
नई दिल्ली/चेन्नई: थलापति विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘Jana Nayagan’ को आखिरकार UA सर्टिफिकेट मिल गया है। मद्रास हाई कोर्ट के निर्देश के बाद सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने फिल्म को UA श्रेणी में प्रमाणित किया, जिसके बाद दर्शकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या इस फिल्म को बच्चे देख सकते हैं या नहीं?
यह सवाल इसलिए भी अहम है क्योंकि विजय की फिल्मों को आमतौर पर परिवार के साथ देखा जाता है और उनकी फैन फॉलोइंग में बड़ी संख्या में बच्चे और किशोर शामिल हैं। ऐसे में UA सर्टिफिकेट का मतलब समझना बेहद जरूरी हो जाता है।
UA सर्टिफिकेट क्या होता है?
भारत में फिल्मों के लिए CBFC द्वारा मुख्य रूप से चार तरह के सर्टिफिकेट दिए जाते हैं—
U (यूनिवर्सल)
UA (पैरेंटल गाइडेंस के साथ यूनिवर्सल)
A (केवल वयस्क)
S (विशेष वर्ग के लिए)
इनमें UA सर्टिफिकेट का मतलब होता है कि फिल्म सभी आयु वर्ग के लिए प्रतिबंधित नहीं है, लेकिन 16 साल से कम उम्र के बच्चों को माता-पिता या अभिभावक की निगरानी में फिल्म देखने की सलाह दी जाती है।
तो क्या बच्चे ‘Jana Nayagan’ देख सकते हैं?
सीधा और स्पष्ट जवाब है—
हां, बच्चे ‘Jana Nayagan’ देख सकते हैं, लेकिन माता-पिता की मौजूदगी या अनुमति जरूरी मानी गई है।
UA सर्टिफिकेट यह संकेत देता है कि फिल्म में कुछ ऐसे दृश्य या संवाद हो सकते हैं जो छोटे बच्चों के लिए पूरी तरह उपयुक्त न हों, लेकिन वे इतने गंभीर नहीं हैं कि फिल्म को केवल वयस्कों तक सीमित कर दिया जाए।
UA सर्टिफिकेट मिलने की वजह क्या मानी जा रही है?
सूत्रों और सर्टिफिकेशन प्रक्रिया से जुड़े जानकारों के अनुसार, ‘Jana Nayagan’ को UA सर्टिफिकेट मिलने के पीछे कुछ प्रमुख कारण माने जा रहे हैं—
फिल्म में राजनीतिक और सामाजिक विषयों को प्रमुखता से दिखाया गया है।
कुछ दृश्यों में एक्शन और टकराव देखने को मिल सकता है।
कहानी में सिस्टम, सत्ता और जनता से जुड़े संवेदनशील मुद्दे शामिल हैं।
डायलॉग्स और दृश्य प्रभाव भावनात्मक रूप से गहरे हो सकते हैं।
हालांकि, इन सभी पहलुओं को CBFC ने मध्यम श्रेणी का मानते हुए यह फैसला किया कि फिल्म को UA कैटेगरी में रखा जाए, न कि A में।
क्या UA सर्टिफिकेट का मतलब हिंसा या गलत कंटेंट है?
यह एक आम गलतफहमी है कि UA सर्टिफिकेट का मतलब फिल्म में बहुत ज्यादा हिंसा या आपत्तिजनक दृश्य हैं।
असल में UA का उद्देश्य यह बताना होता है कि—
फिल्म का कंटेंट परिपक्व समझ की मांग करता है।
कुछ दृश्य बच्चों के मन पर असर डाल सकते हैं।
माता-पिता को यह तय करना चाहिए कि उनका बच्चा फिल्म देखने के लिए मानसिक रूप से तैयार है या नहीं।
‘Jana Nayagan’ के मामले में भी यही स्थिति मानी जा रही है।
थलापति विजय की इमेज और पारिवारिक दर्शक
थलापति विजय को लंबे समय से फैमिली ऑडियंस का सुपरस्टार माना जाता है। उनकी फिल्मों में आमतौर पर—
सामाजिक संदेश
जनता से जुड़ी कहानियां
नायकत्व और नैतिकता
और प्रेरणादायक तत्व
देखने को मिलते हैं।
इसी वजह से यह माना जा रहा है कि ‘Jana Nayagan’ भी पूरी तरह बच्चों के लिए अनुपयुक्त फिल्म नहीं है, बल्कि एक ऐसी फिल्म है जिसे परिवार के साथ देखा जा सकता है—बस थोड़ी समझदारी के साथ।
माता-पिता को क्या ध्यान रखना चाहिए?
अगर आप अपने बच्चों के साथ ‘Jana Nayagan’ देखने की योजना बना रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है—
बच्चे की उम्र और समझदारी का स्तर देखें।
अगर बच्चा बहुत छोटा है, तो पहले फिल्म की थीम समझ लें।
किसी भी संवेदनशील दृश्य पर बच्चे को समझाने के लिए तैयार रहें।
फिल्म के संदेश और कहानी पर बाद में बच्चे से बातचीत करें।
UA सर्टिफिकेट का असली उद्देश्य भी यही है—सिर्फ रोकना नहीं, बल्कि मार्गदर्शन देना।
थिएटर में बच्चों के प्रवेश को लेकर नियम
UA सर्टिफिकेट मिलने के बाद—
थिएटर बच्चों को टिकट देने से मना नहीं कर सकते।
लेकिन थिएटर स्टाफ यह सलाह दे सकता है कि बच्चा अभिभावक के साथ फिल्म देखे।
अंतिम फैसला माता-पिता या गार्जियन का ही होता है।
यानि कानूनी रूप से ‘Jana Nayagan’ बच्चों के लिए प्रतिबंधित नहीं है।
सोशल मीडिया पर क्या कह रहे हैं लोग?
UA सर्टिफिकेट मिलने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है।
कई फैंस का कहना है कि—
विजय की फिल्में हमेशा प्रेरणादायक होती हैं।
UA सर्टिफिकेट कोई नकारात्मक बात नहीं है।
आज के समय में गंभीर विषयों पर बनी फिल्मों को यही रेटिंग मिलती है।
वहीं कुछ लोगों का मानना है कि माता-पिता को बच्चों के साथ फिल्म देखने से पहले ट्रेलर और थीम जरूर देखनी चाहिए।
‘Jana Nayagan’ को मिला UA सर्टिफिकेट यह साफ करता है कि फिल्म बच्चों के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं है।
बच्चे यह फिल्म देख सकते हैं, लेकिन माता-पिता या अभिभावक की निगरानी और मार्गदर्शन जरूरी है।
थलापति विजय की यह फिल्म सामाजिक और राजनीतिक संदेश से भरपूर मानी जा रही है, ऐसे में इसे परिवार के साथ देखा जा सकता है—बस समझदारी और जिम्मेदारी के साथ।








