
ग्वालियर। अधिवक्ता परिषद मध्य भारत प्रांत, जिला ईकाई ग्वालियर द्वारा निःशुल्क कानूनी सलाह एवं सहायता शिविर (न्याय परामर्श शिविर) का आयोजन आगामी रविवार, 9 नवम्बर 2025 को किया जा रहा है। यह शिविर सागर ताल चौराहा, ग्वालियर (म.प्र.) स्थित स्थल पर आयोजित होगा। शिविर का समय प्रातः 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित किया गया है।
इस शिविर का उद्देश्य समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को भी सुलभ, निःशुल्क और प्रभावी न्याय उपलब्ध कराना है। अधिवक्ता परिषद ग्वालियर की यह पहल न्याय के क्षेत्र में सामाजिक दायित्व और जनसेवा की मिसाल पेश कर रही है।
न्याय को आमजन तक पहुँचाने की पहल
अधिवक्ता परिषद मध्य भारत प्रांत जिला ईकाई ग्वालियर के पदाधिकारियों ने बताया कि समाज में अनेक ऐसे लोग हैं जो आर्थिक या सामाजिक कारणों से न्यायालय तक नहीं पहुँच पाते। इन लोगों को कानूनी जानकारी और सहायता से वंचित न रहना पड़े, इसी उद्देश्य से इस प्रकार के निःशुल्क न्याय परामर्श शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
अधिवक्ता परिषद ने वर्ष 2018 से इस पहल को एक मिशन के रूप में शुरू किया था। परिषद ने समाज के कमजोर वर्गों, गरीबों और जरूरतमंदों के लिए निःशुल्क न्याय सेवा केंद्र स्थापित किए, जहाँ अनुभवी अधिवक्ता न केवल सलाह देते हैं बल्कि आवश्यक होने पर न्यायिक प्रक्रिया में भी सहयोग करते हैं।
ग्वालियर में संचालित हो रहे हैं दो स्थायी निःशुल्क न्याय केंद्र
अधिवक्ता परिषद द्वारा शहर में दो स्थायी निःशुल्क न्याय केंद्र पहले से संचालित हैं —
- संत रविदास विद्यालय, शिंदे की छावनी, लश्कर, ग्वालियर (म.प्र.)
- 107 सौरभ अपार्टमेंट, प्रथम तल, गोविंदपुरी चौराहे के पास, सिटी सेंटर, ग्वालियर
इन दोनों स्थायी केंद्रों पर प्रत्येक रविवार सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक कानूनी सहायता और सलाह का कार्य नियमित रूप से किया जाता है। अधिवक्ता परिषद के सदस्य व वरिष्ठ अधिवक्ता स्वयं अपनी सेवाएँ इन केंद्रों पर स्वेच्छा से प्रदान करते हैं।
इस बार सागर ताल चौराहे पर विशेष न्याय शिविर
जनसेवा की इस निरंतर परंपरा को आगे बढ़ाते हुए परिषद द्वारा अब 9 नवम्बर 2025 को सागर ताल चौराहे पर एक विशेष न्याय परामर्श शिविर आयोजित किया जा रहा है।
इस शिविर में विभिन्न विधिक विषयों जैसे —
- पारिवारिक विवाद,
- संपत्ति संबंधित प्रकरण,
- उत्तराधिकार,
- श्रम कानून,
- महिला एवं बाल अधिकार,
- और प्रशासनिक कार्यों से जुड़ी समस्याओं —
पर विशेषज्ञ अधिवक्ताओं द्वारा निःशुल्क मार्गदर्शन दिया जाएगा।
शिविर में आने वाले नागरिकों को अपने मामलों की जानकारी देने पर उन्हें उचित कानूनी सलाह, दस्तावेज़ों की जांच और आगे की प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी। परिषद ने बताया कि इस शिविर का लाभ लेने के लिए किसी प्रकार का शुल्क या पंजीयन शुल्क नहीं लिया जाएगा।
न्याय सबके लिए — यही है उद्देश्य
अधिवक्ता परिषद का मूल मंत्र है “न्याय, धर्म और सेवा”। परिषद का मानना है कि न्याय केवल अदालतों तक सीमित न रहे, बल्कि हर जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुँचे। इसी सोच के तहत ग्वालियर जिले में इन निःशुल्क शिविरों की श्रृंखला निरंतर चल रही है।
अधिवक्ता परिषद के वरिष्ठ सदस्यों ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में विधिक साक्षरता बढ़ाने और लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने में मददगार साबित होते हैं। बहुत से लोग ऐसे होते हैं जिन्हें यह तक ज्ञात नहीं होता कि उनके अधिकार क्या हैं और वे कैसे न्याय प्राप्त कर सकते हैं।
जनसेवा के प्रति अधिवक्ताओं का समर्पण
अधिवक्ता परिषद के अनुसार, इस शिविर में शामिल होने वाले अधिवक्ता अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के तहत सेवाएँ देंगे। परिषद का उद्देश्य केवल कानूनी सलाह देना नहीं है, बल्कि जनहित के मुद्दों पर नागरिकों को आत्मनिर्भर बनाना और न्याय के प्रति उनकी आस्था को सशक्त करना भी है।
अधिवक्ता परिषद ने जनता से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएँ और अपनी कानूनी समस्याओं का समाधान पाने के लिए इस शिविर में पहुँचें।
समाज में विधिक चेतना का प्रसार
परिषद के सदस्यों का मानना है कि “कानून की जानकारी हर नागरिक का अधिकार है”। इस सोच के साथ परिषद ने अब तक अनेक स्थानों पर न्याय परामर्श शिविर आयोजित किए हैं, जिनसे हजारों लोगों को लाभ मिला है।
इन शिविरों के माध्यम से लोग न केवल अपनी समस्याओं का समाधान पा रहे हैं, बल्कि समाज में विधिक चेतना भी फैल रही है।
आमंत्रण
अधिवक्ता परिषद मध्य भारत प्रांत, जिला ईकाई ग्वालियर ने शहरवासियों, ग्रामीणों, सामाजिक संगठनों और विद्यार्थियों से आग्रह किया है कि वे इस न्याय परामर्श शिविर में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इसका लाभ उठाएँ।
📅 दिनांक: 09 नवम्बर 2025 (रविवार)
🕙 समय: प्रातः 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक
📍 स्थान: सागर ताल चौराहा, ग्वालियर (म.प्र.)न्याय परामर्श शिविर — एक कदम सबके लिए न्याय की ओर।









