
प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, सीधी में रोजगार, स्व-रोजगार एवं अप्रेन्टिसशिप मेले का भव्य आयोजन
सीधी | मध्यप्रदेश में युवाओं को रोजगार, स्व-रोजगार और कौशल विकास के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से प्रदेश शासन द्वारा आयोजित “युवा संगम 2025” का आज भव्य आयोजन प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस एवं संजय गांधी महाविद्यालय, सीधी में किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा, विद्यार्थियों, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञ उपस्थित रहे। यह आयोजन न केवल रोजगार मेले के रूप में, बल्कि युवा सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए मध्यप्रदेश के बढ़ते कदमों के प्रतीक के रूप में भी देखा जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को उद्योग, शिक्षा, प्रशिक्षण, उद्यमिता, स्टार्टअप और सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ना रहा।
आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को गति देता युवा संगम
कार्यक्रम में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि “युवा संगम 2025” प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की युवा-समर्पित सोच का व्यावहारिक स्वरूप है।
दोनों नेतृत्वों के मार्गदर्शन में राज्य में रोजगार आधारित गतिविधियों, औद्योगिक विस्तार, कौशल विकास, नवाचार और उद्यमिता को अभूतपूर्व गति मिली है।
युवा संगम इसी परिवर्तन को और अधिक व्यापक रूप देने का माध्यम है।
कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् के सामूहिक गायन से

राष्ट्रीय भावनाओं से ओत-प्रोत कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” के सामूहिक गायन से किया गया। गौरतलब है कि इस वर्ष वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर देशभर में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सीधी में आज हुआ यह सामूहिक गायन युवा शक्ति को राष्ट्र-निर्माण से जोड़ने का सशक्त संदेश देता है।
रोजगार, स्व-रोजगार और अप्रेन्टिसशिप—एक ही मंच पर

इस मेले में विभिन्न कंपनियों, सरकारी विभागों, बैंकिंग संस्थानों, औद्योगिक इकाइयों और प्रशिक्षण संस्थानों ने अपने स्टॉल लगाए।
युवाओं को यहां—
✔ नौकरी के अवसर
✔ अप्रेन्टिसशिप के माध्यम से उद्योगों में प्रशिक्षण
✔ सरकारी योजनाओं के तहत ऋण और सब्सिडी
✔ स्टार्टअप एवं MSME मार्गदर्शन
✔ कौशल विकास कार्यक्रम
✔ प्रमाणन एवं काउंसलिंग
—की विस्तृत जानकारी दी गई।
कई कंपनियों ने ऑन-द-स्पॉट प्राथमिक चयन प्रक्रिया भी की, जिससे युवाओं में कार्यक्रम को लेकर खासा उत्साह देखा गया।
युवा संगम—मध्यप्रदेश में बढ़ते उद्योग और अवसरों की झलक

मध्यप्रदेश में हाल के वर्षों में उद्योग, परिवहन, निर्माण, आईटी, पर्यटन और कृषि आधारित प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश हुए हैं।
इसका सीधा लाभ युवाओं के लिए रोजगार सृजन के रूप में सामने आया है।
“युवा संगम 2025” प्रदेश के इन प्रयासों को ज़मीनी स्तर पर पहुँचाने का साधन है, जहाँ:
• स्थानीय युवाओं को स्थानीय उद्योगों से जोड़ना
• कौशल विकास को रोजगार से सीधे जोड़ना
• उद्यमिता को प्रोत्साहन देना
• ग्रामीण युवाओं को भी समान अवसर प्रदान करना
मुख्य लक्ष्य रहा।
युवाओं को संबोधित करते हुए नेतृत्व द्वारा दिए गए संदेश
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि—
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मध्यप्रदेश आज तेजी से बदल रहा है, नई औद्योगिक नीतियाँ और निवेश योजनाएँ युवाओं के हित में डिज़ाइन की गई हैं।
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प्रधानमंत्री मोदी का लक्ष्य है कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बने, और इस यात्रा में युवा ही मुख्य शक्ति हैं।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा राज्य में रोजगार आधारित कार्यक्रमों, स्टार्टअप पारिस्थितिकी और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए निरंतर पहल की जा रही है।
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“युवा संगम” जैसे कार्यक्रम युवाओं के भविष्य निर्माण का सशक्त मंच हैं, जिन पर अवसरों की पूरी श्रृंखला उपलब्ध कराई जाती है।
कौन-कौन रहे उपस्थित?
कार्यक्रम में जिले और आसपास के क्षेत्रों के प्रमुख जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।
प्रमुख उपस्थित जनों में—
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भाजपा जिला अध्यक्ष श्री देव कुमार सिंह
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श्री विश्वबंधु धर द्विवेदी
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श्री पुनीत नारायण शुक्ला
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श्रीमती मनीला सिंह
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श्री पंकज पाण्डेय
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श्री पुष्पराज सिंह
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सुश्री पूजा सिंह कुशराम
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श्री सूर्यप्रताप सिंह
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श्री निशांत मिश्रा
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श्री मुनिराज विश्वकर्मा
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श्री आनन्द परयानी
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श्रीमती सुनीता रानी वर्मा
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श्री राकेश मौर्य
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श्री अजीत वर्मा
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श्रीमती कंचन केशरी
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श्रीमती रन्नू साकेत
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श्रीमती अन्नू पाण्डेय
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श्रीमती संगीता सिंह
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श्री प्रयास उपाध्याय
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श्री विकास शुक्ला
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श्री प्रदीप मिश्रा
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श्री कृष्ण तिवारी,
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सौरव मिश्रा, सौरव द्विवेदी
सहित अनेक जनप्रतिनिधि और युवा नेता मौजूद रहे।
शासकीय कॉलेजों के प्राचार्य, प्राध्यापक, अधिकारी एवं हजारों छात्र-छात्राएँ भी कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
युवाओं की सहभागिता—मेले में उत्साह का वातावरण
मेले में सुबह से ही युवाओं की भीड़ लगनी शुरू हो गई।
कई छात्र-छात्राएँ पहली बार किसी ऐसे बड़े रोजगार मेले में शामिल हुए और कंपनियों के प्रतिनिधियों से सीधे संवाद का अनुभव किया।
युवाओं ने कहा—
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“यह आयोजन हमारे लिए भविष्य के दरवाज़े खोल रहा है।”
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“पहले हमें जानकारी के लिए अलग-अलग जगह जाना होता था, आज सब कुछ एक ही स्थान पर मिल गया।”
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“सरकार की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकर उत्साह बढ़ा।”
स्व-रोजगार पर विशेष फोकस
युवा संगम की सर्वाधिक महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि यहां केवल नौकरी ही नहीं, बल्कि स्व-रोजगार और उद्यमिता को भी समान महत्व दिया गया।
युवाओं को बताया गया कि—
• कैसे वे PMEGP, CM युवा उद्यमी योजना, स्टार्टअप पॉलिसी आदि का लाभ ले सकते हैं
• उद्योग स्थापित करने के लिए ऋण और अनुदान कैसे प्राप्त करें
• डिजिटल मार्केटिंग, ई-कॉमर्स, कृषि-आधारित उद्योग, सेवा क्षेत्र आदि में कौन-कौन से अवसर उपलब्ध हैं
उद्योग विशेषज्ञों द्वारा दी गई उपयोगी जानकारियों ने युवाओं के मन में आत्मविश्वास बढ़ाया।
अप्रेन्टिसशिप—कौशल और रोजगार का सेतु
कार्यक्रम में अप्रेन्टिसशिप को लेकर विशेष कॉर्नर स्थापित किया गया था।
युवाओं को बताया गया कि:
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अप्रेन्टिसशिप के माध्यम से उन्हें प्रशिक्षण + स्टाइपेंड दोनों मिलेंगे।
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उद्योगों में काम सीखने के बाद स्थायी नौकरी मिलने की संभावना बहुत अधिक होती है।
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प्रधानमंत्री राष्ट्रीय अप्रेन्टिसशिप मेले और संस्थागत प्रशिक्षण योजनाओं के तहत कई नए अवसर उपलब्ध हैं।
अनेक युवाओं ने वहीं पंजीयन भी कराया।
युवा संगम—जिले के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
सीधी जैसे उभरते हुए जिलों में इस प्रकार के आयोजन न केवल युवाओं के लिए अवसरों को बढ़ाते हैं, बल्कि जिले में—
✔ औद्योगिक वातावरण
✔ कौशलयुक्त मानव संसाधन
✔ आर्थिक गतिविधियाँ
✔ रोजगार आधारित विकास
को भी गति प्रदान करते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम लंबे समय में जिले की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव लाते हैं।
कार्यक्रम का समापन और आगे की राह
कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने कहा कि—
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“युवा संगम 2025 की सफलता के बाद इसे और व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाएगा।”
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“प्रत्येक जिले में रोजगार और उद्यमिता से जुड़े ऐसे आयोजन नियमित होंगे।”
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“युवाओं को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।”
“युवा संगम 2025” सिर्फ एक रोजगार मेला नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के भविष्य और युवा शक्ति के लिए संकल्प का कार्यक्रम है।
यह आयोजन आत्मनिर्भर भारत और विकसित मध्यप्रदेश की दिशा में बड़ा कदम है।
युवाओं, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और औद्योगिक संस्थानों की व्यापक भागीदारी ने एक बार फिर सिद्ध किया है कि यदि अवसर और मार्गदर्शन मिले, तो मध्यप्रदेश का युवा किसी भी क्षेत्र में देश को नई ऊँचाइयाँ दिला सकता है।









