Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

हास्य व्यंग्य: कोचिंग संचालक का वारंट तीसरी बार लौटा, जज साहब ने थानेदार से पूछे मजेदार सवाल!

Author Image
Written by
HQ Report
विशेष हास्य प्रस्तुति | न्याय व्यवस्था, पुलिस की जवाबदेही और कोचिंग संचालक के रसूख पर चुटीला व्यंग्य
एक अदालत में कोचिंग संचालक के खिलाफ जारी वारंट तीसरी बार बिना तामील लौट आने पर जज साहब ने थानेदार से जवाब-तलब किया। मामला ऐसा था कि अदालत में मौजूद वकील साहब भी अपनी बात रख रहे थे और थानेदार साहब हर सवाल का जवाब देने में सावधानी बरत रहे थे। जज साहब ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कोचिंग संचालक का वारंट तीसरी बार बिना तामील लौट आया है, जबकि वकील साहब का कहना है कि थानेदार दिन में चार बार संचालक के बंगले के सामने से निकलते हैं। जज साहब ने सीधे सवाल किया कि क्या थानेदार का बच्चा भी उसी कोचिंग में पढ़ता है? थानेदार ने स्वीकार किया कि जी हां, बच्चा वहां पढ़ता है, लेकिन उन्होंने सवाल किया कि इसका वारंट से क्या संबंध है? जज साहब ने कहा कि वही तो पता किया जा रहा है। इसके बाद उन्होंने पूछा कि क्या थानेदार बंगले पर गए थे? थानेदार ने बताया कि वे हर बार गए, लेकिन चौकीदार यही कहता रहा कि साहब घर पर नहीं हैं। जज साहब ने अगला सवाल किया कि क्या संचालक को फोन किया गया था? थानेदार ने कहा कि फोन पर संचालक का जवाब था, “बच्चे की पढ़ाई की चिंता मत करना, उसे अपना ही बच्चा समझता हूं।” अदालत में अब बात कुछ और दिलचस्प हो गई। जज साहब ने पूछा कि वारंट के बारे में संचालक क्या कहते हैं? थानेदार ने बताया कि इस पर उनका जवाब होता है, “उसे आप अपना समझकर देख लेना!” यह सुनकर जज साहब ने व्यंग्य करते हुए कहा कि संचालक ने बच्चे की फीस माफ कर दी और तुमने संचालक की हाजिरी माफ कर दी क्या? थानेदार ने तुरंत सफाई दी कि नहीं हुजूर, ऐसी बात नहीं है। जज साहब ने फिर चुटकी लेते हुए कहा कि अगली बार बच्चे के पिता बनकर मत जाना, पुलिसवाले बनकर जाना, शायद संचालक मिल जाएं। थानेदार ने जवाब दिया, “जी, जनाब!” इस पूरे घटनाक्रम में सबसे मजेदार मोड़ तब आया, जब क्लाइंट ने वकील साहब से कहा, “गई भैंस पानी में छह महीने के लिए!” इस चुटीले संवाद के जरिए पुलिस की कार्यशैली, रसूखदार लोगों के बहाने और निजी संबंधों के कारण पैदा होने वाली संभावित उलझनों पर हास्य के माध्यम से कटाक्ष किया गया है। यह प्रसंग एक व्यंग्यात्मक चुटकुले के रूप में प्रस्तुत है, किसी वास्तविक अदालत या व्यक्ति के बारे में प्रमाणित समाचार नहीं।
आज का पंचांग एवं राशिफल, 22 अक्टूबर 2026: पापांकुशा एकादशी पर भगवान विष्णु की आराधना, जानिए सभी 12 राशियों का भविष्यफल
आज फोकस में

आज का पंचांग एवं राशिफल, 22 अक्टूबर 2026: पापांकुशा एकादशी पर भगवान विष्णु की आराधना, जानिए सभी 12 राशियों का भविष्यफल

एमपी पुलिस आरक्षक (चालक) की सीधी भर्ती हेतु चयन परीक्षा-2026, युवाओं के लिए पुलिस विभाग में सेवा का अवसर
आज फोकस में

एमपी पुलिस आरक्षक (चालक) की सीधी भर्ती हेतु चयन परीक्षा-2026, युवाओं के लिए पुलिस विभाग में सेवा का अवसर

सर्वपितृ अमावस्या पर अशोक गोयल ने पूज्य पितरों को किया नमन, सुख-शांति और समृद्धि की कामना
आज फोकस में

सर्वपितृ अमावस्या पर अशोक गोयल ने पूज्य पितरों को किया नमन, सुख-शांति और समृद्धि की कामना

छत्तीसगढ़ में AI तकनीक के नए युग की तैयारी, राज्य AI मिशन से युवाओं को मिलेंगे भविष्य के अवसर
आज फोकस में

छत्तीसगढ़ में AI तकनीक के नए युग की तैयारी, राज्य AI मिशन से युवाओं को मिलेंगे भविष्य के अवसर

आज का पंचांग, धार्मिक पर्व और राशिफल : द्वादशी श्राद्ध के साथ शिव आराधना का विशेष संयोग
आज फोकस में

आज का पंचांग, धार्मिक पर्व और राशिफल : द्वादशी श्राद्ध के साथ शिव आराधना का विशेष संयोग

पितृपक्ष : जड़ों की ओर लौटने का पर्व — श्रद्धा, स्मृति और कृतज्ञता की साधना
आज फोकस में

पितृपक्ष : जड़ों की ओर लौटने का पर्व — श्रद्धा, स्मृति और कृतज्ञता की साधना

आज का राशिफल

वोट करें

आमिर की अगली फिल्म 'सितारे जमीन पर' का ट्रेलर हाल ही में रिलीज हुआ। क्या यह फिल्म आमिर को बॉक्स ऑफिस पर सफलता दिला पाएगी?

Advertisement Box
Advertisement Box

और भी पढ़ें