
ईस्ट मित्रों ने अर्पित किए श्रद्धा सुमन, कृषि विज्ञान केंद्र की प्रदर्शनी रही आकर्षण का केंद्र
ग्वालियर। भारतरत्न एवं राष्ट्र ऋषि के रूप में विख्यात नानाजी देशमुख की 16वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ईस्ट मित्रों सहित सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आदर्शों को स्मरण किया।
कार्यक्रम की शुरुआत पुष्पांजलि अर्पण के साथ हुई, जिसमें उपस्थित जनों ने नानाजी देशमुख के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके द्वारा समाजोत्थान, ग्राम विकास और स्वावलंबन के क्षेत्र में किए गए कार्यों को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि नानाजी ने अपने जीवन को राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित कर दिया था और उनका योगदान सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
कृषि विज्ञान केंद्र की प्रदर्शनी बनी विशेष आकर्षण

पुण्यतिथि कार्यक्रम के अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा कृषि एवं ग्रामीण विकास से संबंधित प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी में आधुनिक कृषि तकनीक, जैविक खेती, उन्नत बीज, कृषि उपकरण एवं नवाचारों की जानकारी दी गई। उपस्थित लोगों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर कृषि क्षेत्र में हो रहे नवीन प्रयोगों और योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।
विशेषज्ञों ने किसानों को उत्पादन बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा आत्मनिर्भर खेती की दिशा में प्रेरित किया। प्रदर्शनी ने ग्रामीण विकास और कृषि उन्नति के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भंडारे में प्रसाद ग्रहण

कार्यक्रम के समापन पर सामूहिक भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। श्रद्धा, सेवा और समरसता के वातावरण में संपन्न इस आयोजन ने नानाजी देशमुख के “समाज प्रथम” के संदेश को पुनः जीवंत कर दिया।
प्रेरणादायी जीवन

नानाजी देशमुख ने शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्राम विकास और स्वावलंबन के क्षेत्र में अनेक उल्लेखनीय कार्य किए। उनका जीवन सादगी, सेवा और राष्ट्र निर्माण की भावना का प्रतीक रहा। 16वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संदेश देता है।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित सभी जनों ने संकल्प लिया कि वे राष्ट्रहित एवं समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाते रहेंगे और नानाजी के बताए मार्ग पर चलकर समाज को सशक्त बनाने में योगदान देंगे।








