
शिलांग की वादियों में घटित एक भयावह हत्या ने पूरे देश को हिला दिया है। इंदौर (मध्य प्रदेश) के युवा कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी की कथित संलिप्तता ने इस मामले को और सनसनीखेज बना दिया है। जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे किसी क्राइम-थ्रिलर से कम नहीं। “न कपड़ा, न कागज़… ‘दाओ’ से सबूत पोंछे गए” — पुलिस की चार्जशीट में दर्ज यह वाक्य अपने आप में इस वारदात की बेरहमी बयान करता है।
🧳 हनीमून ट्रिप बना मौत का सफर
21 मई 2025 को राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम अपने हनीमून के लिए मेघालय की राजधानी शिलांग पहुँचे। सोशल मीडिया पर दोनों ने मुस्कुराती तस्वीरें साझा कीं। लेकिन कुछ ही दिनों बाद, 26 मई को दोनों लापता घोषित कर दिए गए।
दोनों का आखिरी लोकेशन सोहरा (चेरापूंजी) इलाके के पास मिला, जो अपने खतरनाक झरनों और घाटियों के लिए प्रसिद्ध है।
2 जून को स्थानीय ग्रामीणों ने Arliang Riat Kunongrim घाटी के पास एक शव देखा — वह राजा रघुवंशी का था। शव की हालत इतनी खराब थी कि पुलिस को पहचान के लिए डीएनए टेस्ट कराना पड़ा।
🕵️♀️ हत्या की साजिश और चार प्रयास
जांच में पता चला कि यह कोई अचानक हुई वारदात नहीं थी, बल्कि सुनियोजित हत्या थी।
मेघालय पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, राजा की हत्या चौथे प्रयास में सफल हुई। इससे पहले तीन बार कोशिशें की गईं लेकिन नाकाम रहीं।
मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सोनम रघुवंशी और उसके कथित प्रेमी राज कुशवाहा के नाम सामने आए। इनके साथ तीन सुपारी किलर — आकाश राजपूत, विशाल चौहान और आनंद कुरमी — भी शामिल थे।
इन सभी ने मिलकर राजा को खत्म करने की योजना बनाई, ताकि सोनम और राज दोनों एक साथ रह सकें और राजा की संपत्ति पर नियंत्रण पा सकें।
⚔️ ‘दाओ’ से हत्या और सबूत मिटाने की साजिश
चार्जशीट के अनुसार, राजा की हत्या के लिए स्थानीय पारंपरिक हथियार ‘दाओ’ (एक प्रकार का तीखा ब्लेड) इस्तेमाल किया गया। हत्या के बाद अपराधियों ने न कपड़ा, न कागज़, बल्कि उसी ‘दाओ’ से खून के निशान पोंछने की कोशिश की — ताकि किसी भी डीएनए या फॉरेंसिक साक्ष्य का पता न चल सके।
जांचकर्ताओं ने बताया कि घटना स्थल से बरामद मिट्टी के नमूनों में माइक्रो-ब्लड ट्रेसेज़ पाए गए, जो हत्या के बाद की सफाई का संकेत देते हैं। यह विवरण पुलिस की 790 पन्नों की चार्जशीट में दर्ज है।
📜 790 पेज की चार्जशीट और गंभीर आरोप
6 सितंबर 2025 को मेघालय पुलिस ने इस मामले में 790 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की। इसमें सोनम, राज कुशवाहा और तीन हिटमैन सहित कुल पांच आरोपियों के नाम दर्ज हैं।
चार्जशीट में कहा गया है कि हत्या के बाद सोनम ने “भावनात्मक रूप से कमजोर दिखने” का नाटक किया और सोशल मीडिया पर पति की गुमशुदगी की पोस्ट डाली, ताकि शक न हो।
मामले में हत्या (IPC 302), साजिश (120B) और सबूत नष्ट करने (201) की धाराएँ लगाई गई हैं।
🌄 खूबसूरत शिलांग में बेरहम जुर्म
यह हत्या ऐसे स्थान पर हुई, जहाँ लोग प्राकृतिक सुंदरता और शांति के लिए आते हैं।
Wei Sawdong Waterfall, जो पर्यटकों का प्रिय स्थल है, अब इस हत्याकांड के कारण बदनाम हो चुका है। पुलिस ने बताया कि यह इलाका इतना गहरा और दुर्गम है कि शव खोजने में NDRF और ट्रेकिंग टीमों को भी कई दिन लग गए।
स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि 25 मई की रात उन्होंने “तेज बहस और चिल्लाने” की आवाजें सुनी थीं, लेकिन उन्हें यह सामान्य झगड़ा लगा। अगले दिन से दंपति लापता था।
💔 प्रेम, पैसे और छल का जाल
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि सोनम और राज कुशवाहा के बीच पुराना प्रेम संबंध था। सोनम की शादी राजा से केवल परिवार के दबाव में हुई थी।
राजा ने शादी के बाद सोनम के नाम कई कीमती उपहार और बिजनेस हिस्सेदारी दी थी — जो साजिश का प्रमुख आर्थिक कारण माना जा रहा है।
राज और सोनम लगातार संपर्क में थे। मोबाइल लोकेशन और चैट रिकॉर्डिंग से यह साबित हुआ कि उन्होंने हत्या से कुछ घंटे पहले तक बातचीत की थी।
⚖️ अदालत में सुनवाई जारी
मेघालय की अदालत ने सोनम और राज को 13 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है। वहीं, बाकी तीन आरोपियों को पुलिस रिमांड पर रखा गया है ताकि हत्या के सटीक क्रम और हत्या के बाद की गतिविधियों का खुलासा हो सके।
दोनों मुख्य आरोपी अब भी आरोपों से इंकार कर रहे हैं, जबकि पुलिस का दावा है कि उनके पास ठोस साक्ष्य मौजूद हैं।









