
यात्रियों की स्वच्छता और स्वास्थ्य को लेकर सख्त हुआ रेल प्रशासन
नई दिल्ली/रेल डेस्क।
ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है। लंबे समय से ट्रेनों की सीटों, कोचों और बर्थ पर कॉकरोच और कीड़े-मकोड़ों की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन अब रेलवे ने इस समस्या पर सख्ती से संज्ञान लेते हुए ठोस और प्रभावी कदम उठाए हैं। रेलवे का दावा है कि आने वाले समय में यात्रियों को ट्रेन की सीटों पर कॉकरोच दिखाई नहीं देंगे।
यात्रियों की शिकायतों के बाद कार्रवाई
बीते कुछ वर्षों में सोशल मीडिया और रेलवे हेल्पलाइन पर यात्रियों द्वारा गंदगी, कॉकरोच और दुर्गंध को लेकर लगातार शिकायतें दर्ज कराई जा रही थीं। कई बार यात्री ट्रेन की सीटों और बर्थ पर कॉकरोच की तस्वीरें और वीडियो साझा करते नजर आए। इससे न केवल रेलवे की छवि पर असर पड़ा, बल्कि यात्रियों के स्वास्थ्य को लेकर भी सवाल खड़े हुए।
विशेष कीट नियंत्रण अभियान शुरू
रेलवे ने इस समस्या से निपटने के लिए विशेष पेस्ट कंट्रोल और डीप क्लीनिंग अभियान शुरू किया है। इसके तहत—
- कोचों में नियमित एंटी-कॉकरोच ट्रीटमेंट किया जाएगा
- सीटों, बर्थ, पैनल, टॉयलेट और कोनों की डीप क्लीनिंग होगी
- रात्रि विश्राम (रैक स्टेबलिंग) के दौरान फ्यूमिगेशन और स्प्रे किया जाएगा
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान केवल औपचारिक नहीं होगा, बल्कि इसकी निरंतर मॉनिटरिंग भी की जाएगी।
नई सफाई SOP लागू
रेल मंत्रालय ने कोचों की सफाई को लेकर नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी की है। इसके अंतर्गत—
- प्रत्येक ट्रेन को निर्धारित अंतराल पर कीट नियंत्रण प्रमाणपत्र लेना होगा
- ठेकेदारों और सफाई एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाएगी
- लापरवाही पाए जाने पर जुर्माना और ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई होगी
AC कोच और पैंट्री पर विशेष ध्यान
रेलवे के अनुसार, कॉकरोच की समस्या अधिकतर AC कोच और पैंट्री कार में सामने आती है। इसलिए अब—
- पैंट्री में खाद्य अपशिष्ट के निस्तारण पर सख्ती
- भोजन बनाने और परोसने के स्थानों की दैनिक सैनिटाइजेशन
- AC कोचों के गद्दों और सीट कवर की नियमित सफाई
को अनिवार्य किया गया है।
यात्रियों से भी सहयोग की अपील
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे ट्रेन में खाने-पीने का कचरा इधर-उधर न फेंकें और गंदगी दिखने पर तुरंत रेलवे हेल्पलाइन या रेल मदद ऐप पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर मिली शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
यात्रियों ने ली राहत की सांस
रेलवे के इस कदम से यात्रियों में संतोष देखने को मिल रहा है। नियमित यात्रा करने वाले यात्रियों का कहना है कि यदि यह व्यवस्था सही ढंग से लागू होती है, तो ट्रेन यात्रा न केवल आरामदायक बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी सुरक्षित हो जाएगी।
कुल मिलाकर, रेलवे का यह निर्णय स्वच्छता, यात्री सुविधा और स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। यदि यह अभियान प्रभावी रूप से लागू होता है, तो ट्रेन की सीटों पर कॉकरोच दिखना अब बीते दिनों की बात बन सकता है।








