
तीन हजार काशीवासियों से करेंगे संवाद, सौगातों की बरसात की उम्मीद
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी (काशी) के दौरे पर हैं। इस दौरान वे बनारस रेलवे स्टेशन से लगभग तीन हजार काशीवासियों को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री का यह दौरा विकास, जनसंवाद और चुनावी दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बनारस स्टेशन पर विशेष तैयारियां
प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम आज दोपहर निर्धारित है। इस अवसर पर बनारस रेलवे स्टेशन (पूर्व कैंट) को फूलों, लाइटों और पारंपरिक झांकियों से सजाया गया है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि स्टेशन परिसर में सुरक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक रंग भी दिखेगा। वाराणसी की लोककला और संगीत संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए अलग-अलग मंच तैयार किए गए हैं।
जनसमूह को संबोधन दिखाने के लिए एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई हैं।
विकास परियोजनाओं की सौगात
प्रधानमंत्री मोदी इस दौरान करीब 3,200 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। प्रमुख परियोजनाओं में शामिल हैं —
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बनारस स्टेशन का पुनर्विकास कार्य,
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वाराणसी-प्रयागराज राजमार्ग चौड़ीकरण,
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गंगा घाटों के सौंदर्यीकरण का दूसरा चरण,
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और स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत सड़क व सीवरेज सुधार परियोजनाएँ।
रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास को “मंदिर आर्किटेक्चर थीम” पर बनाया जा रहा है, ताकि यात्रियों को स्टेशन में उतरते ही काशी की सांस्कृतिक झलक मिले।
तीन हजार नागरिकों से संवाद
प्रधानमंत्री मोदी का यह कार्यक्रम “विकास संवाद” के रूप में आयोजित किया गया है। इसमें लगभग तीन हजार नागरिकों, जिनमें व्यापारी, छात्र, समाजसेवी और महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएँ शामिल हैं, को आमंत्रित किया गया है।
प्रधानमंत्री इन लोगों से संवाद कर उनके सुझाव जानेंगे और वाराणसी के विकास पर चर्चा करेंगे।
साथ ही, ‘स्वच्छ काशी अभियान’, ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘नमामि गंगे’ में योगदान देने वाले नागरिकों को सम्मानित भी किया जाएगा।
काशी से आत्मीय रिश्ता और राजनीतिक महत्व
प्रधानमंत्री मोदी का काशी से गहरा जुड़ाव है। 2014 और 2019 दोनों आम चुनावों में उन्होंने यहीं से जीत दर्ज की थी।
इस कारण यह दौरा भावनात्मक के साथ-साथ राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है।
भाजपा इसे पूर्वांचल में “विकास के नए चरण की शुरुआत” के रूप में पेश कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि मोदी का यह भाषण लोकसभा चुनाव से पहले जनता के साथ सीधा संवाद स्थापित करने का प्रयास है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर वाराणसी में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं।
करीब 5,000 पुलिसकर्मी, एनएसजी और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए हैं।
रेलवे स्टेशन के अंदर और बाहर ड्रोन निगरानी की जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान कुछ समय के लिए ट्रेन परिचालन में आंशिक बदलाव किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी मौके पर मौजूद रहेंगी ताकि किसी आपात स्थिति में तुरंत सहायता दी जा सके।
जनता में उत्सव जैसा माहौल
प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए काशी में उत्साह का वातावरण है।
शहर में हर ओर पोस्टर और बैनर लगाए गए हैं — जिन पर लिखा है “काशी में विकास का दीप जलेगा”।
लोग पारंपरिक वस्त्र पहनकर प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए स्टेशन और आसपास के इलाकों में पहुंच रहे हैं।
बनारस के कलाकार और छात्र समूह पारंपरिक ढोल, शहनाई और लोकगीतों से माहौल को जीवंत बना रहे हैं।
गंगा आरती में संभावित भागीदारी
प्रधानमंत्री मोदी शाम को दशाश्वमेध घाट पर आयोजित गंगा आरती में भी शामिल हो सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, वे “नमामि गंगे परियोजना” के तहत चल रहे स्वच्छता कार्यों की समीक्षा भी करेंगे।
प्रधानमंत्री का यह दौरा “आध्यात्मिकता और विकास के संगम” का प्रतीक माना जा रहा है — जहाँ काशी की परंपरा आधुनिकता से जुड़ रही है।









