
भोपाल/जिला प्रतिनिधि।
मध्यप्रदेश में सड़कों की बदहाली एक बार फिर सामने आई है। प्रदेश में लगातार सामने आ रहे सड़क धंसने के मामलों के बीच अब एक नेशनल हाईवे पर बनी पुलिया के बीच अचानक गहरा गड्ढा हो गया। घटना के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और यातायात प्रभावित हो गया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त कोई भारी वाहन सीधे गड्ढे में नहीं गिरा, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
पुलिया के बीच धंसी सड़क
जानकारी के अनुसार नेशनल हाईवे पर बनी पुलिया के मध्य हिस्से में सड़क अचानक धंस गई, जिससे कई फीट गहरा गड्ढा बन गया। सुबह के समय जब राहगीरों और वाहन चालकों ने सड़क धंसी हुई देखी तो उन्होंने तत्काल प्रशासन और पुलिस को सूचना दी।
घटना की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा के लिहाज से यातायात को आंशिक रूप से रोका गया। सड़क के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर दी गई ताकि कोई वाहन गड्ढे के पास न पहुंचे।
हादसे की आशंका, बड़ा खतरा टला
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक यदि यह घटना रात के समय होती या कोई तेज रफ्तार भारी वाहन पुलिया से गुजर रहा होता, तो बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता था। स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि हाल ही में हुई बारिश के बाद से कई जगह सड़कें कमजोर हो गई हैं।
निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने एक बार फिर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बने नेशनल हाईवे और पुल-पुलिया पहली ही बारिश में जवाब देने लगे हैं।
स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि निर्माण के समय घटिया सामग्री का उपयोग किया गया और समय-समय पर निरीक्षण भी नहीं हुआ, जिसका खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि मामले की तकनीकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की इंजीनियर टीम पुलिया और सड़क की स्थिति का आकलन कर रही है। दोष पाए जाने पर संबंधित निर्माण एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार गड्ढे को भरने और पुलिया की मजबूती सुनिश्चित करने के लिए आपात मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा, ताकि जल्द से जल्द यातायात सामान्य हो सके।
बारिश में बढ़ी परेशानी
प्रदेश में हो रही बारिश के कारण पहले से ही कई सड़कें जर्जर हालत में हैं। जगह-जगह गड्ढे, धंसती सड़कें और टूटती पुलियाएं आम लोगों के लिए परेशानी और खतरे का कारण बनती जा रही हैं।
जनता की मांग
स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने सरकार और संबंधित विभागों से मांग की है कि
- सड़कों और पुलों का गुणवत्ता ऑडिट कराया जाए
- दोषी ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई हो
- बारिश से पहले और बाद में नियमित निरीक्षण अनिवार्य किया जाए
फिलहाल प्रशासन की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या वाकई हमारी सड़कें सुरक्षित हैं?








