
मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, बैसाखी सहित अन्य उपकरण पाकर दिव्यांगजनों को मिलेगी आवागमन में सुविधा, स्वरोजगार के अवसरों को भी मिलेगा बढ़ावा
जयपुर। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत जयपुर में दिव्यांगजन सशक्तीकरण की दिशा में पहल की गई। समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास, पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण केन्द्र में भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) के सहयोग से दिव्यांग भाई-बहनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, बैसाखी सहित अन्य सहायक उपकरण वितरित किए गए। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों को दैनिक जीवन में अधिक सुविधा उपलब्ध कराने, उनकी आवाजाही को सुगम बनाने और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रोत्साहित करना है।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि सहायक उपकरण दिव्यांगजनों के लिए दैनिक गतिविधियों को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल से जरूरतमंद लाभार्थियों को आवागमन में सुविधा मिल सकती है, जबकि बैसाखी और अन्य उपकरण संबंधित जरूरतों के अनुसार चलने-फिरने तथा दैनिक कार्यों में सहयोग प्रदान करते हैं। इन सुविधाओं से दिव्यांगजनों को शिक्षा, सामाजिक गतिविधियों और रोजगार से जुड़ने के अवसरों तक पहुंच बनाने में सहायता मिल सकती है।
इस पहल का उद्देश्य केवल सहायक उपकरण उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करना भी है। उपयुक्त उपकरणों की सहायता से लाभार्थी अपने दैनिक कार्य अधिक सुविधाजनक ढंग से कर सकते हैं। इसके साथ ही छोटे व्यवसाय, सेवा कार्य और घर से किए जाने वाले रोजगार से जुड़ने की संभावनाएं भी विकसित हो सकती हैं। हालांकि, रोजगार के अवसरों का लाभ संबंधित व्यक्ति की परिस्थितियों, कौशल और उपलब्ध संसाधनों पर निर्भर करता है।

कार्यक्रम में नगर निगम जयपुर के वार्ड क्रमांक 130 के पार्षद श्री सूरज कुमार शर्मा, मंडल अध्यक्ष श्री रोहित गौतम, संस्था के पदाधिकारीगण तथा अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर दिव्यांगजनों को आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने और उनके सशक्तीकरण के लिए सामूहिक प्रयासों के महत्व को रेखांकित किया गया।
‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित यह कार्यक्रम दिव्यांगजनों के सम्मान, सुविधा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा। सहायक उपकरणों की उपलब्धता से लाभार्थियों को दैनिक जीवन में सुविधा मिलने के साथ सामाजिक भागीदारी बढ़ाने के अवसर भी प्राप्त हो सकते हैं। दिव्यांगजनों को समान अवसर उपलब्ध कराना, उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सहायता प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।









