
नई दिल्ली, जैसे जैसे तापमान गिरता है, हार्ट अटैक की घटनाओं में भी बढ़ोतरी दर्ज की जाती है — खासकर सर्दियों के मौसम में। कार्डियोलॉजिस्ट्स की मानें तो ठंड का असर सीधे हृदय पर पड़ता है और कुछ स्थितियाँ दिल को अधिक जोखिम में डाल देती हैं। डॉक्टरों की चेतावनी है कि कुछ चेतावनी संकेत हैं जिन्हें बिल्कुल भी अनदेखा नहीं करना चाहिए।
ठंड में हार्ट अटैक क्यों बढ़ता है — 4 बड़ी वजह
1. रक्त वाहिकाओं का संकुचित होना (Vasoconstriction)
ठंड के मौसम में शरीर गर्म रखने के लिए रक्त वाहिकाएँ संकुचित हो जाती हैं। इसका नतीजा यह होता है कि ब्लड प्रेशर बढ़ता है और हृदय को रक्त पंप करने में अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे दिल पर तनाव बढ़ता है।
2. शारीरिक गतिविधियों में कमी
सर्दियों में लोग सामान्यतः बाहर कम निकलते हैं और व्यायाम या चलना‑फिरना कम कर देते हैं। इससे सर्कुलेशन कम होता है और वजन, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर जैसी स्थितियाँ बिगड़ सकती हैं, जो हृदय जोखिम को बढ़ाती हैं।
3. उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure)
ठंड में रक्त वाहिकाओं का संकुचन ब्लड प्रेशर को बढ़ा देता है, जिससे उन लोगों के लिए क्राइसिस का खतरा और बढ़ जाता है जिनका पहले से हाई ब्लड प्रेशर है। अत्यधिक उच्च ब्लड प्रेशर खुद भी एक गंभीर हृदय रोग का जोखिम फैक्टर है।
4. कोलेस्ट्रोल का बढ़ना और वज़न में वृद्धि
ठंड में कई लोग अधिक कोलेस्ट्रॉल युक्त और भारी भोजन करते हैं, जिससे शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ सकता है; यह हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज का जोखिम भी बढ़ाता है।
यह चार कारण सर्दियों के मौसम में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा सकते हैं — विशेषकर अगर कोई व्यक्ति पहले से स्वास्थ्य जोखिमों से प्रभावित है।
ये 5 लक्षण इग्नोर न करें — चेतावनी संकेत
कार्डियोलॉजिस्ट्स कहते हैं, अगर आपको नीचे बताए गए लक्षणों में से कोई भी महसूस होता है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें:
1. सीने में दर्द या दबाव महसूस होना
यह हार्ट अटैक का सबसे स्पष्ट संकेत है, जिसमें सीना भारी, कसता या दबाव जैसा महसूस हो सकता है।
2. सांस लेने में कठिनाई
अगर चलने, बात करने या आराम के दौरान सांस फूलने लगे, तो यह दिल का ऑक्सीजन कमी का संकेत हो सकता है।
3. अचानक पसीना आना
ठंड में पसीना आना सामान्य नहीं — अगर सिरदर्द, बेचैनी या सीने में असुविधा के साथ पसीना निकलता है, तो सावधान रहें।
4. चक्कर आना या हल्का महसूस होना
अचानक चक्कर आना, बेहोशी की अनुभूति या कमजोर महसूस होना जोखिम का संकेत हो सकता है।
5. थकान या कमजोरी महसूस होना
अन्य कारणों के बिना बिना कारण अचानक थकान, कमजोरी या भारीपन महसूस होना दिल की समस्या का संकेत हो सकता है।
महत्वपूर्ण: लक्षण अलग‑अलग लोगों में अलग तरीके से सामने आ सकते हैं — खासकर महिलाओं में हार्ट अटैक के संकेत कभी‑कभी सामान्य दर्द, थकान या पाचन समस्या की तरह महसूस हो सकते हैं। इसलिए किसी भी असामान्य परेशानी पर ध्यान देना जरूरी है।
कार्डियोलॉजिस्ट की सलाह — जोखिम कम कैसे करें
डॉक्टरों का कहना है कि सर्दियों में हृदय स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए थोड़ी‑थोड़ी सावधानियाँ बहुत प्रभावी हो सकती हैं:
शरीर को गर्म रखें
ठंड में बाहर निकलते समय अच्छी तरह से कपड़े पहनें — जैकेट, टोपी, दस्ताने और मफलर जैसी गर्म परतें ब्लड वाहिकाओं को अत्यधिक संकुचित होने से रोकने में मदद करती हैं।
नियमित हल्की‑फुल्की गतिविधि
घर के अंदर ही सही — रोजाना हल्की चाल या व्यायाम से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बना रहता है और मोटापा तथा रक्तचाप को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।
संतुलित और दिल‑हित खाना
भारी, तले‑भुने और अधिक वसा‑युक्त भोजन से बचें। मौसमी फल, सब्ज़ियाँ, ओमेगा‑3 फैटी एसिड और उच्च फाइबर वाला आहार दिल के लिए अच्छा माना जाता है।
पानी पर्याप्त मात्रा में पिएं
सर्दियों में लोग प्रायः कम पानी पीते हैं; पर हाइड्रेशन बनाए रखना रक्त को पतला रखने और दिल के कार्य को सुचारू रखने के लिए अहम है।
नियमित हेल्थ चेक‑अप
विशेष रूप से यदि आपका हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल जैसी स्थितियाँ पहले से हैं, तो सर्दियों में डॉक्टर से नियमित चेक‑अप और दवाइयों का पालन करें।
कौन ज्यादा जोखिम में है?
कुछ लोग सर्दियों में विशेष रूप से अधिक जोखिम में होते हैं:
पहले से हृदय रोग या ब्लड प्रेशर की समस्या वाले
डायबिटीज के मरीज
सिगरेट/तम्बाकू उपयोग करने वाले
अधिक उम्र वाले व वृद्ध लोग
इन समूहों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए और संभवत: डॉक्टर से सलाह लेकर अपनी दवाइयों और जीवनशैली में सुधार करें।
ठंड के मौसम में हार्ट अटैक का खतरा केवल मौसमी बदलाव नहीं बल्कि शारीरिक प्रतिक्रियाओं का परिणाम है — जिसमें रक्तवाहिकाओं का संकुचित होना, ब्लड प्रेशर का बढ़ना, गतिविधि में कमी और अन्य जोखिम‑फैक्टर शामिल हैं।
समय पर पहचान एवं सही कार्रवाई से गंभीर परिणामों से बचा जा सकता है। अगर आप या आपका कोई जानने वाला ऊपर बताए किसी भी लक्षण को महसूस करे — तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।









