
सतना जिले में बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खरीफ की फसलें बिछ गई हैं और रबी की बुवाई में देरी हो सकती है। धान, बाजरा और अन्य फसलें पानी में डूबने से खराब हो गई हैं।
बारिश के कारण फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए प्रशासनिक टीमें काम कर रही हैं। कई जिलों में भारी बारिश हुई है, जिससे फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है।
प्रभावित फसलें
– धान: कटाई के लिए तैयार धान की फसलें पानी में डूबने से खराब हो गई हैं।
– बाजरा: बाजरे की फसलें भी भारी नुकसान झेल रही हैं।
– अन्य फसलें: गेहूं की बुवाई भी प्रभावित होने की आशंका है।
किसानों की मांग
किसानों ने प्रशासन और कृषि विभाग से मांग की है कि फसलों के नुकसान का तत्काल सर्वे कराया जाए और उचित मुआवजा दिया जाए।
सरकार की कार्रवाई
सरकार ने प्रभावित जिलों में सर्वे करने और मुआवजा देने की घोषणा की है। गुजरात सरकार ने 10 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में खड़ी फसलें बारिश और बाढ़ से नष्ट होने के बाद किसानों को मुआवजा देने का ऐलान किया है।
निष्कर्ष
बेमौसम बारिश ने सतना जिले के किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। सरकार और प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए और प्रभावित किसानों को मुआवजा देना चाहिए।









