Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

9 मार्च 2026: भारी गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 2000 से अधिक अंक टूटा

Author Image
Written by
HQ Report

नई दिल्ली। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार, 9 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों के बीच घबराहट और बिकवाली का माहौल देखने को मिला। प्रमुख सूचकांक BSE Sensex लगभग 2000 से 2400 अंकों तक लुढ़क गया, जबकि Nifty 50 करीब 600 से 700 अंकों की गिरावट के साथ 23,700 से 23,800 के स्तर के आसपास ट्रेड करता दिखाई दिया।

 

Advertisement Box

विशेषज्ञों के अनुसार बाजार की इस गिरावट के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण जिम्मेदार हैं। मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक बाजारों की कमजोरी जैसे कारकों ने निवेशकों की धारणा को कमजोर किया है।

 

शुरुआती कारोबार के कुछ ही मिनटों में निवेशकों की संपत्ति में लाखों करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजार में अस्थिरता और चिंता का माहौल बन गया।

 

बाजार खुलते ही आई तेज गिरावट

 

सोमवार सुबह जब बाजार खुला तो शुरुआती मिनटों में ही भारी दबाव देखने को मिला। कई बड़ी कंपनियों के शेयर तेजी से गिरने लगे। बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली।

 

विश्लेषकों के अनुसार बाजार में गिरावट की मुख्य वजह निवेशकों का जोखिम से बचने की प्रवृत्ति है। जब भी वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं और शेयर बाजार में बिकवाली बढ़ जाती है।

 

इसका असर सोमवार को भारतीय बाजार में साफ दिखाई दिया।

 

सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट

 

भारतीय शेयर बाजार के दो प्रमुख सूचकांक—सेंसेक्स और निफ्टी—देश की आर्थिक गतिविधियों और निवेशकों की धारणा का प्रतिनिधित्व करते हैं।

 

सोमवार को इन दोनों सूचकांकों में तेज गिरावट देखी गई।

 

सेंसेक्स लगभग 2000–2400 अंक तक गिर गया।

 

निफ्टी करीब 600–700 अंक टूटकर 23,700–23,800 के आसपास पहुंच गया।

 

 

यह गिरावट इस बात का संकेत है कि बाजार में व्यापक स्तर पर बिकवाली हुई है और निवेशकों का भरोसा फिलहाल कमजोर पड़ा है।

 

निवेशकों की संपत्ति में भारी गिरावट

 

शेयर बाजार में गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ता है।

 

सोमवार को शुरुआती कारोबार में ही बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में लाखों करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई।

 

जब बड़ी कंपनियों के शेयर गिरते हैं तो उनका बाजार मूल्य भी कम हो जाता है, जिससे कुल मार्केट कैप में कमी आती है।

 

इसका असर छोटे निवेशकों से लेकर बड़े संस्थागत निवेशकों तक सभी पर पड़ता है।

 

गिरावट के मुख्य कारण

 

1. मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव

 

शेयर बाजार की गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण मध्य पूर्व में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव माना जा रहा है।

 

मिडिल ईस्ट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल उत्पादक क्षेत्रों में से एक है। जब इस क्षेत्र में युद्ध या तनाव की स्थिति बनती है तो उसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।

 

निवेशक ऐसे समय में जोखिम लेने से बचते हैं और शेयर बाजार में निवेश कम कर देते हैं।

 

2. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

 

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़कर लगभग 110 से 116 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई हैं।

 

भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातकों में से एक है। इसलिए तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर सीधे पड़ता है।

 

तेल महंगा होने से

 

परिवहन लागत बढ़ती है

 

महंगाई बढ़ सकती है

 

कंपनियों का मुनाफा कम हो सकता है

 

 

इन कारणों से निवेशकों की चिंता बढ़ जाती है और वे शेयर बेचने लगते हैं।

 

3. वैश्विक बाजारों की कमजोरी

 

भारतीय शेयर बाजार पर वैश्विक बाजारों का भी बड़ा प्रभाव पड़ता है।

 

सोमवार को एशियाई और अमेरिकी बाजारों में भी गिरावट देखी गई, जिसका असर भारतीय बाजार पर पड़ा।

 

जब वैश्विक बाजार कमजोर होते हैं तो विदेशी निवेशक उभरते बाजारों से पैसा निकालना शुरू कर देते हैं।

 

इसका असर भारत जैसे बाजारों पर तुरंत दिखाई देता है।

 

4. विदेशी निवेशकों की बिकवाली

 

विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भारतीय शेयर बाजार में बड़ी भूमिका निभाते हैं।

 

जब वैश्विक अनिश्चितता बढ़ती है तो ये निवेशक जोखिम कम करने के लिए उभरते बाजारों से निवेश निकाल लेते हैं।

 

सोमवार को भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिली, जिससे बाजार में बिकवाली बढ़ गई।

 

5. बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में दबाव

 

बैंकिंग सेक्टर भारतीय बाजार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

 

सोमवार को बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव पड़ा।

 

जब बैंकिंग सेक्टर गिरता है तो उसका असर पूरे बाजार पर पड़ता है क्योंकि बैंकिंग कंपनियों का सूचकांकों में बड़ा वेटेज होता है।

 

कौन-कौन से सेक्टर प्रभावित

 

सोमवार की गिरावट का असर लगभग सभी सेक्टरों पर देखने को मिला, लेकिन कुछ सेक्टरों में ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।

 

बैंकिंग सेक्टर

 

सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग सेक्टर में देखा गया। बड़े निजी और सरकारी बैंकों के शेयरों में भारी गिरावट आई।

 

आईटी सेक्टर

 

आईटी कंपनियों के शेयर भी दबाव में रहे क्योंकि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता का असर आईटी सेवाओं की मांग पर पड़ सकता है।

 

ऑटो सेक्टर

 

ऑटो कंपनियों के शेयर भी गिरावट के साथ ट्रेड करते दिखाई दिए।

 

मेटल सेक्टर

 

मेटल कंपनियों के शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली।

 

छोटे निवेशकों पर असर

 

शेयर बाजार में गिरावट का सबसे ज्यादा असर छोटे निवेशकों पर पड़ता है।

 

कई छोटे निवेशक घबराकर अपने शेयर बेच देते हैं, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है।

 

विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में गिरावट के दौरान घबराने की बजाय धैर्य रखना जरूरी है।

 

लंबी अवधि के निवेशकों के लिए ऐसे समय को अक्सर निवेश के अवसर के रूप में भी देखा जाता है।

 

बाजार में वोलाटिलिटी बढ़ने की संभावना

 

विश्लेषकों का कहना है कि आज बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

 

कभी-कभी गिरावट के बाद बाजार में रिकवरी भी आती है, लेकिन फिलहाल बाजार का सेंटीमेंट कमजोर बना हुआ है।

 

इसलिए निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

 

ट्रेडर्स की रणनीति

 

ऐसे समय में कई ट्रेडिंग विशेषज्ञ “Sell on Rise” की रणनीति अपनाने की सलाह देते हैं।

 

इसका मतलब है कि यदि बाजार में थोड़ी तेजी आती है तो उस समय मुनाफा लेकर निकल जाना बेहतर माना जाता है।

 

इसके अलावा

 

स्टॉप लॉस लगाना

 

अधिक जोखिम न लेना

 

छोटी अवधि की ट्रेडिंग में सावधानी रखना

 

 

जैसी सलाह भी दी जाती है।

 

क्या बाजार में रिकवरी संभव है?

 

इतिहास बताता है कि शेयर बाजार में गिरावट स्थायी नहीं होती।

 

कई बार बड़ी गिरावट के बाद बाजार में मजबूत रिकवरी भी देखने को मिलती है।

 

यदि वैश्विक स्थिति में सुधार होता है और कच्चे तेल की कीमतें स्थिर होती हैं तो बाजार में सुधार संभव है।

 

विशेषज्ञों की राय

 

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है।

 

लंबी अवधि के निवेशकों को मजबूत कंपनियों में निवेश बनाए रखना चाहिए।

 

हालांकि अल्पकालिक ट्रेडर्स को बाजार की अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतनी चाहिए।

 

निवेशकों के लिए सलाह

 

1. घबराकर शेयर न बेचें

 

 

2. मजबूत कंपनियों में निवेश बनाए रखें

 

 

3. लंबी अवधि का नजरिया रखें

 

 

4. जोखिम प्रबंधन पर ध्यान दें

 

 

5. विशेषज्ञों की सलाह लेकर निवेश करें

 

9 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई और निवेशकों की संपत्ति में लाखों करोड़ रुपये की कमी आई।

 

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक बाजारों की कमजोरी इस गिरावट के मुख्य कारण रहे।

 

हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य है और लंबी अवधि के निवेशकों को धैर्य बनाए रखना चाहिए।

 

आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और निवेशकों की धारणा के आधार पर बाजार की दिशा तय होगी।

19 मार्च 2026 का राशिफल—चैत्र नवरात्रि के पहले दिन 4 राशियों पर बरसेगी माता दुर्गा की विशेष कृपा, जानिए आपका आज का दिन कैसा रहेगा
आज फोकस में

19 मार्च 2026 का राशिफल—चैत्र नवरात्रि के पहले दिन 4 राशियों पर बरसेगी माता दुर्गा की विशेष कृपा, जानिए आपका आज का दिन कैसा रहेगा

<span style=9 मार्च 2026: भारी गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 2000 से अधिक अंक टूटा">
आज फोकस में

9 मार्च 2026: भारी गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 2000 से अधिक अंक टूटा

Employees’ Provident Fund Organisation ने 8.25% ब्याज दर बरकरार रखी
आज फोकस में

Employees’ Provident Fund Organisation ने 8.25% ब्याज दर बरकरार रखी

₹28 प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान: CRISIL ने निवेशकों को दिया बड़ा तोहफा, 16 फरवरी को स्टॉक में दिख सकती है जोरदार हलचल
आज फोकस में

₹28 प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान: CRISIL ने निवेशकों को दिया बड़ा तोहफा, 16 फरवरी को स्टॉक में दिख सकती है जोरदार हलचल

एसटीटी हाइक पर एफआईआई का बड़ा रिस्पॉन्स, एक दिन में भारी बिकवाली से पूरा महीना हुआ नेगेटिव
आज फोकस में

एसटीटी हाइक पर एफआईआई का बड़ा रिस्पॉन्स, एक दिन में भारी बिकवाली से पूरा महीना हुआ नेगेटिव

आईटी सेक्टर में गिरावट के बीच HCL Tech और Tech Mahindra सहित चार स्टॉक खरीदें, ब्रोकरेज ने दिये बड़े टारगेट
आज फोकस में

आईटी सेक्टर में गिरावट के बीच HCL Tech और Tech Mahindra सहित चार स्टॉक खरीदें, ब्रोकरेज ने दिये बड़े टारगेट

आज का राशिफल

वोट करें

भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम के बाद कांग्रेस ने संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। क्या सरकार को इस पर विचार करना चाहिए?

Advertisement Box
Advertisement Box

और भी पढ़ें