी उद्योग मंत्रालय (MHI) के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में मंत्रालय के सचिव श्री कामरान रिजवी, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी तथा केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSEs) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMDs) उपस्थित रहे। बैठक का प्रमुख उद्देश्य भारी उद्योग मंत्रालय और उसके अधीन सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में अनुसूचित जनजातियों के कल्याण, विकास, अधिकारों और संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा करना था।
बैठक के दौरान अनुसूचित जनजातियों के हितों की रक्षा के लिए लागू संवैधानिक एवं कानूनी प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया गया। आयोग के अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य ने संबंधित अधिकारियों के साथ जनजातीय समुदायों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की। साथ ही, यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया कि अनुसूचित जनजातियों के लिए निर्धारित सुरक्षा उपायों और कल्याणकारी व्यवस्थाओं का लाभ पात्र लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचे।
संवैधानिक अधिकारों और कानूनी सुरक्षा उपायों की समीक्षा
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का प्रमुख दायित्व अनुसूचित जनजातियों के संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों की सुरक्षा से संबंधित विषयों की निगरानी करना और उनके हितों से जुड़े मामलों की समीक्षा करना है। इसी क्रम में आयोजित बैठक में भारी उद्योग मंत्रालय तथा उसके अधीन सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में जनजातीय समुदायों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि संबंधित मंत्रालयों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को जनजातीय समुदायों के अधिकारों एवं हितों की सुरक्षा के लिए निर्धारित प्रावधानों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करना चाहिए। इसके लिए आवश्यक प्रक्रियाओं, कल्याणकारी उपायों और विभागीय स्तर पर किए जा रहे प्रयासों की निरंतर समीक्षा महत्वपूर्ण है।

जनजातीय समुदायों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण पर जोर
बैठक के दौरान अनुसूचित जनजातियों के सामाजिक एवं आर्थिक कल्याण को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किए जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा की गई। जनजातीय समुदायों का समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए अधिकारों का संरक्षण, कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और विकास के अवसरों तक पहुंच महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
श्री अंतर सिंह आर्य ने संबंधित अधिकारियों के साथ इन विषयों की समीक्षा करते हुए जनजातीय समुदायों के हितों से जुड़े उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया। ऐसे प्रयासों के माध्यम से यह सुनिश्चित करने में सहायता मिल सकती है कि विकास की प्रक्रिया में अनुसूचित जनजातियों की आवश्यकताओं और अधिकारों को उचित महत्व मिले।
भारी उद्योग मंत्रालय और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की भूमिका
समीक्षा बैठक में भारी उद्योग मंत्रालय के सचिव श्री कामरान रिजवी, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों तथा केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशकों की उपस्थिति रही। बैठक में मंत्रालय और उसके अधीन उपक्रमों से संबंधित जनजातीय कल्याण के विषयों पर चर्चा की गई।
केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में लागू प्रासंगिक संवैधानिक एवं कानूनी सुरक्षा उपायों का पालन सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही, जनजातीय समुदायों के कल्याण और सशक्तीकरण से जुड़े उपायों को निरंतरता के साथ लागू करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
आयोग के अध्यक्ष ने मंत्रालय के प्रयासों की सराहना की
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य ने अनुसूचित जनजातियों के कल्याण, सशक्तीकरण और समावेशी विकास के लिए भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा किए जा रहे प्रयासों एवं पहलों की सराहना की। उन्होंने संबंधित सुरक्षा उपायों और कल्याणकारी व्यवस्थाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निरंतर प्रयास जारी रखने के महत्व को रेखांकित किया।
बैठक में यह संदेश दिया गया कि जनजातीय समुदायों के अधिकारों की सुरक्षा और उनके सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिए संबंधित संस्थाओं के बीच समन्वय तथा नियमित समीक्षा आवश्यक है। निर्धारित प्रावधानों का प्रभावी अनुपालन और कल्याणकारी उपायों का निरंतर क्रियान्वयन इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
समावेशी विकास की दिशा में निरंतर प्रयास आवश्यक
अनुसूचित जनजातियों के समग्र विकास के लिए आवश्यक है कि उनके संवैधानिक अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाए और विकास संबंधी अवसरों तक उनकी पहुंच को मजबूत बनाया जाए। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए संबंधित मंत्रालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और अन्य संस्थाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।
नई दिल्ली में आयोजित इस समीक्षा बैठक में जनजातीय समुदायों के कल्याण, अधिकारों के संरक्षण और सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करते हुए लागू सुरक्षा उपायों को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य की अध्यक्षता में हुई इस बैठक का मुख्य केंद्र अनुसूचित जनजातियों के अधिकारों की सुरक्षा, कल्याणकारी उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन और समावेशी विकास को प्रोत्साहित करना रहा। बैठक में भारी उद्योग मंत्रालय एवं उसके अधीन सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की गई तथा संबंधित संवैधानिक एवं कानूनी प्रावधानों के प्रभावी अनुपालन के लिए निरंतर प्रयासों के महत्व पर बल दिया गया।









