
रीवा, मध्यप्रदेश: उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा के नवीन सर्किट हाउस सभागार में आयोजित बैठक में ललितपुर-सिंगरौली रेलवे परियोजना की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह रेलवे लाइन विन्ध्य क्षेत्र की विकास रेखा है और परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र में औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी।
परियोजना का महत्व और कनेक्टिविटी
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि सीधी-सिंगरौली हाईवे और रेलवे परियोजना का पूरा होना नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के विकास की नींव रखेगा।
- सिंगरौली तक रेलवे लाइन जुड़ने से विन्ध्य क्षेत्र पूर्वोत्तर राज्यों से सीधे कनेक्ट होगा।
- लंबी दूरी की ट्रेनें चलने से व्यापार और रोज़गार के अवसरों में वृद्धि होगी।
- निर्धारित लक्ष्य के अनुसार, 2028 तक पूरी लाइन का निर्माण पूरा होना अनिवार्य है।
उप मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि अप्रैल तक रीवा से सीधी स्टेशन तक निर्माण कार्य पूरा हो जाए, ताकि रेवांचल एक्सप्रेस ट्रेन का सीधी तक विस्तार किया जा सके।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि परियोजना के पूरा होने से:
- विन्ध्य और बुंदेलखंड के आर्थिक विकास में गति आएगी।
- रेलवे और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्माण कार्यों में बाधाओं को दूर करने और भू-अर्जन संबंधी प्रकरणों का समय पर निपटान सुनिश्चित करना होगा।
- भू-अर्जन के कार्य किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए निष्पादित किए जाएँ।
- मुआवजा मिलने के बावजूद यदि कोई परियोजना में बाधा डाले तो कड़ाई से निपटा जाएगा।
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि सीधी से गजरही तक भू-अर्जन पूरा हो चुका है, और गजरही से गोपद नदी तथा सिंगरौली तक भू-अर्जन तेजी से पूरा किया जा रहा है। टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है।
सांसदों और अधिकारियों का समर्थन
बैठक में उपस्थित सांसद रीवा श्री जनार्दन मिश्र ने कहा कि रीवा रेलवे स्टेशन में मेंटीनेंस डिपो का निर्माण शीघ्र शुरू किया जाए, जिससे लंबी दूरी की ट्रेनें रीवा से संचालित हो सकें। उन्होंने सभी चल रहे कार्यों को समयसीमा में पूरा करने पर जोर दिया।
सांसद सीधी डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा कि इस वर्ष सीधी तक ट्रेन का संचालन शुरू होना बड़ी उपलब्धि होगी। उन्होंने प्रशासन और रेलवे अधिकारियों से संपूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।
सिंगरौली-व्यौहारी रेलवे लाइन में संजय टाइगर रिजर्व को बायपास करने के लिए प्रस्तावित 45 किलोमीटर की दोहरी रेलवे लाइन का भू-अर्जन तेजी से पूरा किया जाए, ताकि यात्री ट्रेनों की सुविधा बढ़े।
रेलवे अधिकारियों की प्रगति रिपोर्ट
पश्चिम मध्य रेलवे की महाप्रबंधक शोभना बंदोपाध्याय ने बताया:
- 31 मार्च तक सीधी रेलवे लाइन का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य है।
- गोपद नदी से सिंगरौली तक भू-अर्जन कार्य प्रगति पर है।
- रेलवे लाइन का निर्माण दिसंबर 2028 तक पूरा कर लिया जाएगा।
- सतना से पन्ना जिले में सकरिया तक मार्च माह में रेलवे लाइन बिछ जाएगी।
- पन्ना से अजयगढ़ और अजयगढ़ से खजुराहो तक लाइन बिछाने में लगभग 18 महीने का समय लगेगा। वन विभाग से अनुमति मिलना अभी बाकी है।
महाप्रबंधक ने बताया कि पश्चिम मध्य रेलवे जोन को 2024-25 में उत्कृष्ट कार्यों के लिए गोविंदवल्लभ पंत शील्ड प्रदान की गई है।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
बैठक में निर्माण कार्यों की सेक्शनवार जानकारी प्रस्तुत की गई। उपस्थिति में:
- कमिश्नर बीएस जामोद
- कलेक्टर रीवा श्रीमती प्रतिभा पाल
- कलेक्टर सीधी स्वरोचिष सोमवंशी
- कलेक्टर सिंगरौली गौरव बैनल
- मुख्य प्रशासनिक अधिकारी पश्चिम मध्य रेलवे एमएस हाशमी
- रेलवे और संबंधित क्षेत्र के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, एसडीएम और प्रशासनिक अधिकारी
उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने बैठक का समापन करते हुए सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य समयबद्ध और व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना का सफलतापूर्वक पूर्ण होना विन्ध्य और बुंदेलखंड के आर्थिक विकास, व्यापार, पर्यटन, रोजगार और सामाजिक उत्थान के लिए निर्णायक कदम होगा।
इस परियोजना के पूरा होने से न केवल स्थानीय कनेक्टिविटी में सुधार होगा, बल्कि यह एक नए औद्योगिक और आर्थिक हब के निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।








