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HQ Report
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की रिसर्च में खुलासा: रोज़ाना केवल 10 मिनट की वॉक से घट सकता है असमय मृत्यु और बीमारियों का खतरा
रिसर्च ने बताया — लंबी उम्र का सस्ता और आसान उपाय
भागदौड़ भरी ज़िंदगी में फिट रहना आज सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। लोग घंटों जिम में पसीना बहाते हैं, महंगे सप्लीमेंट लेते हैं और कड़े डाइट चार्ट अपनाते हैं।
लेकिन एक हालिया हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की रिसर्च ने बताया है कि स्वस्थ और लंबी उम्र का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है — रोज़ाना 10 मिनट पैदल चलना। इस अध्ययन में पाया गया कि जो लोग नियमित रूप से रोज़ 10 से 15 मिनट वॉक करते हैं, उनकी औसत आयु उन लोगों से 5 से 7 साल अधिक होती है जो निष्क्रिय जीवनशैली अपनाते हैं। रिसर्च के अनुसार, सिर्फ यह साधारण आदत दिल की बीमारियों, मोटापा, डायबिटीज़ और डिप्रेशन जैसी समस्याओं से बचा सकती है।
कैसे किया गया अध्ययन
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) ने इस अध्ययन में दुनिया के 4 लाख से अधिक लोगों को शामिल किया। इन प्रतिभागियों की जीवनशैली, खानपान और स्वास्थ्य की निगरानी 10 वर्षों तक की गई। परिणामों में पाया गया कि जो लोग हर दिन कम से कम 10 मिनट पैदल चलते थे,
उनमें असमय मृत्यु (Premature Death) का खतरा लगभग 30% कम पाया गया। जो लोग हल्की तेज़ चाल से चलते थे, उनके दिल की कार्यक्षमता और ब्लड प्रेशर सामान्य लोगों की तुलना में बेहतर रहा। शोधकर्ताओं ने स्पष्ट कहा — “लंबी उम्र के लिए भारी व्यायाम नहीं, बल्कि नियमित हल्की पैदल चाल ही पर्याप्त है।”
दिल के लिए वॉकिंग है वरदान
विशेषज्ञों के अनुसार, पैदल चलना एक “नेचुरल कार्डियो एक्सरसाइज़” है। यह दिल की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है, ब्लड सर्कुलेशन को दुरुस्त करता है और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की रिपोर्ट कहती है कि जो लोग नियमित रूप से वॉक करते हैं, उनमें हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा 40% तक कम हो जाता है। वॉकिंग से शरीर में मौजूद खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) घटता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) का स्तर बढ़ता है, जिससे दिल लंबे समय तक स्वस्थ रहता है।
डायबिटीज़ और मोटापे से बचाव
पैदल चलना डायबिटीज़ के मरीजों के लिए सबसे सस्ता और असरदार उपाय माना जाता है। भोजन के बाद 10-15 मिनट की वॉक से ब्लड शुगर लेवल सामान्य रहता है। रिसर्च में पाया गया कि वॉक करने वाले लोगों में इंसुलिन सेंसिटिविटी अधिक होती है, जिससे शुगर नियंत्रित रहती है। वॉकिंग शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी को जलाने में मदद करती है। यदि कोई व्यक्ति रोज़ाना 10 मिनट हल्की तेज़ चाल से चले, तो एक महीने में 1.5 से 2 किलो वजन कम कर सकता है। वॉकिंग मेटाबॉलिज़्म को तेज़ करती है और भोजन को बेहतर ढंग से पचाने में सहायता करती है।
मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव
वॉकिंग केवल शरीर के लिए ही नहीं, बल्कि मन और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी वरदान है। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की एक स्टडी बताती है कि रोज़ाना वॉक करने से मस्तिष्क में एंडोर्फिन, डोपामिन और सेरोटोनिन जैसे “हैप्पी हार्मोन” बनते हैं, जो तनाव, चिंता और अवसाद को दूर करते हैं। जो लोग नियमित वॉक करते हैं, उनकी नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है और वे दिनभर अधिक ऊर्जावान महसूस करते हैं। यदि वॉकिंग सुबह की ताज़ी हवा या प्राकृतिक वातावरण में की जाए, तो इसका असर दोगुना हो जाता है।
कब और कैसे करें वॉक — विशेषज्ञों की सलाह
डॉक्टरों का कहना है कि वॉक का सबसे सही समय सुबह का होता है। इस समय वातावरण में ऑक्सीजन अधिक होती है और शरीर दिनभर के लिए तैयार हो जाता है।
वॉकिंग के प्रभावी तरीके:
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हल्की तेज़ चाल से चलें — इतनी कि सांस थोड़ी तेज़ हो जाए लेकिन बात करना संभव हो।
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आरामदायक जूते पहनें ताकि पैरों पर दबाव न पड़े।
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भोजन के 30 मिनट बाद वॉक करना लाभकारी होता है।
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सड़क की बजाय पार्क या खुले मैदान में चलना बेहतर है।
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वॉक के दौरान मोबाइल से दूरी रखें ताकि मानसिक शांति बनी रहे।
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सप्ताह में कम से कम 5 दिन नियमित वॉक करें।








