
MCX पर तेज बिकवाली से कीमती धातुओं में हड़कंप, मुनाफावसूली बनी गिरावट की बड़ी वजह
विशेषज्ञ बोले—अभी और फिसल सकते हैं सोना-चांदी के भाव, निवेशक बरतें सावधानी
नई दिल्ली। कीमती धातुओं के बाजार में बीते दो दिनों से जबरदस्त उथल-पुथल देखने को मिल रही है। सोना और चांदी, जो बीते सप्ताह तक निवेशकों के लिए सबसे सुरक्षित और मुनाफे वाला विकल्प माने जा रहे थे, अब तेज गिरावट के दौर में पहुंच गए हैं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोमवार, 2 फरवरी 2026, को भी चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। महज दो दिनों में चांदी के दाम 1.34 लाख रुपये प्रति किलो तक टूट चुके हैं, जबकि सोने की कीमतों में भी लगभग ₹45,000 प्रति 10 ग्राम की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
रिकॉर्ड ऊंचाई से धड़ाम, 40 प्रतिशत से ज्यादा टूटी चांदी
गुरुवार, 30 जनवरी 2026, को चांदी ने MCX पर 4,20,000 रुपये प्रति किलो का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया था। यह स्तर न केवल निवेशकों बल्कि बाजार विशेषज्ञों के लिए भी चौंकाने वाला था। हालांकि, इसके तुरंत बाद मुनाफावसूली का दौर शुरू हो गया।
सोमवार तक चांदी की कीमतें अपने रिकॉर्ड हाई से 40 प्रतिशत से अधिक गिर चुकी हैं। आंकड़ों के मुताबिक, चांदी अब तक करीब 1.71 लाख रुपये प्रति किलो टूट चुकी है। इस तेज गिरावट ने उन निवेशकों को बड़ा झटका दिया है, जिन्होंने ऊंचे स्तर पर खरीदारी की थी।
सोना भी नहीं बचा गिरावट से
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी जोरदार गिरावट दर्ज की गई है। रविवार को सोने के भाव में करीब 3 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जिसके बाद सोना ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया। बीते कुछ ही सत्रों में सोने के दाम लगभग ₹45,000 प्रति 10 ग्राम तक टूट चुके हैं।
यह गिरावट उस समय आई है जब वैश्विक अनिश्चितताओं और महंगाई के डर के चलते निवेशक बड़ी मात्रा में सोने की ओर रुख कर रहे थे।
मुनाफावसूली बनी गिरावट की मुख्य वजह
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों में आई इस तेज गिरावट की सबसे बड़ी वजह मुनाफावसूली (Profit Booking) है।
बीते कुछ महीनों में कीमती धातुओं के भाव रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गए थे। इस दौरान निवेशकों—खासतौर पर बड़े फंड्स और हाई नेटवर्थ इन्वेस्टर्स—ने ऊंचे भाव पर सोना और चांदी बेचकर मोटा मुनाफा कमाया।
विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे ही बाजार में बिकवाली बढ़ी, कीमतों पर दबाव और गहरा होता चला गया।
वैश्विक संकेतों का भी असर
घरेलू बाजार के अलावा अंतरराष्ट्रीय संकेतों ने भी सोने-चांदी की कीमतों पर असर डाला है।
- अमेरिकी डॉलर में मजबूती
- वैश्विक शेयर बाजारों में सुधार
- ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख की संभावना
इन सभी कारणों से निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश से हटकर जोखिम वाले एसेट्स की ओर बढ़ा है, जिससे सोने और चांदी पर दबाव बना है।
छोटे निवेशकों में चिंता
कीमतों में अचानक आई इस भारी गिरावट से छोटे निवेशक सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। कई निवेशकों ने हाल के दिनों में ऊंचे स्तर पर चांदी और सोने में निवेश किया था।
बाजार में आई गिरावट के बाद अब वे असमंजस की स्थिति में हैं कि निवेश बनाए रखें या नुकसान से बचने के लिए बिकवाली करें।
ज्वैलरी बाजार पर असर
सोने की कीमतों में आई गिरावट का असर ज्वैलरी बाजार में भी साफ नजर आने लगा है।
व्यापारियों के अनुसार,
- गिरते दामों के चलते ग्राहकों की संख्या में इजाफा हुआ है
- शादी-विवाह के सीजन को देखते हुए मांग बढ़ने की उम्मीद
- हालांकि, चांदी के ऊंचे उतार-चढ़ाव से व्यापारियों में भी सतर्कता
आगे और गिरेंगी कीमतें?
बाजार जानकारों का मानना है कि फिलहाल सोने और चांदी की कीमतों में और गिरावट देखने को मिल सकती है।
तकनीकी विश्लेषण के मुताबिक,
- चांदी में अभी 10 से 15 प्रतिशत तक और कमजोरी संभव
- सोना भी निकट भविष्य में कुछ और निचले स्तरों को छू सकता है
हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए विशेषज्ञ इसे खरीदारी का मौका भी मान रहे हैं, बशर्ते निवेश सोच-समझकर किया जाए।
विशेषज्ञों की राय
कमोडिटी बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को फिलहाल
- जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना चाहिए
- बाजार की चाल को समझकर चरणबद्ध निवेश करना चाहिए
- अत्यधिक उतार-चढ़ाव को देखते हुए जोखिम प्रबंधन पर ध्यान देना चाहिए
सोने और चांदी की कीमतों में आई यह तेज गिरावट साफ संकेत देती है कि रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद बाजार में संशोधन आना स्वाभाविक है। जहां एक ओर यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का कारण बनी है, वहीं दूसरी ओर यह नए निवेशकों के लिए अवसर भी प्रस्तुत कर रही है।
आने वाले दिनों में वैश्विक संकेत, डॉलर की चाल और निवेशकों की रणनीति तय करेगी कि सोना-चांदी किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।








