
छत्तीसगढ़ के कटेझिरिया जंगल में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच रविवार को मुठभेड़ की घटना सामने आई। बताया जा रहा है कि सुरक्षा बल इलाके में नक्सल विरोधी अभियान पर निकले थे, जब जंगल के भीतर घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने उन पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। हालांकि सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की, लेकिन अंधाधुंध फायरिंग के बीच नक्सली मौके का फायदा उठाकर भाग निकले।
घटना का विवरण
सूत्रों के मुताबिक, यह मुठभेड़ उस वक्त हुई जब जिला पुलिस बल, CRPF और DRG (District Reserve Guard) की संयुक्त टीम जंगल में सर्चिंग ऑपरेशन पर थी। टीम को इलाके में नक्सल गतिविधियों की सूचना मिली थी। जब जवान कटेझिरिया के घने जंगलों की ओर बढ़ रहे थे, तभी नक्सलियों ने पेड़ों की आड़ से फायरिंग शुरू कर दी।
सुरक्षा बलों ने तत्काल जवाबी कार्रवाई की और मोर्चा संभाला। लगभग 20–25 मिनट तक दोनों ओर से गोलाबारी होती रही। हालांकि नक्सलियों की संख्या ज्यादा बताई जा रही थी, लेकिन जवानों की रणनीतिक प्रतिक्रिया से वे जंगल के भीतर भाग निकले।
फायरिंग बंद होने के बाद सर्चिंग टीम ने इलाके की घेराबंदी और तलाशी अभियान तेज कर दिया। मौके से नक्सलियों के ठिकानों के कुछ सामान, विस्फोटक सामग्री और नक्सली साहित्य बरामद किए गए हैं।
इलाके में बढ़ाई गई सतर्कता
मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। आसपास के गांवों में पुलिस टीमों ने डेरा डाल दिया है ताकि नक्सली फिर से regroup न कर सकें।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों की यह हरकत इस बात का संकेत है कि वे अब भी जंगल के अंदर छोटे समूहों में सक्रिय हैं और सुरक्षा बलों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। अधिकारियों का मानना है कि मुठभेड़ की योजना पहले से तैयार थी, क्योंकि जैसे ही टीम जंगल के बीच पहुँची, नक्सलियों ने घात लगाकर हमला किया।
नक्सलियों की रणनीति और सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया
विशेषज्ञों के अनुसार, कटेझिरिया का जंगल भौगोलिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण है। घने पेड़, पथरीली जमीन और कम दृश्यता के कारण नक्सलियों को छिपने और भागने में मदद मिलती है।
नक्सली प्रायः “हिट एंड रन” (Hit and Run) रणनीति अपनाते हैं — अचानक हमला कर, फायरिंग कर, फिर जंगल की गहराई में गायब हो जाना। इसी कारण मुठभेड़ों में उन्हें पकड़ना मुश्किल होता है।
सुरक्षा बल अब इलाके में ड्रोन सर्विलांस और ट्रैकिंग डॉग स्क्वाड की मदद से खोजबीन कर रहे हैं। स्थानीय खुफिया तंत्र को भी सक्रिय किया गया है ताकि भागे हुए नक्सलियों की गतिविधियों का पता लगाया जा सके।
पिछली घटनाओं से जुड़ाव
पिछले कुछ महीनों में इसी क्षेत्र में कई बार नक्सल गतिविधियों के संकेत मिले हैं। हाल ही में पुलिस ने पास के जंगलों से विस्फोटक सामग्री और हथियार बरामद किए थे। इस वजह से सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही अलर्ट थीं।
अधिकारियों का कहना है कि यह मुठभेड़ नक्सलियों पर दबाव बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा है। लगातार सर्च ऑपरेशन से उनके ठिकानों को खत्म किया जा सकेगा और जंगल में उनकी पकड़ कमजोर होगी।









