
बालाघाट। नक्सल विरोधी अभियान के तहत बालाघाट पुलिस को अब तक की सबसे बड़ी सफलता हाथ लगी है। आत्मसमर्पित नक्सलियों से प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने जंगलों में छिपाकर रखी गई ₹11,57,385 नकद राशि बरामद की है। यह बालाघाट जिले में नक्सलियों से अब तक की सबसे बड़ी कैश रिकवरी बताई जा रही है।
भारत सरकार द्वारा नक्सलवाद के उन्मूलन हेतु मार्च 2026 तक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा लगातार चलाए जा रहे नक्सल विरोधी सघन अभियानों के परिणामस्वरूप राज्य में सक्रिय सशस्त्र नक्सलवाद को काफी हद तक सीमित कर दिया गया है।

पुलिस के अनुसार, वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश में अब तक 13 हार्डकोर सशस्त्र नक्सलियों ने भारतीय संविधान पर आस्था जताते हुए हथियार त्यागकर आत्मसमर्पण किया है, वहीं 10 हार्डकोर नक्सलियों को मुठभेड़ों में ढेर किया गया है। नक्सल विरोधी अभियान के दबाव में 11 दिसंबर 2025 को प्रदेश में बचे अंतिम दो डीवीसीएम नक्सली दीपक उर्फ सुधाकर एवं रोहित उर्फ मंगल ने भी आत्मसमर्पण कर दिया।

आत्मसमर्पित नक्सलियों से लगातार पूछताछ के दौरान उनके सहयोगियों एवं जंगलों में छिपाए गए डंप की जानकारी मिली, जिसके आधार पर बालाघाट जिले के विभिन्न वन क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान जंगल में छिपाकर रखी गई ₹11,57,385 नकद राशि बरामद की गई।
पुलिस कार्रवाई में नकदी के अतिरिक्त भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद एवं नक्सली सामग्री भी जब्त की गई है। बरामद सामग्री में सेमी ऑटोमेटिक रायफल, बोल्ट एक्शन रायफल, पंप एक्शन सिंगल शॉट रायफल, ग्रेनेड लॉन्चर, देसी कट्टा, कारतूस, मैगजीन, आईईडी निर्माण सामग्री, विस्फोटक, इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, बैटरी, मोटरोला सेट, कैमरा, अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मेडिकल किट एवं दैनिक उपयोग की सामग्री शामिल है।
बालाघाट पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह सफलता नक्सल विरोधी अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। आने वाले समय में भी क्षेत्र में सघन सर्च ऑपरेशन और कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि नक्सल गतिविधियों का पूरी तरह से सफाया किया जा सके।









